सुरेश मिश्रा बने ऑक्सफोर्ड बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड्स के संरक्षक: एक ऐतिहासिक नियुक्ति
सुरेश मिश्रा बने ऑक्सफोर्ड बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड्स के संरक्षक: एक ऐतिहासिक नियुक्ति
जयपुर, 7 जुलाई । जयपुर के प्रतिष्ठित संस्कृति कर्मी, अनुभवी समाजसेवी और सक्रिय राजनेता सुरेश मिश्रा ने वैश्विक मंच पर भारत का नाम रोशन किया है। 7 जुलाई को ऑक्सफोर्ड, यूनाइटेड किंगडम के प्रसिद्ध और ऐतिहासिक ऑक्सफोर्ड यूनियन में आयोजित एक भव्य और गरिमामयी समारोह में उन्हें ऑक्सफोर्ड बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड्स (OBWR) का संरक्षक (Patron) नियुक्त किया गया। यह नियुक्ति भारतीय सामाजिक-सांस्कृतिक क्षेत्र के लिए एक महत्वपूर्ण उपलब्धि मानी जा रही है।
अतुलनीय योगदान की वैश्विक पहचान यह उच्च सम्मान सुरेश मिश्रा को उनके दशकों के निस्वार्थ वैश्विक सामाजिक कार्य, भारतीय संस्कृति के संवर्द्धन, लोक-कल्याण के प्रति अटूट प्रतिबद्धता और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर उनके असाधारण नेतृत्व के अतुलनीय योगदान की पहचान के रूप में प्रदान किया गया है। मिश्रा जी ने अपनी कर्मठता और दूरदर्शिता से समाज के विभिन्न वर्गों के उत्थान और सांस्कृतिक धरोहरों के संरक्षण में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है, जिसके लिए उन्हें यह वैश्विक प्रतिष्ठित पद से नवाजा गया है।
अधिकार और भूमिका का विस्तार ऑक्सफोर्ड बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड्स के निदेशक मंडल द्वारा जारी आधिकारिक पत्र में, निदेशकों पंकज हर्ष और आलोक शर्मा ने सुरेश मिश्रा की नियुक्ति को एक महत्वपूर्ण मील का पत्थर बताया। उन्होंने विशेष रूप से उल्लेख किया कि मिश्रा जी का दूरदर्शी नेतृत्व, उनकी उच्च नैतिक मूल्यों के प्रति अटूट निष्ठा और वैश्विक उत्कृष्टता के प्रति उनका समर्पण निश्चित रूप से ऑक्सफोर्ड बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड्स के दृष्टिकोण को नई ऊंचाइयों तक पहुँचाएगा और इसके मिशन को और अधिक सशक्त करेगा।
अपनी नई भूमिका में, सुरेश मिश्रा को यह महत्वपूर्ण अधिकार भी प्रदान किया गया है कि ऑक्सफोर्ड बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड्स द्वारा जारी किए गए सभी आधिकारिक प्रमाणपत्रों पर उनके हस्ताक्षर अंकित होंगे। यह उनके मार्गदर्शन, नैतिक अधिकार और इस प्रतिष्ठित वैश्विक पहल के प्रति उनके अटूट समर्थन का प्रत्यक्ष प्रतीक होगा। इसके अतिरिक्त, वे कला, विज्ञान, साहित्य, समाज सेवा और अन्य विविध क्षेत्रों से उन असाधारण व्यक्तियों के चयन की प्रक्रिया में सक्रिय रूप से शामिल होंगे, जिनका योगदान अंतरराष्ट्रीय स्तर पर गहन सम्मान और पहचान के योग्य है।
गरिमामयी उपस्थिति से सजा समारोह इस ऐतिहासिक नियुक्ति समारोह में देश-विदेश से अनेक प्रतिष्ठित हस्तियां और गणमान्य व्यक्ति उपस्थित रहे, जिन्होंने इस महत्वपूर्ण पल की शोभा बढ़ाई। विशेष रूप से, लंदन के पाँच बार सांसद रहे और ब्रिटिश-भारतीय समुदाय के एक प्रमुख चेहरा वीरेंद्र शर्मा इस गरिमामयी अवसर के साक्षी बने। उनकी उपस्थिति ने समारोह को और अधिक महत्व प्रदान किया। यूनाइटेड किंगडम, वियना, अमेरिका और कनाडा सहित विभिन्न देशों से ऑक्सफोर्ड बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड्स के अनेक वरिष्ठ अधिकारी भी उपस्थित थे, जो इस वैश्विक संगठन की व्यापक पहुंच को दर्शाता है। भारत से, प्रयागराज महाकुंभ के सम्मानित सलाहकार राकेश कुमार शुक्ला ने भी अपनी गरिमामयी उपस्थिति दर्ज कराकर इस अवसर को विशेष बनाया।
सुरेश मिश्रा की यह नियुक्ति न केवल उनके व्यक्तिगत समर्पण और उपलब्धियों का सम्मान है, बल्कि यह भारत के सामाजिक और सांस्कृतिक नेतृत्व के लिए एक वैश्विक पहचान भी है। उनकी नई भूमिका से ऑक्सफोर्ड बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड्स को नई दिशा मिलेगी और यह वैश्विक मंच पर उत्कृष्ट मानवीय प्रयासों को मान्यता देने के अपने मिशन को और अधिक प्रभावी ढंग से जारी रख पाएगा।