अखिलेश यादव की सरकार में स्वास्थ्य व्यवस्था थी बेहाल : उपमुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक
अखिलेश यादव की सरकार में स्वास्थ्य व्यवस्था थी बेहाल : उपमुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक
लखनऊ, 09 जून । उत्तर प्रदेश के उप मुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक ने समाजवादी पार्टी (सपा) के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव की सरकार के दौरान स्वास्थ्य की बेहाल स्थिति को लेकर निशाना साधा है। उपमुख्यमंत्री ने मंगलवार को सोशल मीडिया अकाउंट एक्स पर पोस्ट कर सपा सरकार की नाकामी गिनाई है।
ब्रजेश पाठक ने अपनी पोस्ट में कहा कि हमारे शास्त्रों में कहा गया है सपा प्रमुख “यस्य नास्ति स्वयं प्रज्ञा, शास्त्रं तस्य करोति किं। लोचनाभ्याम विहीनस्य, दर्पण:किं करिष्यति।।
अब आते हैं आंकड़े की बात पर तो देखिए कि, आपकी सरकार में 2012 से 2017 के बीच कितने सरकारी अस्पताल थे और आज नए उत्तर प्रदेश में कितनी स्वास्थ्य इकाइयां संचालित हैं। देश की आजादी यानि वर्ष 1947 से लेकर वर्ष 2017 तक उत्तर प्रदेश में केवल 17 सरकारी एवं 23 निजी मेडिकल कॉलेज थे और आज प्रदेश में 81 मेडिकल कॉलेज हैं। जिनमें से 51 सरकारी और 30 प्राइवेट क्षेत्र में हैं। यानि 70 वर्षों में प्रदेश को सिर्फ 40 मेडिकल कॉलेज मिले और यूपी में डबल इंजन वाली भाजपा सरकार के मात्र 9 वर्षों में 41 नए मेडिकल कॉलेजों की स्थापना हुई। प्रदेश में हर जिले में एक मेडिकल कॉलेज का सपना साकार हो रहा है।
आपकी सरकार में एमबीबीएस सीटों की संख्या लगभग 4500 थी, जो आज बढ़ कर 12500 के आसपास पहुंच गई हैं। हमारे अस्पतालों में आज हर दिन छोटे-बड़े करीब साढ़े छह हजार से 7000 ऑपरेशन होते हैं। हर दिन लगभग साढ़े चार से पांच लाख मरीजों की ओपीडी होती है। आज हर जनपद में डायलेसिस और सीटी स्कैन की सुविधा है। हमारे अस्पताल डिजिटल एक्स-रे मशीनों, ईसीजी मशीनों, मरीजों के लिए लाइफ-सेविंग पैरा मॉनिटर्स, वेंटिलेटर्स और मोतियाबिंद के छोटे चीरे वाले ऑपरेशन के लिए फेको मशीनों से लैस हैं।
उप मुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक ने आगे लिखा कि 5.5 करोड़ से अधिक आयुष्मान भारत कार्ड एवं 15.3 करोड़ से अधिक ABHA (आयुष्मान भारत हेल्थ अकाउंट) बना कर यूपी देश में नंबर एक पर है। राज्य में टेलीमेडिसिन और मोबाइल मेडिकल यूनिट्स के माध्यम से ग्रामीण क्षेत्रों तक स्वास्थ्य सुविधाओं की पहुंच आसान बन गई है।
सपा प्रमुख आपकी सरकार के कार्यकाल में ही स्वास्थ्य विभाग में हजारों करोड़ रुपये की 102 व 108 समाजवादी एम्बुलेंस योजना में गड़बड़ी और स्वास्थ्य विभाग भर्ती घोटाला भी हुआ था। तकनीकी पदों की भर्तियों में एक बड़ा फर्जीवाड़ा भी सामने आया था, जिसमें एक ही व्यक्ति की पहचान और दस्तावेजों का दुरुपयोग कर छह अलग-अलग जिलों में फर्जी नियुक्तियां प्राप्त की गई थीं। सालों तक अवैध रूप से वेतन निकाला जाता रहा था। आपकी सरकार में विश्व बैंक द्वारा पोषित करीब 700 करोड़ रुपये के 'यूपी हेल्थ सिस्टम स्ट्रेंथनिंग प्रोजेक्ट' घोटाले को भी जनता जनार्दन कभी नहीं भूल सकती। डॉक्टरों और विशेषज्ञों की कमी, ग्रामीण क्षेत्रों और दूरस्थ इलाके में बदहाल स्वास्थ्य केंद्र, महामारी और मौसमी बीमारियों का कुप्रबंधन आपकी ही सरकार की देन हैं। सपा प्रमुख मेरी आपको राय है कि दूसरों पर अंगुली उठाने से पहले अपने गिरबां में जरूर झांक कर देखा करिए।