पूर्व छात्र डॉ. नरेश चंद गुप्ता और निधि गुप्ता ने आईआईटी कानपुर को छात्रावास निर्माण के लिए दिए 10 करोड़ रुपये

पूर्व छात्र डॉ. नरेश चंद गुप्ता और निधि गुप्ता ने आईआईटी कानपुर को छात्रावास निर्माण के लिए दिए 10 करोड़ रुपये

पूर्व छात्र डॉ. नरेश चंद गुप्ता और निधि गुप्ता ने आईआईटी कानपुर को छात्रावास निर्माण के लिए दिए 10 करोड़ रुपये

कानपुर, 07 जुलाई

। छात्रावास केवल रहने की जगह नहीं होते, बल्कि यहीं से सीखने, नेतृत्व और आजीवन संबंधों की मजबूत नींव पड़ती है। डॉ. नरेश चंद गुप्ता का यह सहयोग हमारे विद्यार्थियों के लिए बेहतर शैक्षणिक और आवासीय वातावरण तैयार करने में मील का पत्थर साबित होगा।

यह बातें मंगलवार को भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान (आईआईटी) कानपुर के निदेशक प्रो. मणींद्र अग्रवाल ने संस्थान के पूर्व छात्र डॉ. नरेश चंद गुप्ता और निधि गुप्ता द्वारा छात्रावास अवसंरचना के विकास के लिए 10 करोड़ रुपये के योगदान देने के अवसर पर कही। आईआईटी कानपुर को उसके विशिष्ट पूर्व छात्र, प्रख्यात उद्यमी और प्रौद्योगिकी विशेषज्ञ डॉ. नरेश चंद गुप्ता तथा निधि गुप्ता ने छात्र आवासीय सुविधाओं के विस्तार के लिए 10 करोड़ रुपये का योगदान दिया है। इस राशि का उपयोग संस्थान में निर्माणाधीन हॉल ऑफ रेजिडेंस-15 के एक आवासीय टॉवर के निर्माण में किया जाएगा।

डॉ. गुप्ता और निधि गुप्ता का सहयोग इनमें से एक टॉवर के निर्माण में लगाया जाएगा। इस परिसर में अध्ययन कक्ष, मनोरंजन क्षेत्र, भोजनालय, सामूहिक बैठक स्थल तथा दिव्यांगजन के अनुकूल सुविधाएं विकसित की जाएंगी। साथ ही सौर ऊर्जा, वर्षा जल संचयन, ऊर्जा दक्ष प्रणालियों और पर्यावरण हितैषी निर्माण तकनीकों को भी शामिल किया जाएगा।

डॉ. नरेश चंद गुप्ता संस्थान के वर्ष 1988 बैच के पूर्व छात्र हैं। उन्होंने कंप्यूटर विज्ञान एवं अभियांत्रिकी में स्नातक की पढ़ाई के बाद अमेरिका के मैरीलैंड विश्वविद्यालय से परास्नातक और डॉक्टरेट की उपाधियां प्राप्त कीं। उनके योगदान के लिए उन्हें अनेक प्रतिष्ठित सम्मान मिल चुके हैं। वर्ष 2025 में भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान कानपुर ने उन्हें विशिष्ट पूर्व छात्र सम्मान से भी सम्मानित किया था।

इस अवसर पर डॉ. नरेश चंद गुप्ता ने कहा कि जहां उत्कृष्ट प्रतिभाएं एक साथ आती हैं, वहीं से महान विचार जन्म लेते हैं। उन्होंने कहा कि उन्हें ऐसे वातावरण के निर्माण में सहयोग देकर गर्व है, जहां युवा प्रतिभाएं सीख सकें, एक-दूसरे के साथ मिलकर काम कर सकें और समाज के लिए बड़े योगदान देने की प्रेरणा प्राप्त करें।

संस्थान के अनुसार हॉल ऑफ रेजिडेंस-15 परियोजना भविष्य की जरूरतों को ध्यान में रखकर विकसित की जा रही व्यापक अवसंरचना योजना का हिस्सा है। नई आवासीय सुविधाएं बढ़ती छात्र संख्या की आवश्यकताओं को पूरा करने के साथ विद्यार्थियों को बेहतर शैक्षणिक, सामाजिक और सामुदायिक वातावरण भी उपलब्ध कराएंगी।