सीयू जम्मू और जीएमसी के बीच हुआ एमओयू, रिसर्च और डायग्नोस्टिक्स में सहयोग को मिलेगा बढ़ावा

सीयू जम्मू और जीएमसी के बीच हुआ एमओयू, रिसर्च और डायग्नोस्टिक्स में सहयोग को मिलेगा बढ़ावा

सीयू जम्मू और जीएमसी के बीच हुआ एमओयू, रिसर्च और डायग्नोस्टिक्स में सहयोग को मिलेगा बढ़ावा

जम्मू, 8 जुलाई ( शैक्षणिक और अनुसंधान सहयोग को सुदृढ़ बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम उठाते हुए आज केंद्रीय विश्वविद्यालय जम्मू और सरकारी मेडिकल कॉलेज जम्मू के बीच एक महत्वपूर्ण समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर किए गए। यह साझेदारी आणविक जीवविज्ञान, डायग्नोस्टिक्स और क्लिनिकल मेडिसिन के क्षेत्र में अनुसंधान और नवाचार को बढ़ावा देगी। सीयूजे का सेंटर फॉर मॉलिक्यूलर बायोलॉजी रोगों की आणविक जांच और इलाज पर केंद्रित अग्रणी अनुसंधान केंद्र बनकर उभरा है। वहीं जीएमसी जम्मू की वायरल रिसर्च एंड डायग्नोस्टिक लैब और मल्टीडिसिप्लिनरी रिसर्च यूनिट उच्च स्तरीय तकनीकी संसाधनों और अनुसंधान क्षमता से लैस हैं।

इस एमओयू का उद्देश्य क्लिनिकल अनुसंधान, डेटा विश्लेषण और प्रिसिजन मेडिसिन के लिए संयुक्त रणनीति विकसित करना है। साथ ही इसमें संयुक्त शैक्षणिक कार्यक्रम, छात्र-शिक्षक विनिमय और अंतरविषयक नवाचार को बढ़ावा देने की योजना है। समारोह में सीयू जम्मू के कुलपति प्रो. संजीव जैन ने कहा कि ऐसे सहयोग समाजहित में अनुसंधान के परिणामों को उपयोगी बनाने में सहायक हैं। वहीं जीएमसी जम्मू के प्राचार्य डॉ. आशुतोष गुप्ता ने इसे हेल्थकेयर में गुणवत्ता सुधार की दिशा में बड़ा कदम बताया। समारोह में दोनों संस्थानों के वरिष्ठ अधिकारी और प्रोफेसर उपस्थित थे, जिनमें प्रो. यशवंत सिंह, प्रो. राकेश कुमार झा, डॉ. शेली सहगल, डॉ. संजीव ढींगरा, डॉ. ज्योत्सना सूरी, डॉ. संदीप डोगरा, डॉ. सीमा और डॉ. राजेश महाजन प्रमुख रहे। यह सहयोग शिक्षा और चिकित्सा अनुसंधान के संगम का प्रतीक बनकर क्षेत्रीय स्वास्थ्य सेवाओं में क्रांतिकारी परिवर्तन ला सकता है।