जीएडी ने पीएम गति शक्ति पर 20 करोड़ रुपये से अधिक की परियोजनाओं का मानचित्रण करने का दिया आदेश
जम्मू-कश्मीर में एकीकृत बुनियादी ढांचा विकास को मिलेगा बढ़ावा
जम्मू, 16 जुलाई । जम्मू-कश्मीर के सामान्य प्रशासन विभाग (जीएडी) ने केंद्र शासित प्रदेश में बुनियादी ढांचा परियोजनाओं के निष्पादन में अभूतपूर्व दक्षता, पारदर्शिता और समन्वय लाने के उद्देश्य से एक महत्वपूर्ण और दूरगामी निर्देश जारी किया है। इस निर्देश के तहत, जम्मू-कश्मीर में 20 करोड़ रुपये या उससे अधिक की सिविल लागत वाली सभी नई या प्रस्तावित बुनियादी ढांचा परियोजनाओं को पीएम गति शक्ति राष्ट्रीय मास्टर प्लान (पीएमजीएस-एनएमपी) के डिजिटल प्लेटफॉर्म पर अनिवार्य रूप से मानचित्रित (मैप) किया जाएगा। यह कदम परियोजना दक्षता को बढ़ाकर और अंतर-विभागीय समन्वय को सुदृढ़ कर, समग्र विकास प्रक्रिया को गति देने की दिशा में एक अहम मील का पत्थर साबित होगा।
पृष्ठभूमि और उद्देश्य: आधिकारिक आदेश के अनुसार, यह निर्णय 24 फरवरी, 2023 को आयोजित सचिवों के अधिकार प्राप्त समूह (ईजीओएस) की बैठक के कार्यवृत्त के बाद लिया गया है। ईजीओएस, बुनियादी ढांचा परियोजनाओं के एकीकृत योजना और कार्यान्वयन में सुधार लाने के लिए एक उच्च-स्तरीय रणनीतिक निकाय है। इस निर्णय का प्राथमिक उद्देश्य विभिन्न विभागों के बीच 'साइलोड' (अलग-थलग) नियोजन की प्रथा को समाप्त करना और एक एकीकृत योजना तंत्र को बढ़ावा देना है, जिससे परियोजना कार्यान्वयन में तेजी लाई जा सके और संसाधनों का इष्टतम उपयोग सुनिश्चित हो सके।
पीएम गति शक्ति राष्ट्रीय मास्टर प्लान (पीएमजीएस-एनएमपी): पीएम गति शक्ति एक परिवर्तनकारी राष्ट्रीय मास्टर प्लान है, जो भारत के बुनियादी ढांचा विकास को एक समग्र और एकीकृत दृष्टिकोण प्रदान करने के लिए एक डिजिटल प्लेटफॉर्म पर आधारित है। इसका लक्ष्य विभिन्न मंत्रालयों और विभागों की बुनियादी ढांचा पहल को एक साथ लाना है ताकि मल्टी-मॉडल कनेक्टिविटी, कुशल रसद (लॉजिस्टिक्स) और लागत में कमी सुनिश्चित हो सके। यह प्लेटफॉर्म जियोस्पेशियल डेटा के उपयोग के माध्यम से परियोजनाओं की योजना बनाने, मूल्यांकन करने और निगरानी करने में मदद करता है। यह विभिन्न हितधारकों को एक ही मंच पर लाने और जटिल परियोजनाओं के लिए एक व्यापक दृष्टिकोण प्रदान करने की सुविधा देता है।
निर्देश का विवरण और निहितार्थ: जीएडी के आदेश में स्पष्ट रूप से कहा गया है कि दक्षता सुनिश्चित करने और एकीकृत योजना तथा कुशल समन्वय के माध्यम से परियोजना कार्यान्वयन में तालमेल को बढ़ावा देने के उद्देश्य से, सभी प्रशासनिक विभागों को यह आदेश दिया जाता है कि वे पीएम गति शक्ति राष्ट्रीय मास्टर प्लान (पीएमजीएस-एनएमपी) डिजिटल प्लेटफॉर्म पर 20 करोड़ रुपये और उससे अधिक की सिविल लागत वाली सभी नई/प्रस्तावित बुनियादी ढांचा परियोजनाओं का अनिवार्य रूप से मानचित्रण करें। इसमें सड़कें, रेलवे, पुल, ऊर्जा, दूरसंचार, जल आपूर्ति, भवन निर्माण और अन्य महत्वपूर्ण सार्वजनिक उपयोगिता परियोजनाएं शामिल होंगी।
संभावित लाभ: इस पहल से जम्मू-कश्मीर में कई महत्वपूर्ण लाभ होने की उम्मीद है:
- समन्वित योजना: विभिन्न विभागों के बीच बेहतर समन्वय होगा, जिससे ओवरलैप और अनावश्यक देरी से बचा जा सकेगा।
- दक्षता में वृद्धि: परियोजनाओं की योजना और निष्पादन में लगने वाले समय में कमी आएगी।
- लागत में कमी: बेहतर नियोजन और समन्वय से परियोजना अधिलागत (cost overruns) को नियंत्रित किया जा सकेगा।
- पारदर्शिता: डिजिटल प्लेटफॉर्म पर परियोजनाओं की स्थिति की निगरानी की जा सकेगी, जिससे अधिक पारदर्शिता आएगी।
- बेहतर निर्णय लेना: व्यापक डेटा और जियोस्पेशियल जानकारी के आधार पर बेहतर निर्णय लिए जा सकेंगे।
- संसाधन अनुकूलन: मानवशक्ति, सामग्री और वित्तीय संसाधनों का अधिक प्रभावी ढंग से उपयोग किया जा सकेगा।
यह कदम जम्मू-कश्मीर को राष्ट्रीय स्तर पर बुनियादी ढांचा विकास की गति को बनाए रखने और केंद्र शासित प्रदेश में एक मजबूत और आधुनिक बुनियादी ढांचे के निर्माण की दिशा में एक बड़ा कदम है।