वाराणसी नगर निगम ने डिजिटल पहल से रचा इतिहास: तीन माह में 1.07 करोड़ रुपये का रिकॉर्ड किराया वसूल कर राजस्व में की अभूतपूर्व वृद्धि

वामहापौर और नगर आयुक्त की दूरदर्शिता का परिणाम, क्यूआर कोड आधारित 'ऑनलाइन' भुगतान प्रणाली ने जमा करने की प्रक्रिया को बनाया सुगम और पारदर्शीराणसी नगर निगम ने डिजिटल पहल से रचा इतिहास: तीन माह में 1.07 करोड़ रुपये का रिकॉर्ड किराया वसूल कर राजस्व में की अभूतपूर्व वृद्धि

वाराणसी नगर निगम ने डिजिटल पहल से रचा इतिहास: तीन माह में 1.07 करोड़ रुपये का रिकॉर्ड किराया वसूल कर राजस्व में की अभूतपूर्व वृद्धि

वाराणसी, 06 जुलाई । उत्तर प्रदेश की सांस्कृतिक नगरी वाराणसी ने वित्तीय वर्ष 2025-26 के शुरुआती तीन महीनों (अप्रैल से जून) में नगर निगम की दुकानों से किराए की वसूली में एक नया कीर्तिमान स्थापित किया है। डिजिटलीकरण की दिशा में उठाए गए महत्वपूर्ण कदमों के परिणामस्वरूप, इन तीन महीनों में कुल 1.07 करोड़ रुपये का रिकॉर्ड किराया प्राप्त हुआ है। यह आंकड़ा पिछले वित्तीय वर्ष की इसी अवधि (अप्रैल-जून) में जमा हुए मात्र 15.42 लाख रुपये की तुलना में लगभग सात गुना अधिक है, जो राजस्व संग्रह में एक अभूतपूर्व उछाल को दर्शाता है और नगर निगम के लिए एक बड़ी वित्तीय सफलता है।

नगर निगम के वरिष्ठ अधिकारियों ने इस ऐतिहासिक उपलब्धि का श्रेय महापौर अशोक कुमार तिवारी और नगर आयुक्त अक्षत वर्मा की दूरदर्शी पहल को दिया है। उनके कुशल मार्गदर्शन में, नगर निगम प्रशासन ने सितंबर 2024 में एक अभिनव कदम उठाते हुए अपनी सभी 1734 दुकानों में किराया जमा करने के लिए क्यूआर कोड (QR Code) प्रणाली लागू की थी। इस डिजिटल पहल ने दुकानदारों को अपने घर या कार्यस्थल से ही, कभी भी और कहीं भी, आसानी से मासिक किराया जमा करने की सुविधा प्रदान की है। अब उन्हें किराया जमा करने के लिए नगर निगम कार्यालय जाने या लंबी कतारों में लगने की आवश्यकता नहीं पड़ती।

परिणामतः, क्यूआर कोड के माध्यम से दुकानदारों द्वारा नियमित रूप से और तत्परता से किराए का भुगतान किया जा रहा है, जिससे संग्रह दक्षता में उल्लेखनीय सुधार हुआ है। यह प्रणाली न केवल दुकानदारों के लिए सुविधाजनक साबित हुई है, बल्कि इससे नगर निगम के कर्मचारियों पर पड़ने वाला प्रशासनिक बोझ भी कम हुआ है और पारदर्शिता बढ़ी है।

आंकड़ों का गहन विश्लेषण दर्शाता है कि वित्तीय वर्ष 2024-25 के पूरे 12 महीनों में कुल 2.71 करोड़ रुपये का किराया एकत्र किया गया था। मौजूदा वित्तीय वर्ष 2025-26 के शुरुआती तीन महीनों में ही 1.07 करोड़ रुपये का आंकड़ा पार कर लेना यह स्पष्ट संकेत देता है कि इस वर्ष कुल किराया संग्रह में अभूतपूर्व वृद्धि होने की प्रबल संभावना है, जो पिछले वर्ष के कुल संग्रह को भी आसानी से पार कर सकता है।

यह सफलता न केवल नगर निगम के राजस्व को मजबूती देगी, बल्कि शहर के विकास कार्यों और नागरिक सुविधाओं में सुधार के लिए भी अतिरिक्त संसाधन उपलब्ध कराएगी। वाराणसी नगर निगम की यह उपलब्धि 'डिजिटल इंडिया' अभियान का एक उत्कृष्ट उदाहरण प्रस्तुत करती है, जहां प्रौद्योगिकी के प्रभावी उपयोग से प्रशासनिक दक्षता और जन-सुविधाओं में क्रांतिकारी बदलाव लाए जा सकते हैं। यह मॉडल अन्य नगर पालिकाओं और सरकारी संस्थाओं के लिए भी प्रेरणा का स्रोत बन सकता है।