प्रयागराज के सर्वांगीण विकास हेतु महापौर की अध्यक्षता में अहम बैठक, कई महत्वपूर्ण प्रस्तावों को मिली मंजूरी
प्रयागराज के सर्वांगीण विकास हेतु महापौर की अध्यक्षता में अहम बैठक, कई महत्वपूर्ण प्रस्तावों को मिली मंजूरी
प्रयागराज, 13 सितंबर: संगम नगरी प्रयागराज के सुनियोजित विकास और आम नागरिकों की समस्याओं के त्वरित समाधान की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम उठाते हुए, महापौर श्री उमेश चन्द्र गणेश केसरवानी की अध्यक्षता में नगर निगम के सभागार में एक उच्च-स्तरीय बैठक का आयोजन किया गया। इस बैठक में शहर के सभी पार्षदों, नगर आयुक्त, और विभिन्न विभागों के वरिष्ठ अधिकारियों ने भाग लिया। बैठक का मुख्य उद्देश्य आगामी त्योहारों की तैयारियों की समीक्षा करना, मानसून के कारण उत्पन्न होने वाली जलभराव की समस्या का स्थायी समाधान खोजना और शहर के विकास की गति को तेज करने के लिए एक ठोस कार्ययोजना तैयार करना था। गहन विचार-विमर्श के बाद, शहर के हित में कई दूरगामी और महत्वपूर्ण निर्णय लिए गए, जिनका विवरण इस प्रकार है:
प्रमुख निर्णय और प्रस्तावों का विस्तृत विश्लेषण
1. एकीकृत शहरी जल प्रबंधन और स्वच्छता अभियान
बैठक में शहर की सबसे गंभीर समस्याओं में से एक, जलभराव और स्वच्छता पर विशेष ध्यान केंद्रित किया गया।
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जलभराव की समस्या का स्थायी समाधान: यह सर्वसम्मति से तय किया गया कि शहर को जलभराव से स्थायी रूप से मुक्त कराने के लिए एक एकीकृत दृष्टिकोण अपनाया जाएगा। अब तक विभिन्न एजेंसियां जैसे जलकल, जल निगम, और गंगा प्रदूषण नियंत्रण इकाई अपने-अपने स्तर पर निर्माण कार्य करती थीं, जिससे समन्वय का अभाव रहता था। इस समस्या को दूर करने के लिए, अब नगर निगम का इंजीनियरिंग विभाग इन सभी एजेंसियों के कार्यों में सक्रिय रूप से शामिल होगा। यह विभाग सुनिश्चित करेगा कि किसी भी निर्माण कार्य की गुणवत्ता उच्च-स्तरीय हो, सड़कों और नालियों की लेवलिंग सही हो, और भुगतान करने से पहले कार्य का भौतिक सत्यापन किया जाए। इस कदम से सरकारी धन के दुरुपयोग को रोका जा सकेगा और कार्यों में पारदर्शिता आएगी।
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सीवर और नालों का जीर्णोद्धार: पार्षदों ने ध्वस्त सीवर लाइनों और नालों की टूटी हुई कनेक्टिविटी का मुद्दा उठाया, जिसके कारण गंदा पानी सड़कों पर बहता है। महापौर ने इस पर तत्काल कार्रवाई करते हुए निर्देश दिया कि दशहरा और दीपावली जैसे प्रमुख त्योहारों से पहले शहर के सभी गोल और चौकोर सीवर चैंबरों की मरम्मत का कार्य प्राथमिकता के आधार पर पूरा किया जाए। इसके अतिरिक्त, भारी बारिश के दौरान नालों की जालियों में कचरा फंसने से होने वाले जलभराव को रोकने के लिए, प्रत्येक जाली पर एक-एक कर्मचारी (पिटमैन) तैनात किया जाएगा, जो पानी की निकासी को सुचारू बनाए रखेगा।
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विशेष क्षेत्रों में सफाई व्यवस्था सुदृढ़ीकरण: शहर के वीवीआईपी क्षेत्र माने जाने वाले जोन-3 कटरा के वार्ड 12 और 13 में सफाई व्यवस्था को और बेहतर बनाने के लिए अतिरिक्त सफाई कर्मचारियों की नियुक्ति को मंजूरी दी गई, ताकि इन महत्वपूर्ण क्षेत्रों में स्वच्छता के उच्च मानकों को बनाए रखा जा सके।
