प्रयागराज: ठोस कचरे का वैज्ञानिक निस्तारण जरूरी, उत्तर मध्य रेलवे ने रेलकर्मियों को किया जागरूक

ठोस अपशिष्ट प्रबंधन नियम-2026 पर जागरूकता एवं प्रदर्शन सत्र आयोजित; कचरे के सुरक्षित निस्तारण और स्वास्थ्य सुरक्षा पर दी गई जानकारी

प्रयागराज: ठोस कचरे का वैज्ञानिक निस्तारण जरूरी, उत्तर मध्य रेलवे ने रेलकर्मियों को किया जागरूक

प्रयागराज, 18 सितंब। स्वच्छता बनाए रखने के लिए कचरे का सही प्रबंधन और उसका वैज्ञानिक तरीके से निस्तारण जरूरी है। दैनिक जीवन और कार्यस्थल पर स्वच्छता के साथ स्वास्थ्य सुरक्षा का भी ध्यान रखना चाहिए। यह जानकारी उत्तर मध्य रेलवे मुख्यालय में आयोजित ठोस अपशिष्ट प्रबंधन नियम-2026 पर जागरूकता एवं प्रदर्शन सत्र में दी गई।

उत्तर मध्य रेलवे के जनसंपर्क अधिकारी अमित मालवीय ने बताया कि स्वच्छता ही सेवा, स्वच्छता पखवाड़ा एवं विशेष अभियान 6.0 के तहत रेलकर्मियों को ठोस अपशिष्ट प्रबंधन के प्रति जागरूक किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि कार्यस्थल और आसपास स्वच्छ वातावरण बनाए रखने के लिए कचरे को निर्धारित तरीके से एकत्र करने और उसका सुरक्षित निस्तारण करने की जानकारी प्रत्येक कर्मचारी को होनी चाहिए।

उत्तर मध्य रेलवे मुख्यालय के कार्मिक विभाग सभाकक्ष में आयोजित इस सत्र में सहायक स्वास्थ्य अधिकारी श्री अनिल कुमार पोद्दार ने ठोस अपशिष्ट प्रबंधन नियम-2026 के महत्वपूर्ण बिंदुओं की जानकारी दी। उन्होंने कचरे के विभिन्न स्रोतों और प्रकारों के बारे में बताया। साथ ही कचरे के वैज्ञानिक एवं सुरक्षित निस्तारण के प्रभावी तरीकों को भी समझाया।

सत्र में दैनिक जीवन और कार्यस्थल पर अपशिष्ट प्रबंधन के नियमों के पालन तथा स्वास्थ्य सुरक्षा से जुड़े महत्वपूर्ण पहलुओं पर भी चर्चा की गई। मुख्यालय में कार्यरत अधिकारियों और कर्मचारियों ने सत्र में उत्साहपूर्वक भाग लिया और स्वच्छता तथा अपशिष्ट प्रबंधन से संबंधित व्यावहारिक जानकारी प्राप्त की। रेलवे अधिकारियों के अनुसार ऐसे जागरूकता कार्यक्रमों का उद्देश्य कर्मचारियों में स्वच्छता के प्रति जिम्मेदारी की भावना बढ़ाना और अपशिष्ट के उचित प्रबंधन को व्यवहार का हिस्सा नेबनाना है।