पिछड़ा वर्ग आयोग ने अमेठी में जुटाए आरक्षण संबंधी सुझाव
पिछड़ा वर्ग आयोग ने अमेठी में जुटाए आरक्षण संबंधी सुझाव
अमेठी, 09 जुलाई । उत्तर प्रदेश राज्य स्थानीय ग्रामीण निकाय समर्पित पिछड़ा वर्ग आयोग की महत्वपूर्ण बैठक गुरुवार को कलेक्ट्रेट सभागार में आयोजित हुई। बैठक की अध्यक्षता आयोग के अध्यक्ष न्यायमूर्ति राम औतार सिंह ने की। इस दौरान आयोग ने स्थानीय निकायों में पिछड़े वर्ग के आरक्षण से जुड़े विभिन्न विषयों पर जनप्रतिनिधियों, अधिकारियों एवं सामाजिक संगठनों के प्रतिनिधियों से सुझाव और फीडबैक प्राप्त किया।
आयोग के अध्यक्ष एवं सदस्यों ने उपस्थित लोगों से संवाद करते हुए ग्रामीण क्षेत्रों में पिछड़े वर्ग की सामाजिक, आर्थिक एवं राजनीतिक स्थिति पर विस्तृत जानकारी प्राप्त की। बैठक में जनसंख्या, भूमि स्वामित्व, भूमिहीन परिवारों की संख्या, आजीविका के साधन, आय के स्रोत, सरकारी सेवाओं में भागीदारी तथा स्थानीय निकायों में राजनीतिक प्रतिनिधित्व जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर चर्चा की गई। बैठक में विभिन्न जनप्रतिनिधियों एवं संगठनों के प्रतिनिधियों ने अपने-अपने क्षेत्रों की परिस्थितियों के अनुरूप सुझाव प्रस्तुत किए। आयोग ने इन सुझावों को गंभीरता से अभिलेखित करते हुए पिछड़े वर्ग के सामाजिक एवं आर्थिक उत्थान, जनजागरूकता बढ़ाने तथा स्थानीय निकायों में आरक्षण व्यवस्था को अधिक प्रभावी और न्यायसंगत बनाने के संबंध में विचार-विमर्श किया।
आयोग के अध्यक्ष न्यायमूर्ति राम औतार सिंह ने कहा कि आयोग का उद्देश्य प्रदेश के पिछड़े वर्गों की वास्तविक सामाजिक, आर्थिक एवं शैक्षिक स्थिति का तथ्यपरक अध्ययन कर शासन को व्यवहारिक एवं न्यायसंगत अनुशंसाएं उपलब्ध कराना है। उन्होंने बताया कि अमेठी से प्राप्त सुझावों, तथ्यों एवं आंकड़ों का परीक्षण कर आयोग अपनी संस्तुतियां शासन को प्रेषित करेगा। बैठक शांतिपूर्ण एवं सकारात्मक वातावरण में संपन्न हुई। आयोग ने सभी प्रतिभागियों का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि जनसहभागिता से ही समाज के सभी वर्गों के हितों का समुचित संरक्षण सुनिश्चित किया जा सकता है।
बैठक में आयोग के सदस्य एस.पी. सिंह, संतोष कुमार विश्वकर्मा, बृजेश कुमार एवं अरविंद कुमार चौरसिया, जिला पंचायत अध्यक्ष राजेश अग्रहरि, जिलाधिकारी संजय चौहान, पुलिस अधीक्षक सरवणन टी, मुख्य विकास अधिकारी पूजा साहू सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी, ग्राम प्रधान, क्षेत्र पंचायत प्रमुख, जिला पंचायत सदस्य तथा सामाजिक एवं राजनीतिक संगठनों के प्रतिनिधि उपस्थित रहे।