प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना में उत्तर प्रदेश ने बनाया नया रिकॉर्ड, लक्ष्य से 102.13% अधिक पंजीकरण

प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना में उत्तर प्रदेश ने बनाया नया रिकॉर्ड, लक्ष्य से 102.13% अधिक पंजीकरण

प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना में उत्तर प्रदेश ने बनाया नया रिकॉर्ड, लक्ष्य से 102.13% अधिक पंजीकरण

लखनऊ, 05 अगस्त । उत्तर प्रदेश ने प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना (पीएमएमवीवाई) के प्रभावी क्रियान्वयन में नया कीर्तिमान स्थापित किया है। वित्तीय वर्ष 2026-27 में 31 जुलाई तक प्रदेश ने निर्धारित लक्ष्य का 102.13 प्रतिशत हासिल कर देश के अग्रणी राज्यों में अपनी मजबूत उपस्थिति दर्ज कराई है। महिला कल्याण एवं बाल विकास विभाग की अपर मुख्य सचिव लीना जौहरी ने बताया कि सरकार ने तीन लाख 97 हजार 567 गर्भवती एवं धात्री महिलाओं के पंजीकरण का लक्ष्य तय किया था, जबकि विभागीय अधिकारियों, आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं और आशा बहुओं के समन्वित प्रयासों से चार लाख छह हजार 058 महिलाओं का पंजीकरण किया गया। महिला एवं बाल विकास विभाग की मिशन मोड में कार्यशैली, मजबूत आंगनबाड़ी नेटवर्क और डिजिटल मॉनिटरिंग के कारण योजना का लाभ पात्र महिलाओं तक तेजी से पहुंच रहा है। इससे मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य को मजबूत करने के साथ सरकारी योजनाओं की जमीनी पहुंच भी बढ़ी है।

नियमित समीक्षा और ऑनलाइन मॉनिटरिंग से बढ़ी रफ्तार

योगी सरकार ने योजना को केवल औपचारिक प्रक्रिया तक सीमित न रखकर इसे अभियान का स्वरूप दिया। गांव-गांव और वार्ड-वार्ड तक पहुंचकर पात्र महिलाओं की पहचान और पंजीकरण सुनिश्चित करने के लिए विशेष अभियान चलाया गया। जिला स्तर से लेकर राज्य स्तर तक नियमित समीक्षा बैठकों, ऑनलाइन पोर्टल के माध्यम से निगरानी और समयबद्ध कार्रवाई ने पूरे अभियान को गति प्रदान की। इसके परिणामस्वरूप सभी जिलों में मिशन मोड में कार्य करते हुए लक्ष्य से अधिक उपलब्धि हासिल की गई।

मातृत्व के दौरान पोषण और स्वास्थ्य जरूरतों को मिला आर्थिक संबल

योजना के तहत पात्र लाभार्थियों को आर्थिक सहायता भी तेजी से उपलब्ध कराई जा रही है। वित्तीय वर्ष 2026-27 में अब तक दो लाख 61 हजार 369 किस्तों के माध्यम से 86 करोड़ 55 लाख 62 हजार रुपये से अधिक की राशि सीधे लाभार्थियों के बैंक खातों में डायरेक्ट बेनिफिट ट्रांसफर के जरिए भेजी जा चुकी है। पहली संतान पर दो चरणों में पांच हजार रुपये तथा दूसरी संतान यदि बालिका हो तो छह हजार रुपये की सहायता प्रदान की जाती है। इससे गर्भवती एवं धात्री महिलाओं को पोषण और स्वास्थ्य संबंधी आवश्यकताओं को पूरा करने में आर्थिक सहयोग मिल रहा है।

संपूर्ण प्रक्रिया ऑनलाइन संचालित की जा रही

महिला कल्याण एवं बाल विकास विभाग की अपर मुख्य सचिव लीना जौहरी ने बताया कि प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना को पूरी तरह तकनीक आधारित, पारदर्शी और जवाबदेह बनाया गया है। आवेदन, सत्यापन, स्वीकृति एवं लाभार्थियों के खातों में भुगतान की संपूर्ण प्रक्रिया ऑनलाइन संचालित की जा रही है।