महीने में दो शनिवार कोर्ट खोलने के प्रस्ताव का हाईकोर्ट बार ने किया विरोध
महीने में दो शनिवार कोर्ट खोलने के प्रस्ताव का हाईकोर्ट बार ने किया विरोध
प्रयागराज, 30 जनवरी । महीने में दो शनिवार को उच्च न्यायालय खोलने के प्रस्ताव का इलाहाबाद हाईकोर्ट बार एसोसिएशन ने कड़ा विरोध किया है।
इस संबंध में बार एसोसिएशन की ओर से अवध बार एसोसिएशन, इलाहाबाद हाईकोर्ट लखनऊ बेंच सहित देश भर की हाईकोर्ट बार एसोसिएशनों और क्रिमिनल लॉ प्रैक्टिशनर एसोसिएशन, एडवोकेट एसोसिएशन को पत्र भेजकर एकजुट होकर विरोध करने का आह्वान किया गया है। पत्र में कहा गया है कि यह प्रस्ताव देखने में आकर्षक लग सकता है, लेकिन व्यावहारिक रूप से इससे न्याय की गुणवत्ता प्रभावित होगी और अधिवक्ताओं, न्यायिक बिरादरी व न्यायालय कर्मचारियों पर शारीरिक और मानसिक दबाव बढ़ेगा।
बार एसोसिएशन के अध्यक्ष वरिष्ठ अधिवक्ता राकेश पाण्डे बबुआ, महासचिव अखिलेश कुमार शर्मा और संयुक्त सचिव प्रेस रामेश्वर दत्त पांडेय के संयुक्त रूप से कहना है कि हाईकोर्ट सप्ताह में पहले ही पांच दिन सुबह दस बजे से शाम चार बजे तक कार्य करता है, जबकि अधिवक्ताओं का कार्य इससे कहीं अधिक समय लेता है। सुबह का समय मामलों की तैयारी में और शाम का समय नए मामलों या अगले दिन सूचीबद्ध मामलों को लिखवाने में व्यतीत होता है।
पत्र में यह भी कहा गया है कि जटिल और व्यापक तैयारी वाले मामलों पर अक्सर शनिवार और रविवार को ही गहन अध्ययन किया जाता है। अधिवक्ता इन्हीं दिनों विधिक पत्रिकाओं का अध्ययन कर अपने पेशेवर ज्ञान को अद्यतन करते हैं। ऐसे में महीने में दो शनिवार को अदालतें खुलने से कानूनी सहायता की गुणवत्ता और मुवक्किलों के प्रति अधिवक्ताओं के दायित्वों पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ेगा। बार एसोसिएशन के अध्यक्ष और महासचिव ने इस प्रस्ताव को कॉरपोरेट सोच से प्रेरित बताते हुए कहा कि अधिक कार्य घंटे का अर्थ बेहतर न्याय नहीं होता। प्रभावी और गुणवत्तापूर्ण न्याय के लिए तनावमुक्त वातावरण आवश्यक है। यह जानकारी हाईकोर्ट बार एसोसिएशन के संयुक्त सचिव प्रेस रामेश्वर दत्त पांडेय आरडी की ओर से दी गई।