आयकर अधिनियम के अंतर्गत टीडीएस व टीसीएस पर हुई चर्चा
आयकर अधिनियम के अंतर्गत टीडीएस व टीसीएस पर हुई चर्चा
प्रयागराज, 25 जून। जिला बार एसोसिएशन प्रयागराज ने गुरूवार को आयकर अधिनियम, 2025 के अंतर्गत टीडीएस और टीसीएस के प्रावधानों पर गोष्ठी आयोजित की। यह गोष्ठी राज्य जीएसटी भवन के कक्ष संख्या 29 में आयोजित की गई। वक्ता के रूप में वरिष्ठ चार्टर्ड अकाउंटेंट डॉ नवीन चंद्र अग्रवाल ने आयकर अधिनियम 2025 की पृष्ठभूमि बताते हुए कहा कि इसके अंतर्गत 1961 के अधिनियम में प्रदान व्यवस्थाओं को सुरक्षित रखा गया है। परिवर्तन भाषा के सरलीकरण, निरर्थक प्रावधानों को हटाने तथा अध्यायों के पुनर्गठन से सम्बंधित है।
उन्होंने कहा कि, 2025 के अधिनियम में नीतिगत परिवर्तन नहीं किया गया है, साथ ही कर की दरों को भी समान रखा गया है। अधिनियम में 819 से धाराएं घटकर 536 कर दी गई है। अध्याय 47 से घटाकर 23 है। मुख्य आकर्षण 16 अनुसूची शामिल की गई है। परिवर्तन के रूप में गत वर्ष और कर निर्धारण वर्ष के स्थान पर कर वर्ष शब्द का प्रयोग किया जाएगा। अतः वित्तीय वर्ष ही कर वर्ष होगा।
अग्रवाल ने टीडीएस के प्रावधानों की चर्चा करते हुए बताया कि फैले हुए प्रावधानों को मात्र तीन धाराओं में समेट दिया गया है। धारा 392 वेतन से कटौती के बारे में, धारा 393 वेतन के अतिरिक्त सभी कटौतियों के बारे में तथा धारा 394 टीसीएस के बारे में। सम्बंधित प्रावधान टेबिल के माध्यम से सरल एवं तर्कसंगत रूप से प्रस्तुत किये गये हैं, इन प्रावधानों की भी चर्चा की। आयकर नियम 2026 की भी टीडीएस और टीसीएस के संबंध में चर्चा की और स्पष्ट किया कि प्रारूपों में विस्तृत परिवर्तन किए गए हैं। उन्होंने अधिवक्ताओं के प्रश्नों के भी उत्तर दिए।
कार्यक्रम के प्रारम्भ में संगठन के अध्यक्ष अधिवक्ता दिनेश कुमार मिश्रा ने सभी का स्वागत किया तथा संचालन मंत्री प्रभा शंकर शुक्ला ने किया। वरिष्ठ अधिवक्ता रतन कुमार टंडन एवं एन के अरोड़ा को उनकी सेवाओं के लिए सम्मानित भी किया गया। कार्यक्रम में विक्रमजीत सिंह भदोरिया, राम नारायण द्विवेदी, के के मिश्रा, उमापति केसरी, केके दुबे, दिलीप गुप्ता, कुलश्रेष्ठ गुप्ता आदि उपस्थित रहे। मुख्य वक्ता को अध्यक्ष दिनेश मिश्रा एवं सचिव प्रभा शंकर शुक्ला ने अंग वस्त्र एवं स्मृति चिन्ह देकर सम्मानित किया। अंत में वरिष्ठ अधिवक्ता ने धन्यवाद ज्ञापित किया।