कार्तिक पूर्णिमा पर लाखों श्रद्धालुओं ने गंगा में लगाई डुबकी, ट्रैफिक जाम के कारण घंटों फंसे रहे वाहन

कार्तिक पूर्णिमा पर लाखों श्रद्धालुओं ने गंगा में लगाई डुबकी, ट्रैफिक जाम के कारण घंटों फंसे रहे वाहन

पटना, 5 नवंबर । बिहार की राजधानी पटना में कार्तिक पूर्णिमा पर लाखों श्रद्धालुओं ने गंगा स्नान किया। बुधवार को पटना के गायघाट, कलेक्टर घाट, पटना कॉलेज घाट,दीघा एनआईटी घाट समेत विभिन्न गंगा घाटों पर श्रद्धालुओं की भीड़ देखने को मिली।

वास्तव में हिंदू धर्म में कार्तिक पूर्णिमा का विशेष महत्व है। इस दिन गंगा स्नान और दान-पुण्य को अत्यंत शुभ माना जाता है। मान्यता है कि इस दिन गंगा में स्नान करने से सभी पाप धुल जाते हैं और मोक्ष की प्राप्ति होती है। देशभर के प्रमुख तीर्थ स्थलों वाराणसी, हरिद्वार, ऋषिकेश, प्रयागराज और पटना में श्रद्धालुओं का सैलाब उमड़ता है। पटना में भी गंगा घाटों पर आस्था का यही नजारा देखने को मिला, जहां लाखों लोगों ने सुबह से ही पवित्र गंगा में डुबकी लगाई और भगवान भुवन भास्कर को अर्घ्य अर्पित किया।

गंगा स्नान के लिए श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ने के कारण शहर के कई प्रमुख मार्गों पर घंटों तक वाहन रेंगते रहे। भीषण जाम ने पटना की रफ्तार थाम दी। दीघा-एम्स एलिवेटेड रोड (पाटिल पथ) पूरी तरह जाम हो गया, जहां बसों, कारों, स्कूटी और ई-रिक्शा की लंबी कतारें लगी रहीं। यह पूरा कॉरिडोर देखते ही देखते अस्थायी पार्किंग लॉट में तब्दील हो गया। इस दौरान पैदल चलना भी मुश्किल हो गया और लोगों को अपने गंतव्य तक पहुंचने में घंटों का समय लग गया।

हजारों लोग मरीन ड्राइव और पाटिल पथ की ओर बढ़े, जिससे वहां भी धीरे-धीरे ट्रैफिक का दबाव बढ़ता गया। श्रद्धालुओं की यह भीड़ जल्द ही जाम में बदल गई और पूरे इलाके में वाहनों की आवाजाही ठप हो गई।

पटना ट्रैफिक पुलिस ने सुबह 11 बजे से ही ट्रैफिक डायवर्जन लागू कर दिया था। प्रशासन ने जाम से निपटने के लिए अतिरिक्त पुलिस बल की तैनाती की थी। लोगों से वैकल्पिक मार्ग अपनाने की अपील की गई थ, बावजूद इसके लोगों को जाम का सामना करना पड़ा।

यातायात पुलिस ने दीघा से गांधी सेतु की ओर जाने वाले वाहनों को बैरिया रोड और कंगन घाट की दिशा में मोड़ दिया। बावजूद इसके, लगातार बढ़ती भीड़ और श्रद्धालुओं के अनियंत्रित आवागमन के कारण जाम की स्थिति बिगड़ती चली गई। पुलिसकर्मी जगह-जगह तैनात थे, लेकिन वाहनों की लंबी कतारें हटाने में उन्हें सफलता नहीं मिल सकी। गायघाट पुल के नीचे भारी वाहनों की आवाजाही पर रोक के बावजूद पूरे क्षेत्र में ट्रैफिक जाम की स्थिति बनी रही।