मां कल्याणी देवी के महागौरी स्वरूप के दर्शन को उमड़े श्रद्धालु, महाअष्टमी पर एक लाख से अधिक भक्त पहुंचे
वृषभ पर सवार मां महागौरी के दिव्य श्रृंगार ने मोहा मन, जयकारों से गूंजा कल्याणी धाम; शतचंडी महायज्ञ में भक्तों ने दी आहुतियां, महानवमी पर होगा कन्या पूजन और विशाल भंडारा
प्रयागराज, 18 अक्टूबर । महाअष्टमी के पावन अवसर पर शक्तिपीठ मां कल्याणी देवी मंदिर में भक्ति और श्रद्धा का अद्भुत संगम देखने को मिला। मां के महागौरी स्वरूप के दर्शन के लिए एक लाख से अधिक श्रद्धालु मंदिर पहुंचे। सुबह 5:30 बजे से मध्यरात्रि एक बजे तक पूरा कल्याणी क्षेत्र मां के जयकारों से गूंजता रहा। मंदिर में दर्शन-पूजन के लिए दिनभर भक्तों की कतारें लगी रहीं। शाम छह बजे से मध्यरात्रि 12 बजे तक मां के दिव्य श्रृंगार दर्शन के लिए श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ी।
महाअष्टमी पर मां कल्याणी देवी ने वृषभ (बैल) पर आरूढ़ होकर चतुर्भुजी महागौरी स्वरूप में भक्तों को दर्शन दिए। मां ने अपने हाथों में त्रिशूल, गदा और वरमुद्रा धारण की थी। सोने के आभूषणों और विविध प्रकार के सुगंधित पुष्पों से मां का मनोहारी श्रृंगार किया गया। मां के अलौकिक स्वरूप के दर्शन कर भक्त भावविभोर हो उठे। श्रद्धालुओं ने परिवार की सुख-समृद्धि, आरोग्य और मंगलमय जीवन की कामना की।

मंदिर में प्रातःकाल मंगला आरती पंडित श्याम पाठक ने उतारी। शाम को महाआरती और रात्रि में शयन आरती पंडित सुशील पाठक ने संपन्न कराई। आरती के दौरान मंदिर परिसर घंटा-घड़ियाल और मां के जयकारों से गूंज उठा। बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने अपने बच्चों का मुंडन और कर्णछेदन संस्कार भी कराया।
शतचंडी महायज्ञ में भक्तों ने दी आहुतियां
महाअष्टमी पर मंदिर परिसर में चल रहे शतचंडी महायज्ञ में श्रद्धालुओं ने विधि-विधान से पूजन-अर्चन कर आहुतियां दीं। यज्ञ में शामिल होकर भक्तों ने मां से परिवार और समाज के कल्याण की प्रार्थना की। शाम को महिलाओं की मंडली ने ढोल-मंजीरों की मधुर धुन पर मां के भजन गाए। भक्ति गीतों से पूरा मंदिर परिसर भक्तिमय हो उठा।
श्रद्धालुओं की भारी भीड़ को देखते हुए पुलिस बल के साथ मंदिर से जुड़े लोगों ने व्यवस्था संभाली। पंडित अनिल पाठक, कृष्ण कुमार पाठक, राजेश केसरवानी, दिलीप पाठक, राजेंद्र केसरवानी, मुकेश, विमल, धर्मेंद्र और राहुल सहित अन्य लोगों ने श्रद्धालुओं की सुविधा और मेले की व्यवस्था में सहयोग किया।
नवमी पर मां सिद्धिदात्री स्वरूप में देंगी दर्शन
मंदिर के मीडिया प्रभारी राजेश केसरवानी ने बताया कि सोमवार, 19 अक्टूबर को महानवमी पर मां कल्याणी देवी का श्रृंगार देवी सिद्धिदात्री स्वरूप में किया जाएगा। मां कमल पुष्प पर विराजमान होकर अपने हाथों में शंख, चक्र, गदा और पुष्प धारण करेंगी। सोने के जड़ाऊ आभूषणों और विभिन्न प्रकार के पुष्पों से मां का भव्य श्रृंगार किया जाएगा।

महानवमी पर सुबह कुमारी कन्याओं का पूजन कर उन्हें भोजन कराया जाएगा। इसके बाद विशाल भंडारे का आयोजन होगा। भंडारा सुबह आठ बजे से दोपहर 12 बजे तक और शाम 7:30 बजे से मध्यरात्रि 12 बजे तक चलेगा। शतचंडी महायज्ञ की पूर्णाहुति शाम चार बजे की जाएगी। मंदिर प्रबंधन ने श्रद्धालुओं से महानवमी पर मां के दर्शन-पूजन और धार्मिक आयोजनों में शामिल होकर पुण्य लाभ प्राप्त करने की अपील की है।