ग्रेनो वेस्ट से नोएडा एयरपोर्ट तक की राह होगी आसान
- 130 मीटर रोड को 120 मीटर चौड़ी रोड से जोड़ने की तैयारी- प्राधिकरण के एसीईओ सुमित यादव ने मौके का लिया जायजा - कंसल्टेंट से डिजाइन बनवाकर कार्य शुरू करने के दिए निर्देश
ग्रेटर नोएडा, 21 जुलाई । ग्रेटर नोएडा के 130 मीटर रोड को यीडा के 120 मीटर रोड से जोड़ा जाएगा। ग्रेटर नोएडा विकास प्राधिकरण ने इन दोनों मार्गों को जोड़ने के लिए करीब 3 किलोमीटर की सड़क बनाने की तैयारी शुरू कर दी है। सोमवार को ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण के एसीईओ सुमित यादव ने परियोजना विभाग की टीम के साथ 130 मीटर रोड का जायजा लिया और रोड बनाने के निर्देश दिए। इस रोड के बनने से गाजियाबाद, ग्रेनो वेस्ट और ग्रेटर नोएडा के निवासी नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट तक आसानी से पहुंच सकेंगे। इसके साथ ही घंघोला रोटरी बनाने के लिए भी कंसल्टेंट से डिजाइन बनवाने के निर्देश दिए।
दरअसल, 130 मीटर रोड ग्रेनो वेस्ट के चार मूर्ति चौक से सिरसा तक बनी है। हजारों वाहन रोजाना इस मार्ग से गुजरते हैं। नोएडा एयरपोर्ट के शुरू होने के बाद वाहनों को दबाव और बढ़ेगा। इसे ध्यान में रखते हुए ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण के सीईओ एनजी रवि कुमार के निर्देश पर चौड़ीकरण का कार्य भी चल रहा है। इस दूरी में बने गोलचक्करों को छोटा करने पर भी विचार हो रहा है। अब 130 मीटर रोड को यीडा के 120 मीटर रोड से जोड़ा जाएगा, ताकि नोएडा, गाजियाबाद, ग्रेनो वेस्ट और ग्रेटर नोएडा के निवासी 130 मीटर रोड के जरिए 120 मीटर रोड से होकर नोएडा एयरपोर्ट तक आसानी से पहुंच सकें। सीईओ के निर्देश पर सोमवार को एसीईओ सुमित यादव ने वरिष्ठ प्रबंधक नरोत्तम सिंह, प्रभारी वरिष्ठ प्रबंधक प्रभात शंकर और प्रबंधक अभिषेक पाल व अन्य के साथ मौके पर मुआयना किया। एसीईओ ने 130 मीटर रोड को 120 मीटर रोड से जोड़ने की परियोजना पर कार्य शुरू करने के निर्देश दिए। सिरसा के पास ईस्टर्न पेरिफेरल एक्सप्रेसवे को पार करने के लिए अंडरपास बनाने पर भी विचार किया जा रहा है। इस पर कंसल्टेंट से जल्द ही सलाह लेकर प्राधिकरण आगे बढ़ेगा। इसके साथ ही औद्योगिक सेक्टर ईकोटेक 9, 10 व 11 को जोड़ने के लिए घंघोला के पास रोटरी बनाने पर भी विचार किया जा रहा है। प्राधिकरण के एसीईओ सुमित यादव ने यहां भी मौका मुआयना किया और कार्य को आगे बढ़ाने पर जोर दिया। कंसल्टेंट से रोटरी की डिजाइन बनवाकर कार्य कराने के निर्देश दिए। इससे बुलंदशहर भी आना-जाना आसान हो जाएगा और औद्योगिक सेक्टरों में आवाजाही सुगम हो जाएगी।