स्टाफ नर्स का संदिग्ध अवस्था में फांसी पर लटका मिला शव
स्टाफ नर्स का संदिग्ध अवस्था में फांसी पर लटका मिला शव - पारिवारिक कलह व सीएमएस के उत्पीड़न के चलते स्टाफ नर्स ने की आत्महत्या - पुलिस ने शव कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम को भेजा
अयोध्या, 6 जुलाई )।सौ सैय्या संयुक्त चिकित्सालय कुमारगंज में स्टॉफ नर्स पद पर कार्यरत 38 वर्षीय महिला सीमा श्रीवास्तव का शव संदिग्ध परिस्थिति में पंखे से दुपट्टे के सहारे लटका मिलने के बाद अस्पताल कर्मियों में हड़कंप मच गया है। घटना की जानकारी पाकर कुमारगंज थानाध्यक्ष ओमप्रकाश एनडीए चौकी प्रभारी अभय प्रताप सिंह सहित भारी पुलिस फोर्स के साथ मौके पर पहुंचे और उन्होंने अस्पताल कर्मी महिला का शव फंदे से नीचे उतरवाया और अस्पताल पहुंचाया जहां इमरजेंसी के डॉक्टर अमित राय ने महिला को मृत घोषित कर दिया है। पुलिस ने महिला का शव कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है।
प्राप्त जानकारी के अनुसार महिला सीमा श्रीवास्तव अस्पताल में स्टाफ नर्स पद पर कार्यरत थी। रविवार की सुबह 9 बजे तक जब सीमा के सरकारी आवास संख्या द्वितीय / 26 का दरवाजा नहीं खुला तब आवासीय भवनाें में रह रहे अस्पताल कर्मी मौके पर पहुंचे और धक्का देकर सीमा के घर का दरवाजा खोला जहां देखा कि सीमा पंखे से दुपट्टे के सहारे संदिग्ध अवस्था में फांसी पर लटकी है और उनका एक पैर कुर्सी पर तथा दूसरा पैर तख्त पर रखा हुआ है। अस्पताल के डॉ. अरविंद कुमार मौर्य ने घटना की सूचना कुमारगंज पुलिस को दी। जानकारी पाकर मौके पर पहुंची पुलिस ने आनन-फानन में महिला का शव फंदे से नीचे उतरवाया और इलाज के लिए अस्पताल पहुंचाया। घटना के संबंध में स्थानीय लोगों ने बताया कि महिला सीमा श्रीवास्तव का मायका शुक्ल बाजार थाना क्षेत्र स्थित गयासपुर गांव में है। उसकी शादी कादीपुर तहसील क्षेत्र के मोतिगरपुर थाना क्षेत्र अंतर्गत पांडे बाबा के गोटसरा गांव निवासी भूपेंद्र श्रीवास्तव के साथ हुई थी। जिनके एक 15 वर्षीय बेटी भी है। विगत डेढ़ वर्ष से पारिवारिक विवाद चल रहा था और सीमा अस्पताल के आवास में ही रहती थी। चर्चा है कि महिला सीमा का अस्पताल के सामने मेडिकल स्टोर चलाने वाले एक मेडिकल स्टोर संचालक से नाजायज संबंध हो गया था । जिसका महिला के आवास पर आना-जाना लगा रहता था। पुलिसिया जांच पड़ताल में मेडिकल स्टोर संचालक युवक का पर्स भी पुलिस के हाथ लगा है।
अस्पताल के सीएमएस डॉ रवि पांडे अस्पताल परिसर से गायब मिले, जिन्हें अस्पताल कर्मियों सहित मौके पर पहुंची पुलिस ने सूचना दी। घटना के घंटों बाद भी वह अस्पताल नहीं पहुंच सके थे। उनके बारे में अस्पताल कर्मियों ने बताया कि वह बीते शनिवार को गोरखपुर/ कुशीनगर स्थित अपने पैतृक गांव चले गए थे। इस प्रकार से अस्पताल के जिम्मेदार अधिकारी सीएमएस का बिना विभागीय उच्चाधकारियों को पूर्व सूचना दिए अस्पताल से गायब हो जाना उनकी कार्यशैली पर स्वतः ही सवालिया निशान लगा रहा है। फिलहाल घटना के रहस्य का पर्दा पोस्टमार्टम रिपोर्ट और पुलिस की जांच के बाद ही उजागर हो सकेगा।