काशी-तमिल संगमम : तमिलनाडु के पांचवें दल में पेशेवर और कारीगर पहुंचे काशी

— डमरू वादन और पुष्पवर्षा के बीच स्टेशन पर किया गया स्वागत

काशी-तमिल संगमम : तमिलनाडु के पांचवें दल में पेशेवर और कारीगर पहुंचे काशी

वाराणसी, 10 दिसंबर । उत्तर प्रदेश के वाराणसी में चल रहे काशी-तमिल संगमम में भाग लेने के लिए तमिलनाडु से पांचवां दल भी आज यहां पहुंच गया है। स्टेशन पर मेहमानों का पारंपरिक तरीके से स्वागत किया गया। इस दल में पेशेवर और कारीगर शामिल हैं।

तमिलनाडु से पांचवां दल विशेष ट्रेन से बनारस रेलवे स्टेशन पहुंचा। स्टेशन पर मेहमानों का पारंपरिक तरीके से डमरू वादन, पुष्प वर्षा और ‘हर-हर महादेव’ तथा 'वणक्कम काशी’ के उद्घोष से स्वागत किया गया। स्टेशन पर पारंपरिक स्वागत देखकर तमिल दल के सदस्यों में खासा उत्साह देखने को मिला। इस दल में बड़ी संख्या में पेशेवर और कारीगर शामिल हैं। स्वागत से अभिभूत सदस्यों का कहना है कि काशी में मिल रही गर्मजोशी और आध्यात्मिक वातावरण उनके लिए अविस्मरणीय रहेगा। काशी आध्यात्मिक नगरी है। यहां बाबा विश्वनाथ का दर्शन करने के बाद हम लोग एकेडमिक कार्यक्रम में शामिल होंगे। वहां बहुत कुछ सीखने और जानने को मिलेगा। इस दल के साथ आए कुछ ऐसे भी डेलीगेट दिखे जो काशी की धरती पर उतरते ही दंडवत लेट गए। उन्होंने कहा कि यह पवित्र धरती है, यहां आकर बहुत खुशी हुई है। दो राज्यों के संस्कृति और भाषा का मिलन हो रहा है। यह प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की परिकल्पना एक भारत श्रेष्ठ भारत का मजबूत स्तंभ है।