हाईकाेर्ट : कृषि विज्ञान केन्द्र कर्मचारियों को पेंशन लाभ के मामले में केंद्र व राज्य सरकार से जवाब तलब
हाईकाेर्ट : कृषि विज्ञान केन्द्र कर्मचारियों को पेंशन लाभ के मामले में केंद्र व राज्य सरकार से जवाब तलब
प्रयागराज, 26 अगस्त। इलाहाबाद उच्च न्यायालय ने कृषि विज्ञान केंद्र के कर्मचारियों को सेवानिवृत्ति लाभ दिलाने से जुड़ी एक याचिका पर केंद्र सरकार और अन्य प्रतिवादियों से जवाब मांगा है। न्यायमूर्ति सिद्धार्थ नंदन की एकल पीठ ने यह आदेश सतीश कुमार व 34 अन्य की याचिका पर पारित किया।
याचिकाकर्ताओं ने अदालत से मांग की है कि उन्हें भी सरदार वल्लभ भाई पटेल कृषि एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय, मेरठ के कर्मचारियों के समान पेंशन, पारिवारिक पेंशन सहित सभी सेवानिवृत्ति लाभ दिए जाएं।
वरिष्ठ अधिवक्ता ने अदालत में समझौता ज्ञापन की धारा 8 का हवाला दिया, जिसमें कहा गया है कि कृषि विज्ञान केंद्र के कर्मचारी सुविधाओं, भत्तों और अन्य लाभों के मामले में विश्वविद्यालय के अन्य कर्मचारियों के समकक्ष माने जाएंगे। उन्होंने भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद के महानिदेशक द्वारा उत्तर प्रदेश के मुख्य सचिव को लिखा एक पत्र भी पेश किया, जिसमें बताया गया कि कृषि विज्ञान अलग-अलग होस्ट संस्थाओं द्वारा संचालित होते हैं लेकिन उनकी सैलरी भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद वहन करता है। इसलिए तर्क दिया गया कि प्रमोशन और सेवानिवृत्ति लाभों सहित सभी सेवा लाभों के वे हकदार हैं।
विश्वविद्यालय की ओर से कहा गया कि इसी विषय से जुड़ा एक अन्य मामला लंबित है, जिसमें संबंधित सरकारी आदेश को चुनौती दी गई है।
न्यायालय ने माना कि मामले पर विस्तृत विचार आवश्यक है। प्रतिवादियों को प्रतिशपथपत्र दाखिल करने के लिए चार सप्ताह और याचिकाकर्ताओं को उसके बाद प्रत्युत्तर शपथपत्र के लिए दो सप्ताह का समय दिया गया है।