मुख्य सचिव ने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग से मंडलायुक्तों एवं जिलाधिकारियों के साथ की समीक्षा बैठक

मुख्य सचिव ने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग से मंडलायुक्तों एवं जिलाधिकारियों के साथ की समीक्षा बैठक

मुख्य सचिव ने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग से मंडलायुक्तों एवं जिलाधिकारियों के साथ की समीक्षा बैठक

लखनऊ, 01 जुलाई । मुख्य सचिव एसपी गोयल की अध्यक्षता में बुधवार काे वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से सभी मंडलायुक्तों एवं जिलाधिकारियों के साथ साप्ताहिक समीक्षा बैठक आयोजित की गई। बैठक में बेसिक शिक्षा, उत्तर प्रदेश राज्य ग्रामीण आजीविका मिशन, समाज कल्याण सहित विभिन्न विभागों की योजनाओं एवं कार्यक्रमों की प्रगति की विस्तृत समीक्षा की गई तथा समयबद्ध एवं प्रभावी क्रियान्वयन के निर्देश दिए गए।

बेसिक शिक्षा विभाग की समीक्षा के दौरान मुख्य सचिव ने बताया कि जिन विकास खंडों में कस्तूरबा गांधी बालिका विद्यालय संचालित नहीं हैं, वहां कक्षा 6 से 12 तक के लिए आवासीय बालिका विद्यालय स्थापित किए जाने का निर्णय लिया गया है। उन्होंने सभी मंडलायुक्तों एवं जिलाधिकारियों को निर्देश दिए कि ऐसे विकास खंडों में तीन एकड़ निर्विवाद एवं उपयुक्त भूमि का चिन्हांकन कर 15 जुलाई तक संबंधित विभाग को सूचना उपलब्ध कराई जाए।

उन्होंने कहा कि स्कूल चलो अभियान का द्वितीय चरण एक जुलाई से प्रारंभ हो चुका है। विद्यालयों में बच्चों की नियमित उपस्थिति सुनिश्चित की जाए। उन्होंने शत-प्रतिशत नामांकन सुनिश्चित करने तथा बच्चों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा उपलब्ध कराने पर विशेष जोर दिया। उन्होंने कहा कि कोई भी बच्चा शिक्षा से वंचित न रहे, इसके लिए आशा कार्यकर्ता, आंगनवाड़ी कार्यकर्त्री, ईसीसीई एजुकेटर, शिक्षक-शिक्षिकाओं एवं विद्यालय प्रवेश समिति की सामूहिक जिम्मेदारी तय की जाए।

उत्तर प्रदेश राज्य ग्रामीण आजीविका मिशन की समीक्षा करते हुए मुख्य सचिव ने निर्देश दिए कि जनपद एवं ब्लॉक स्तर की समीक्षा बैठकों में विभागवार लक्षित लाभार्थियों, चिन्हित गतिविधियों एवं कार्यक्रमों की नियमित समीक्षा की जाए। उन्होंने स्वयं सहायता समूहों से मिलने वाले लाभों का व्यापक प्रचार-प्रसार करने तथा अधिकाधिक लोगों को समूहों से जोड़ने पर बल दिया।

उन्होंने निर्देश दिए कि प्रेरणा कैंटीन जिला चिकित्सालयों, डिग्री कॉलेजों तथा अन्य प्रमुख स्थानों पर स्थापित की जाएं। साथ ही लखपति महिला कार्यक्रम के अंतर्गत सभी विभागों द्वारा स्वयं सहायता समूहों के सदस्यों के लिए स्पष्ट वार्षिक लक्ष्य निर्धारित कर अभिसरण (Convergence) आधारित कार्ययोजना तैयार करायी जाए।

मुख्य सचिव ने निर्देश दिए कि प्रत्येक विभाग की समीक्षा बैठकों में लखपति महिला कार्यक्रम एवं स्वयं सहायता समूहों के अभिसरण को अनिवार्य एजेंडा बनाया जाए। अंतरविभागीय समन्वय से जुड़ी बाधाओं का त्वरित समाधान सुनिश्चित किया जाए।

उन्होंने डिजिटल आजीविका रजिस्टर एवं एमआईएस में लाभार्थियों की समयबद्ध एवं शुद्ध प्रविष्टि सुनिश्चित करने के निर्देश भी दिए। उन्होंने कहा कि जनपद स्तर पर एक लाख रुपये या उससे अधिक वार्षिक आय अर्जित करने वाली महिलाओं की संख्या में वृद्धि को लखपति महिला कार्यक्रम का प्रमुख परिणाम संकेतक मानते हुए प्रगति की समीक्षा की जाए।

मुख्य सचिव ने यह भी निर्देश दिए कि विभागीय कार्यक्रमों, बैठकों एवं प्रशिक्षणों में स्वयं सहायता समूहों द्वारा निर्मित उत्पादों की प्रदर्शनी एवं बिक्री, कैटरिंग, फूड काउंटर, स्टेशनरी आपूर्ति तथा अन्य सेवाओं को प्राथमिकता दी जाए, जिससे समूहों की आय में वृद्धि हो सके।

बैठक में बताया गया कि उत्तर प्रदेश राज्य ग्रामीण आजीविका मिशन के अंतर्गत अब तक 9.57 लाख स्वयं सहायता समूहों के माध्यम से 1.17 करोड़ परिवारों को जोड़ा जा चुका है।

समाज कल्याण विभाग की समीक्षा के दौरान मुख्य सचिव ने निर्देश दिए कि आदर्श ग्राम योजना के अंतर्गत न्यूनतम 70 अंक प्राप्त करने वाले ग्रामों को तत्काल आदर्श ग्राम घोषित किया जाए। जिन ग्रामों का विलेज डेवलपमेंट प्लान अभी तक तैयार नहीं हुआ है, उनका प्रारूप तत्काल तैयार कर जिला स्तरीय समिति से अनुमोदित कराया जाए। उन्होंने मुख्यमंत्री अभ्युदय योजना के नए सत्र के सुचारु संचालन के लिए शासनादेश के अनुरूप सभी आवश्यक तैयारियां समय से पूर्ण करने के निर्देश भी दिए।

इसके अलावा मुख्य सचिव ने मंडलीय, जनपद एवं तहसील न्यायालयों में पांच वर्ष से अधिक समय से लंबित वादों का विशेष अभियान चलाकर प्राथमिकता के आधार पर निस्तारण सुनिश्चित कराने के निर्देश दिए। बैठक में संबंधित विभागों के वरिष्ठ अधिकारीगण आदि उपस्थित थे।