मत्स्य पालन से आत्मनिर्भर बनी रीता, हर माह 20 हजार की आमदनी
मत्स्य पालन से आत्मनिर्भर बनी रीता, हर माह 20 हजार की आमदनी
लखनऊ, 19 दिसंबर । उत्तर प्रदेश की योगी सरकार में राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन (एनआरएलएम) ग्रामीण महिलाओं के जीवन में सकारात्मक बदलाव ला रहा है। मिशन से जुड़कर गांव की गृहणियां न सिर्फ आत्मनिर्भर बन रही हैं, बल्कि अन्य महिलाओं के लिए भी रोजगार के नए अवसर सृजित कर रही हैं।
प्रयागराज मंडल के फतेहपुर जिले की रीता देवी इसकी सशक्त मिसाल हैं, जिन्होंने सीमित संसाधनों के बावजूद मेहनत और सरकारी सहयोग से अपनी जिंदगी की दिशा बदल दी। मलवा विकास खंड के डगरइया गांव की रहने वाली रीता देवी बताती हैं कि उनके पति सीमांत किसान हैं। पहले कच्चे मकान में रहना और सीमित आय में परिवार चलाना बेहद कठिन था। वर्ष 2017 में उन्होंने 10 महिलाओं के साथ मिलकर ‘जय संतोषी मां महिला स्वयं सहायता समूह’ का गठन किया। समूह के माध्यम से सीसीएल फंड से 1.40 लाख रुपये का ऋण लेकर उन्होंने गांव में मत्स्य पालन का कार्य शुरू किया। आज रीता देवी के पास मत्स्य पालन के तीन टैंक हैं, जिनसे उन्हें हर महीने 15 से 20 हजार रुपये की आमदनी हो रही है।
मत्स्य पालन से मिली आय ने रीता देवी के हौसले और बढ़ा दिए। उन्होंने आगे चलकर ब्यूटी पार्लर भी शुरू किया, जिससे आय में और इज़ाफा हुआ। आज उनके पास पक्का मकान है और उनके दोनों बच्चे पढ़ाई के लिए मुंबई में हैं। रीता देवी अब सिर्फ खुद तक सीमित नहीं हैं, बल्कि 10 से अधिक महिलाओं को रोजगार भी दे रही हैं।
अब रीता देवी 12 महिलाओं के साथ मिलकर मशरूम उत्पादन का कार्य शुरू कर रही हैं, जिसमें उन्हें शासन का पूरा सहयोग मिल रहा है। वे गांव की अन्य महिलाओं के लिए रोल मॉडल बन चुकी हैं।
फतेहपुर के उपायुक्त एनआरएलएम (स्वरोजगार) मुकेश कुमार ने बताया कि जिले में अब तक 18,344 महिला स्वयं सहायता समूह गठित किए जा चुके हैं। इनके माध्यम से 1 लाख 95 हजार परिवारों को आजीविका मिशन से जोड़ा गया है। उ