प्रयागराज साइबर ठगी: ऑनलाइन ठगी में गंवाए ₹11.90 लाख साइबर सेल ने कराए वापस, बैंक से समन्वय कर पूरी रकम दिलाई

खुल्दाबाद निवासी पीड़ित ने NCRP पोर्टल पर शिकायत दर्ज कराई थी। प्रयागराज साइबर सेल ने संबंधित बैंकों से तत्काल समन्वय कर ₹11,90,416 की पूरी रकम वापस करा दी।

प्रयागराज साइबर ठगी: ऑनलाइन ठगी में गंवाए ₹11.90 लाख साइबर सेल ने कराए वापस, बैंक से समन्वय कर पूरी रकम दिलाई

प्रयागराज, 06 सितंबर । साइबर अपराध से पीड़ित एक व्यक्ति को बड़ी राहत देते हुए साइबर सेल कमिश्नरेट प्रयागराज की टीम ने ऑनलाइन ठगी से गंवाए गए 11 लाख 90 हजार 416 रुपये वापस करा दिए। पीड़ित ने साइबर ठगी की शिकायत राष्ट्रीय साइबर अपराध रिपोर्टिंग पोर्टल (एनसीआरपी) पर दर्ज कराई थी। शिकायत पर त्वरित कार्रवाई करते हुए साइबर सेल की टीम ने धनराशि को पीड़ित के बैंक खाते में वापस कराया।

यह जानकारी रविवार को पुलिस उपायुक्त साइबर मनीष कुमार शांडिल्य ने दी। उन्होंने बताया कि प्रयागराज के खुल्दाबाद निवासी अभिरल सिंह पुत्र संजय सिंह के साथ ऑनलाइन धोखाधड़ी हुई थी। पीड़ित की शिकायत पर 3 सितंबर 2026 को एनसीआरपी पोर्टल पर शिकायत संख्या 23109260173220 दर्ज की गई। साइबर सेल प्रयागराज की टीम ने शिकायत का तत्काल संज्ञान लेते हुए संबंधित बैंकों से समन्वय किया और ठगी की रकम को वापस कराने की प्रक्रिया शुरू की। जांच के दौरान सामने आया कि पीड़ित ने Dewberry Enterprises Pvt. Ltd. नाम की कंपनी के नाम पर साइबर ठगी में रकम गंवाई थी। साइबर सेल की तत्परता से पूरी धनराशि 11,90,416 रुपये पीड़ित के खाते में वापस करा दी गई।



पुलिस उपायुक्त साइबर अपराध मनीष कुमार शांडिल्य ने बताया कि साइबर ठगी की शिकायत मिलने पर पुलिस टीम ने तत्काल कार्रवाई करते हुए संबंधित बैंकों से समन्वय किया। इसके परिणामस्वरूप पीड़ित के खाते से ठगी गई 11 लाख 90 हजार 416 रुपये की पूरी धनराशि वापस कराई गई है। उन्होंने लोगों से अपील की कि वे किसी अनजान व्यक्ति के साथ बैंक खाते, एटीएम कार्ड, ओटीपी अथवा अन्य गोपनीय जानकारी साझा न करें और साइबर ठगी होने पर तत्काल 1930 पर शिकायत दर्ज कराएं।



पुलिस ने लोगों से कहा है कि किसी अनजान व्यक्ति को बैंक खाते का विवरण या ओटीपी न दें। किसी के कहने पर ऑनलाइन माध्यम से नौकरी अथवा अन्य प्रलोभन के नाम पर रकम न भेजें। अपने नाम से जारी मोबाइल नंबरों की जानकारी TAFCOP पोर्टल के माध्यम से भी जांची जा सकती है। सोशल मीडिया पर संदिग्ध लिंक, विज्ञापन अथवा पार्ट-टाइम जॉब के झांसे से भी सावधान रहने की अपील की गई है।