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निःशुल्क पशु शव निस्तारण सेवा: शहरवासियों को एक बड़ी राहत देते हुए, प्रयागराज नगर निगम ने मृत जानवरों (विशेषकर आवारा पशुओं) को उठाने के लिए निःशुल्क वाहन सेवा शुरू करने का निर्णय लिया है। इस मानवीय पहल से न केवल नागरिकों को सुविधा होगी, बल्कि सार्वजनिक स्थानों पर स्वच्छता भी सुनिश्चित होगी।
2. विकास और निर्माण कार्यों में तेजी लाने के निर्देश
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विद्युत शवदाहगृहों का निर्माण: नैनी और अरैल क्षेत्र में लंबे समय से लंबित विद्युत शवदाहगृहों के निर्माण कार्य में तेजी लाने के सख्त निर्देश दिए गए। महापौर ने अधिकारियों को यह सुनिश्चित करने को कहा कि ये परियोजनाएं जल्द से जल्द पूरी हों, ताकि नागरिकों को आधुनिक और पर्यावरण-अनुकूल अंतिम संस्कार की सुविधा मिल सके।
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पेयजल आपूर्ति सुनिश्चित करना: सड़वा क्षेत्र के निवासियों द्वारा पेयजल की समस्या की शिकायतों का संज्ञान लेते हुए, महापौर ने संबंधित अधिकारियों को क्षेत्र के सभी हैंडपंपों का तत्काल रिबोर कराने का निर्देश दिया, ताकि गर्मी के मौसम में लोगों को पानी की किल्लत का सामना न करना पड़े।
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मिनी ट्यूबवेल स्थापना में पारदर्शिता: यह स्पष्ट किया गया कि शहर में मिनी ट्यूबवेल लगाने का कार्य केवल सरकार द्वारा नामित एजेंसी सीएनडीएस (Construction and Development Services) के माध्यम से ही कराया जाएगा, ताकि कार्यों की गुणवत्ता और सरकारी शासनादेश का पूर्ण अनुपालन सुनिश्चित हो सके।
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ठेकेदारों की जवाबदेही तय: यह अक्सर देखा जाता है कि ठेकेदार सड़क बनाते समय मैनहोल (चेम्बर) को ऊपर उठाने (रेजिंग) का काम नहीं करते, जिससे सड़कें ऊंची-नीची हो जाती हैं और दुर्घटना का खतरा बना रहता है। इस पर कड़ा रुख अपनाते हुए यह निर्णय लिया गया कि यदि कोई भी ठेकेदार या फर्म चेम्बर रेजिंग का काम अधूरा छोड़ती है, तो उसके बिल से उतनी राशि काट ली जाएगी और विभाग अपने स्तर पर यह कार्य कराएगा।
3. प्रकाश व्यवस्था और आगामी त्योहारों की भव्य तैयारियां
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पर्वों से पहले शहर होगा रोशन: आगामी दशहरा और दीपावली के पर्व को देखते हुए, पत्थर चट्टी से रामलीला मैदान तक के मुख्य मार्ग और शहर की प्रमुख चौकियों से निकलने वाले शोभायात्रा मार्गों पर प्रकाश व्यवस्था को दुरुस्त करने का काम युद्ध स्तर पर शुरू करने का निर्देश दिया गया। खराब लाइटों की मरम्मत, सड़कों पर पैच वर्क और विशेष सफाई अभियान चलाया जाएगा। इसके अलावा, पत्थर गिरजाघर से हनुमान मंदिर तक रामदल के मार्ग पर जिन खंभों पर लाइट नहीं है, वहां नई एलईडी लाइटें लगाई जाएंगी।
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हर वार्ड में हाई-मास्ट लाइट: शहर के हर कोने को रोशन करने और सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत करने के उद्देश्य से, सभी चुनावी वार्डों में एक-एक हाई-मास्ट या सेमी-मास्ट लाइट लगाने के प्रस्ताव को मंजूरी दी गई।
