महाकुम्भ के मेगा इवेंट ने भारत की क्षमता का प्रदर्शन किया

महाकुम्भ के मेगा इवेंट ने भारत की क्षमता का प्रदर्शन किया

महाकुम्भ के मेगा इवेंट ने भारत की क्षमता का प्रदर्शन किया

महाकुम्भ नगर, 26 फरवरी (हि.स.)। महाकुम्भ 2025 सिर्फ अपनी भव्यता के लिए ही नहीं, बल्कि मॉडर्न तकनीकों के सहारे दुनिया का सबसे बड़ा हेड काउंट करने के लिए भी याद किया जाएगा। महाकुम्भ का महाउत्सव भारत की भव्यता और आध्यात्मिक जीवंतता का प्रमाण है। इस वर्ष महाकुम्भ उत्सव ने 13 जनवरी से 26 फरवरी तक सफलतापूर्वक 66 करोड़ से अधिक श्रद्धालुओं का प्रयागराज में आगमन हुआ।

महाआयोजन की महातैयारियां : तीर्थयात्रियों की इतनी बड़ी भीड़ के स्वागत और प्रबंधन के लिए राज्य सरकार ने चाक-चौबंद व्यवस्था की थी। 4 हजार हेक्टेयर क्षेत्रफल महाकुम्भ नगर अपने आप में एक अलग ही दुनिया थी। महाकुम्भ में अत्याधुनिक तकनीक, बुनियादी ढांचे में वृद्धि और सतत योजना से जुड़ी अभूतपूर्व तैयारी के साथ, महाकुम्भ 2025 ने विभिन्न क्षेत्रों में प्रबंधन और वैश्विक सांस्कृतिक आदान-प्रदान में नये मानक स्थापित किये हैं।

जीवंत समृद्ध सांस्कृतिक विरासत का दर्शन : महाकुम्भ मेले में आस्था, संस्कृति और नवाचार का एक जीवंत समृद्ध सांस्कृतिक विरासत दर्शन हुआ। 'तेजस पंडाल' आकर्षक केंद्र बिंदु रहे। इस आयोजन ने कारीगरों को 'एक जिला, एक उत्पाद' प्रदर्शनी के माध्यम से अपनी प्रतिभा दिखाने के लिए एक भव्य मंच प्रदान किया। जबकि कलाग्राम भारतीय शिल्प, व्यंजनों और संस्कृति का एक जीवित संग्रहालय बनकर उभरा।

सुरक्षा और भीड़ प्रबंधन: मेले में यात्रियों को सुविधा और सुरक्षा प्रदान करने के लिये 50,000 से अधिक पुलिसकर्मी (अर्धसैनिक बल सहित), 14,000 होम गार्ड और 2,750 एआई-आधारित सीसीटीवी कैमरे तैनात किए गए थे। सुरक्षा और आपदा तत्परता बढ़ाने के लिए एक अत्याधुनिक उपकरण भी तैनात किया गया है।

सार्वजनिक अवसंरचना: मुख्य परियोजनाओं में 14 नए फ्लाईओवर, 9 स्थायी घाट, 7 नए बस स्टैंड और 12 किलोमीटर अस्थायी घाट शामिल हैं। 200 से अधिक सड़कों का नव निर्माण या उन्नयन किया गया है। डेढ लाख शौचालय, 67 हजार स्ट्रीट लाइट, 488 किमी चकर्ड रोड, 30 पीपा पुल, 12 किमी में फैले 41 घाट, 1850 हेक्टेयर में पार्किंग एरिया, 25 हजार पब्लिक एकोमेडेशन, 1 लाख 60 हजार टेण्ट खुद ही महाकुम्भ की भव्यता की कहानी बयां करते हैं।

नेविगेशन: यात्रियों का मार्गदर्शन करने के लिए लगभग 800 बहु-भाषा साइनेज लगाए गए हैं। एक समर्पित ऐप भीड़-घनत्व, आपातकालीन अलर्ट, दिशानिर्देश और आवास विवरण पर वास्तविक समय अपडेट प्रदान करता है।

स्वास्थ्य और स्वच्छता : स्वास्थ्य सेवाओं में 6,000 बिस्तर, 43 अस्पताल सेवा देते रहे। इसके अतिरिक्त आयोजन के दौरान स्वच्छता बनाए रखने के लिए 10,200 सफाई कर्मचारी और 1,800 गंगा सेवक तैनात किए गए हैं।

आवास : महाकुंभ नगर को सुपर डीलक्स आवास सहित हजारों तंबू और आश्रय स्थलों के साथ एक अस्थायी शहर में बदल दिया गया है।

आकाशवाणी की कुंभवाणी: भक्तों और तीर्थयात्रियों को सूचना देने की महत्वपूर्ण पहल के तहत आकाशवाणी के कुंभवाणी समाचार बुलेटिन को महाकुम्भ नगर में सार्वजनिक संबोधन प्रणाली के माध्यम से दिन में तीन बार सीधा प्रसारित किया जाता रहा।

25 हजार नये राशन कार्ड : महाकुंभ मेले में प्रतिदिन लगभग 20,000 लोग मुफ्त भोजन का आनंद ले रहे हैं। उत्तर प्रदेश सरकार ने महाकुम्भ में श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए 25 हजार नए राशन कार्ड बनाए हैं। इस बार महाकुंभ में श्रद्धालुओं के लिए खास इंतजाम किए थे। 35 हजार से अधिक गैस सिलेंडर रीफिल कराये गये हैं तथा 3500 नए कनेक्शन भी जारी किये गए हैं। महाकुंभ के आयोजन में मुख्य रूप से अखाड़ों और कल्पवासियों के लिए खाद्य सामग्री उपलब्ध करायी गयी।

उत्तर प्रदेश सरकार ने भी पांच जोन और 25 सेक्टरों में कड़े खाद्य सुरक्षा उपाय लागू किए थे। खाद्य सुरक्षा अधिकारी होटलों, ढाबों और स्टालों पर स्वच्छता की निगरानी करते हैं, जबकि मोबाइल "फूड सेफ्टी ऑन व्हील्स" प्रयोगशालाएं मिलावट को रोकने के लिए मौके पर ही परीक्षण करती थी। 10 मोबाइल खाद्य प्रयोगशालाएं यह सुनिश्चित कर रही हैं कि वितरित और बेचा जाने वाला प्रत्येक भोजन उपभोग करने के लिए सुरक्षित और स्वच्छ हो।

महाकुंभ 2025 ने भागीदारी, बुनियादी ढांचे और वैश्विक आवभगत में नए रिकॉर्ड स्थापित किये हैं। 66 करोड़ से अधिक श्रद्धालुओं के साथ महाकुम्भ ने न केवल इसके धार्मिक महत्व की पुष्टि की है, बल्कि अद्वितीय योजना और कार्यान्वयन के साथ एक मेगा-इवेंट की मेजबानी करने की भारत की क्षमता का भी प्रदर्शन किया है।