प्रयागराज: राकेश टिकैत बोले- किसानों का खर्च और कर्ज बढ़ रहा, आमदनी घट रही
मुंडेरा मंडी में किसान महापंचायत, भूमि अधिग्रहण में उचित मुआवजे और धान की MSP पर खरीद समेत 12 मांगें उठाईं
प्रयागराज, 26 अक्टूबर । भारतीय किसान यूनियन के राष्ट्रीय प्रवक्ता राकेश टिकैत ने सोमवार को प्रयागराज की मुंडेरा मंडी में आयोजित किसान महापंचायत में केंद्र और प्रदेश सरकार पर निशाना साधा। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार वोट चोरी करती है, किसानों का धान खरीदने में गड़बड़ी होती है और पढ़े-लिखे युवाओं को नौकरी नहीं मिल रही है। टिकैत ने भूमि अधिग्रहण, फसलों के उचित मूल्य, किसानों की बढ़ती लागत और घटती आमदनी समेत कई मुद्दे उठाए। उन्होंने कहा कि जनता चाहेगी तो सरकार बदल जाएगी।
महापंचायत में शामिल होने के लिए राकेश टिकैत ट्रैक्टर चलाकर पहुंचे। महिला ग्राम इंटर कॉलेज के पास से ट्रैक्टर रैली निकाली गई। किसानों के बीच से होते हुए वह मंच तक पहुंचे। इस दौरान किसानों ने ‘जय जवान, जय किसान’ और राकेश टिकैत के समर्थन में नारे लगाए। मंच पर पहुंचने पर स्थानीय किसान नेताओं ने उनका स्वागत किया। उन्हें भगवान की मूर्ति और तस्वीरें भेंट की गईं। महापंचायत में बड़ी संख्या में महिला किसान भी शामिल हुईं।
भूमि अधिग्रहण में उचित मुआवजा देने की मांग
राकेश टिकैत ने कहा कि देश में भूमि अधिग्रहण एक बड़ा मुद्दा है। फैक्ट्रियां बन रही हैं और राजमार्गों का निर्माण हो रहा है, लेकिन किसानों को उनकी जमीन का उचित मुआवजा नहीं मिल पा रहा है। उन्होंने कहा कि भारतीय किसान यूनियन उत्तर प्रदेश में किसानों की समस्याओं को लेकर जिला स्तर पर पंचायत कर रही है। चुनाव से छह महीने पहले होने वाली राजनीतिक बयानबाजी पर टिप्पणी करते हुए उन्होंने कहा कि ऐसी बातों पर जनता को सोच-समझकर भरोसा करना चाहिए।
किसानों की आमदनी घटने पर जताई चिंता
टिकैत ने कहा कि किसानों का खर्च और कर्ज बढ़ रहा है, जबकि आमदनी घट रही है। उन्होंने विपक्ष की भूमिका पर भी सवाल उठाए। असदुद्दीन ओवैसी को लेकर उन्होंने आरोप लगाया कि उनकी बयानबाजी से भाजपा को राजनीतिक लाभ मिलता है। टिकैत ने कहा कि किसानों के मुद्दों पर प्रभावी ढंग से संघर्ष करने की जरूरत है।
12 मांगों को लेकर महापंचायत
महापंचायत में किसानों ने विंध्य एक्सप्रेसवे, रिंग रोड और एयरोसिटी परियोजनाओं में उचित मुआवजा देने की मांग उठाई। भारतीय किसान यूनियन युवा के प्रदेश कार्यालय पर हमले के आरोपियों की गिरफ्तारी, जल सत्याग्रह आंदोलन की 20 मांगों का निस्तारण और किसानों पर दर्ज 12 मुकदमों की वापसी की मांग भी की गई।
किसानों ने प्रयागराज और कौशांबी में धान की न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) पर खरीद सुनिश्चित करने, प्राकृतिक आपदा और तूफान से नष्ट फसलों का मुआवजा देने तथा ग्रामीण क्षेत्रों में कम से कम 18 घंटे बिजली आपूर्ति की मांग रखी। इसके अलावा सरकारी समितियों पर खाद और गुणवत्तापूर्ण बीज की उपलब्धता, नहरों की सफाई, टेल तक पानी पहुंचाने और खराब सरकारी नलकूपों की मरम्मत का मुद्दा उठाया गया।
किसानों ने किसान सम्मान निधि की लंबित समस्याओं का समाधान, ग्रामीण सड़कों की मरम्मत, खेतों के चकरोड को अतिक्रमण मुक्त कराने और छुट्टा पशुओं की समस्या पर प्रभावी कार्रवाई की भी मांग की। महापंचायत में शामिल किसानों ने इन समस्याओं के समाधान के लिए प्रशासन से आवश्यक कदम उठाने की मांग की।