पीएम सूर्यघर मुफ्त बिजली योजना के तहत प्रयागराज के 8853 लाभार्थियों के खाते में दी गई सब्सिडी धनराशि
पीएम सूर्यघर मुफ्त बिजली योजना के तहत प्रयागराज के 8853 लाभार्थियों के खाते में दी गई सब्सिडी धनराशि
प्रयागराज, 10 दिसंबर । प्रधानमंत्री सूर्यघर योजना के तहत केंद्र सरकार प्रयागराज के 8853 लाभार्थियों के खाते में सब्सिडी की धनराशि भुगतान कर दिया है। जबकि एक लाख घरों में सोलर रूफटाप लगाने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। यह जानकारी बुधवार को नवीन एवं नवीकरणीय ऊर्जा विकास अभिकरण यूं.पी. नेडा प्रभारी मो.शाहिद सिद्दीकी ने दी।
उन्होंने बताया कि पीएम सूर्यघर मुफ्त बिजली योजना के तहत केन्द्र और राज्य सरकार आम जनता को नवीन ऊर्जा के क्षेत्र में आत्मनिर्भर बनाने के साथ ही बिजली के बिल को जीरो करने का अभियान चला रही है। इस योजना के तहत घरेलू विद्युत उपभोक्ता अपने घर में स्वीकृत विद्युत भार के समतुल्य क्षमता का सोलर रूफटाप पावर प्लांट लगा सकता है। सरकार सोलर पावर प्लांट की अनुमानित लागत 65 हजार प्रति किलो वाट आती है। इसके लगाने से प्रतिमाह 75 प्रतिशत विद्युत में कमी आती है। दो किलो वाट के संयंत्र पर राज्य सरकार 15 हजार प्रति किलो वाट, अधिकतम 30 हजार का अनुदान दें रही है। इसके साथ ही केन्द्र सरकार प्रति किलो वाट 30 हजार रुपए, अधिकतम 60 हजार रुपए का अनुदान दें रही है। अर्थात दो किलो वाट पर 90 हजार रुपए का अनुदान दें रही है। इसी तरह तीन किलो वाट का सोलर पैनल स्थापित करने पर राज्य सरकार अधिकतम 30 हजार और केन्द्र सरकार अधिकतम 78 हजार का अनुदान उपलब्ध करा रही है। इस तरह 3 किलोवाट का सोलर पैनल स्थापित कराने पर एक लाख आठ हजार रुपए सीधे लाभार्थी के खाते में अनुदान राशि दी जा रही है। मो.शाहिद सिद्दीकी ने बताया कि प्रयागराज में इस वित्तीय वर्ष में 22 हजार 9 सौ 65 लोगों ने इस योजना का लाभ लेने के लिए आवेदन किया है। हालांकि अब तक 9 हजार सात सौ 19 घरों में सोलर पैनल स्थापित कर दिया गया है। केन्द्र एवं राज्य सरकार ने प्रयागराज के 8 हजार 8 सौ 53 लाभार्थियों के खाते में अनुदान राशि का भुगतान कर दिया है। उन्होंने लोगों से अपील किया है कि प्रयागराज के लोग बिजली बिल के खर्च को बचाने के लिए पीम सूर्यघर योजना का लाभ पाने के लिए विभाग के वेबसाइट पर जाकर आन-लाइन आवेदन करें और सरकार द्वारा दी जा रही अनुदान राशि लेकर विद्युत के क्षेत्र में आत्मनिर्भर बनें।