वाराणसी में अधिवक्ता संरक्षण अधिनियम की मांग तेज़: कलेक्ट्रेट में डीएम कार्यालय के बाहर वकीलों का विशाल प्रदर्शन

वाराणसी में अधिवक्ता संरक्षण अधिनियम की मांग तेज़: कलेक्ट्रेट में डीएम कार्यालय के बाहर वकीलों का विशाल प्रदर्शन

वाराणसी में अधिवक्ता संरक्षण अधिनियम की मांग तेज़: कलेक्ट्रेट में डीएम कार्यालय के बाहर वकीलों का विशाल प्रदर्शन

वाराणसी, 11 जुलाई  उत्तर प्रदेश में अधिवक्ताओं की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए बहुप्रतीक्षित 'अधिवक्ता प्रोटेक्शन एक्ट' (Advocate Protection Act) को तत्काल लागू करने की मांग को लेकर वाराणसी में विधि समुदाय एकजुट हो गया है। शुक्रवार, 11 जुलाई को कलेक्ट्रेट परिसर स्थित जिला मजिस्ट्रेट (DM) कार्यालय के पोर्टिको में बड़ी संख्या में अधिवक्ताओं ने जोरदार प्रदर्शन किया। इस प्रदर्शन का मुख्य उद्देश्य प्रदेश सरकार पर दबाव बनाना था ताकि न्यायपालिका के इस महत्वपूर्ण स्तंभ को सुरक्षित वातावरण मिल सके।

प्रदर्शन का नेतृत्व एवं मुख्य मांगें: इस महत्वपूर्ण प्रदर्शन का नेतृत्व बार काउंसिल ऑफ इंडिया के सदस्य और वरिष्ठ अधिवक्ता श्रीनाथ त्रिपाठी एवं वरिष्ठ अधिवक्ता अनुज यादव ने किया। उनके नेतृत्व में सैकड़ों की संख्या में अधिवक्ताओं ने एकजुट होकर 'अधिवक्ता सुरक्षा कानून लागू करो', 'अधिवक्ताओं पर हमले बंद करो', 'न्यायपालिका में सुरक्षा अपरिहार्य है' जैसे नारे लगाए। प्रदर्शनकारी अधिवक्ताओं का कहना था कि हाल के दिनों में अधिवक्ताओं पर हमले, धमकी और हिंसा की घटनाओं में अप्रत्याशित वृद्धि हुई है। इन घटनाओं के कारण उन्हें बिना किसी भय और दबाव के अपने कर्तव्यों का निर्वहन करने में कठिनाई हो रही है, जिससे न्याय प्रक्रिया भी बाधित हो रही है। उन्होंने इस एक्ट को अधिवक्ताओं की गरिमा, सुरक्षा और स्वतंत्र रूप से कार्य करने के अधिकार के लिए अत्यंत आवश्यक बताया।

पुलिस प्रशासन की मौजूदगी: अधिवक्ताओं के इस उग्र और संगठित प्रदर्शन को देखते हुए जिला प्रशासन सतर्क रहा। कानून-व्यवस्था बनाए रखने और किसी भी अप्रिय घटना को रोकने के लिए मौके पर पर्याप्त संख्या में पुलिस बल और वरिष्ठ पुलिस अधिकारी मौजूद रहे। पुलिस ने प्रदर्शनकारियों को नियंत्रित करने और शांतिपूर्ण माहौल सुनिश्चित करने के लिए एहतियाती कदम उठाए।

ज्ञापन सौंपकर दी चेतावनी: प्रदर्शन के समापन के बाद, अधिवक्ताओं के एक प्रतिनिधिमंडल ने जिलाधिकारी कार्यालय में एक विस्तृत ज्ञापन सौंपा। यह ज्ञापन जिलाधिकारी के प्रतिनिधि, एक वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारी, ने ग्रहण किया। ज्ञापन में अधिवक्ता प्रोटेक्शन एक्ट को अविलंब लागू करने, अधिवक्ताओं के साथ होने वाली घटनाओं पर तत्काल और कठोर कार्रवाई करने, उन्हें सामाजिक सुरक्षा प्रदान करने तथा न्यायसंगत एवं भयमुक्त माहौल प्रदान करने जैसी प्रमुख मांगों का विस्तार से उल्लेख था। अधिवक्ताओं ने स्पष्ट चेतावनी दी कि यदि उनकी इन जायज मांगों पर शीघ्र विचार नहीं किया गया और एक्ट को लागू नहीं किया गया तो वे अपने आंदोलन को और तेज करेंगे तथा आगे की रणनीति तय करने के लिए मजबूर होंगे। यह प्रदर्शन प्रदेश भर के अधिवक्ताओं के बीच बढ़ती असुरक्षा की भावना को दर्शाता है और सरकार से इस संबंध में ठोस कदम उठाने की अपील करता है।