पोषण और नियमित दवा से टीबी पर जीत संभव, मरीज उपचार बीच में न छोड़ें: डॉ. ए.के. तिवारी
पोषण और नियमित दवा से टीबी पर जीत संभव, मरीज उपचार बीच में न छोड़ें: डॉ. ए.के. तिवारी
प्रयागराज, 03 जुलाई । क्षय रोग (टीबी) का सफल उपचार तभी संभव है, जब मरीज नियमित रूप से दवाओं का सेवन करें और उपचार के साथ पौष्टिक आहार भी लें। यह बात शुक्रवार को जिला क्षय रोग नियंत्रण केंद्र में आयोजित कार्यक्रम में रोगियों को संबोधित करते हुए प्रयागराज के मुख्य चिकित्साधिकारी डॉ. ए. के. तिवारी ने कहा ।
उन्होंने कहा कि सरकार टीबी उन्मूलन के लक्ष्य को लेकर लगातार कार्य कर रही है। मरीजों को बेहतर उपचार के साथ पोषण सहयोग भी उपलब्ध कराया जा रहा है। इस दाैरान जिला क्षय रोग नियंत्रण केंद्र में आयोजित कार्यक्रम में मुख्य चिकित्साधिकारी डॉ. ए.के. तिवारी एवं जिला क्षय रोग अधिकारी डॉ. हेमंत कुमार सिंह ने रेड क्रॉस सोसायटी के सहयोग से 50 टीबी मरीजों को पोषण आहार किट वितरित की।
इस अवसर पर मुख्य चिकित्साधिकारी ने मरीजों से कहा कि चिकित्सकों द्वारा निर्धारित दवाओं का पूरा कोर्स नियमित रूप से करें और उपचार के दौरान उपलब्ध कराए जा रहे पौष्टिक आहार का भी स्वयं सेवन करें। उन्होंने बताया कि कुपोषण से टीबी होने की संभावना बढ़ जाती है और टीबी होने के बाद मरीज का पोषण स्तर भी प्रभावित होता है। ऐसे में संतुलित एवं पौष्टिक आहार उपचार को प्रभावी बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है।
कार्यक्रम में जिला क्षय रोग अधिकारी डॉ. हेमंत कुमार सिंह ने कहा कि टीबी मरीजों के बेहतर स्वास्थ्य लाभ के लिए दवा के साथ पोषण भी उतना ही आवश्यक है। उन्होंने सभी मरीजों से नियमित उपचार लेने और चिकित्सकीय सलाह का पालन करने की अपील की। स्वास्थ्य विभाग ने टीबी मुक्त भारत अभियान के तहत लोगों से समय पर जांच कराने, उपचार पूरा करने और टीबी के प्रति जागरूक रहने का भी आह्वान किया।