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लाइटों की गुणवत्ता की होगी जांच: कई पार्षदों ने स्ट्रीट लाइटों और हाई-मास्ट लाइटों की खराब गुणवत्ता और जल्दी खराब होने की शिकायत की। इसका संज्ञान लेते हुए महापौर ने नगर आयुक्त को एक जांच समिति गठित कर इन लाइटों की गुणवत्ता की जांच कराने और दोषी फर्मों के खिलाफ कार्रवाई करने का निर्देश दिया। साथ ही, दशहरा से पहले सभी स्ट्रीट लाइटों का कनेक्शन असुरक्षित केबल के बजाय बेंच वायर से करने को कहा गया है, ताकि शॉर्ट-सर्किट का खतरा न रहे।
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दुर्गापूजा पंडालों में विशेष व्यवस्था: दुर्गापूजा समितियों को किसी भी प्रकार की असुविधा न हो, इसके लिए सभी पूजा पंडालों में निर्बाध बिजली आपूर्ति, नियमित सफाई और शुद्ध पेयजल की व्यवस्था सुनिश्चित करने के लिए संबंधित विभागों को निर्देशित किया गया है।
4. अन्य महत्वपूर्ण निर्णय और भविष्य की योजनाएं
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गंगा आरती का विनियमन: दशाश्वमेध घाट की पवित्रता और व्यवस्था को बनाए रखने के लिए यह निर्णय लिया गया कि यहां किसी भी निजी संस्था को प्रतिदिन आरती करने की अनुमति नहीं दी जाएगी। हालांकि, शहर के अन्य घाटों पर गंगा आरती की व्यवस्था को प्रोत्साहित किया जाएगा।
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हेरिटेज मोहल्लों का विकास: प्रयागराज की ऐतिहासिक और सांस्कृतिक विरासत को संरक्षित करने तथा पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए, शहर के तीन प्राचीन मोहल्लों- लोकनाथ, दारागंज और मालवीय नगर को "हेरिटेज मोहल्ले" के रूप में विकसित करने की योजना बनाई गई है। इसके लिए जल्द ही एक सर्वेक्षण टीम गठित की जाएगी जो इन क्षेत्रों का निरीक्षण कर एक विस्तृत रिपोर्ट देगी।
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प्रयागराज को आईटी सिटी बनाने का संकल्प: शहर के युवाओं को रोजगार के अवसर प्रदान करने और प्रयागराज को एक आधुनिक आईटी हब के रूप में विकसित करने के लिए एक महत्वाकांक्षी योजना पर चर्चा हुई। इसके तहत, देश-विदेश के आईटी क्षेत्र में काम कर रहे प्रयागराज के युवाओं से ऑनलाइन सुझाव आमंत्रित किए जाएंगे। साथ ही, आईआईआईटी (IIIT), एमएनएनआईटी (MNNIT) जैसे प्रतिष्ठित संस्थानों के निदेशकों से परामर्श लेकर एक व्यापक प्रस्ताव तैयार कर राज्य सरकार को भेजा जाएगा।
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दिवंगत पार्षद के परिवार को आर्थिक सहायता: एक संवेदनशील निर्णय लेते हुए, सदन ने हाल ही में दिवंगत हुए पार्षद स्व. उमेश मिश्रा के परिवार को तेरहवीं संस्कार के लिए 10 लाख रुपये की सहायता राशि देने का प्रस्ताव पारित किया।
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गृहकर में बड़ी राहत: शहर के लगभग 28,000 भवन मालिकों को बड़ी राहत देते हुए, गृहकर नोटिस के संबंध में महत्वपूर्ण निर्णय लिया गया। अब बढ़ा हुआ गृहकर वित्तीय वर्ष 2022 के बजाय 2023 से प्रभावी माना जाएगा। जिन नागरिकों ने पहले ही 2023-24 का कर जमा कर दिया है, उन्हें अंतर की राशि पर लगने वाले ब्याज से पूरी तरह छूट दी गई है।
यह बैठक इस संकल्प के साथ समाप्त हुई कि सभी अधिकारी और पार्षद मिलकर प्रयागराज को एक स्वच्छ, सुंदर और विकसित शहर बनाने की दिशा में काम करेंगे। महापौर ने सभी अधिकारियों को इन निर्णयों का समयबद्ध और पारदर्शी तरीके से क्रियान्वयन सुनिश्चित करने के कड़े निर्देश दिए।