खाद्य प्रसंस्करण क्षेत्र में तेजी से बढ़ रहा निवेश, युवाओं एवं महिला उद्यमियों का बढ़ा रुझान : केशव प्रसाद मौर्य
खाद्य प्रसंस्करण क्षेत्र में तेजी से बढ़ रहा निवेश, युवाओं एवं महिला उद्यमियों का बढ़ा रुझान : केशव प्रसाद मौर्य
लखनऊ, 29 अगस्त । उत्तर प्रदेश सरकार खाद्य प्रसंस्करण क्षेत्र में निवेश को बढ़ावा देने, कृषि आधारित उद्योगों को प्रोत्साहित करने, किसानों की आय में वृद्धि तथा व्यापक रोजगार सृजन के उद्देश्य से यूपी खाद्य प्रसंस्करण उद्योग नीति 2023 का प्रभावी क्रियान्वयन कर रही है। यह बात उप मुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य ने शनिवार दी।
उन्होंने कहा कि इस नीति के सकारात्मक परिणाम अब स्पष्ट रूप से सामने आने लगे हैं। निवेश प्रस्तावों के त्वरित एवं पारदर्शी निस्तारण से प्रदेश में खाद्य प्रसंस्करण उद्योगों के प्रति निवेशकों का विश्वास लगातार मजबूत हो रहा है।
उप मुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य ने विश्वास व्यक्त किया कि उत्तर प्रदेश खाद्य प्रसंस्करण उद्योग नीति 2023 के प्रभावी क्रियान्वयन से प्रदेश में निवेश, औद्योगिक विकास, कृषि मूल्य संवर्धन, रोजगार सृजन तथा किसानों की आय बढ़ाने के लक्ष्य को नई गति मिलेगी और उत्तर प्रदेश देश के अग्रणी खाद्य प्रसंस्करण राज्यों में अपनी मजबूत पहचान स्थापित कर रहा है।
उप मुख्यमंत्री ने कहा कि यह अत्यंत उत्साहजनक है कि प्रदेश के नवयुवकों का रुझान पारम्परिक एवं पुश्तैनी व्यवसायों से आगे बढ़कर आधुनिक खाद्य प्रसंस्करण उद्योगों की स्थापना की ओर बढ़ रहा है। साथ ही महिला उद्यमी भी इस क्षेत्र में बढ़-चढ़कर निवेश कर रही हैं, जो प्रदेश में उद्यमिता एवं महिला सशक्तिकरण के लिए शुभ संकेत है। उन्होंने कहा कि उत्तर प्रदेश आज खाद्य प्रसंस्करण उद्योगों के लिए सुरक्षित, अनुकूल एवं आकर्षक निवेश गंतव्य के रूप में तेजी से उभर रहा है।
अपर मुख्य सचिव उद्यान एवं खाद्य प्रसंस्करण विभाग उत्तर प्रदेश शासन बी एल मीणा ने बताया कि उप मुख्यमंत्री के कुशल मार्गदर्शन में उत्तर प्रदेश में खाद्य प्रसंस्करण के क्षेत्र में निवेशकों का निवेश करने का रूझान तेजी के साथ बढ़ा है।खाद्य प्रसंस्करण के क्षेत्र में कुल 3.50 इकाइयाँ स्थापित कर उत्तर प्रदेश देश में प्रथम स्थान पर है।
खाद्य प्रसंस्करण उद्योग नीति-2023 के माध्यम से 579 इकाइयाँ, जिसमें प्रति इकाई लागत औसत 4 करोड़ है, की स्थापना की गयी है। रामपुर, बरेली में फल एवं सब्जी प्रोसेसिंग का हब, बिस्कुट, नमकीन के लिए कानपुर, वाराणसी एवं गोरखपुर में हब, बाराबंकी में रेडी टू ईट फल एवं सब्जियों के प्लान्ट, अमेठी में पशुओं के लिए संकेंद्रित आहार (दाना) उत्पादन, उन्नाव में मुर्गी दाना उत्पादन एवं देवरिया में मछली का फ्लोटिंग दाना उत्पादन की इकाइयाँ स्थापित की गई हैं। इन प्रयासों से करीब 15 हजार करोड़ इन्वेस्टमेंट हुआ है। उत्तर प्रदेश के लगभग 200 युवा, जो विदेशों में कार्यरत थे, द्वारा अपने उद्यम प्रदेश में स्थापित किये गये हैं. उत्तराखण्ड, बिहार, गुजरात, राजस्थान आदि राज्यों के उद्यमियों द्वारा प्रदेश में खाद्य प्रसंस्करण संयंत्र स्थापित किये गये हैं।