खाद की कालाबाजारी पर प्रशासन की बड़ी कार्रवाई

खाद की कालाबाजारी पर प्रशासन की बड़ी कार्रवाई

खाद की कालाबाजारी पर प्रशासन की बड़ी कार्रवाई

प्रयागराज, 21 सितम्बर  तहसील सोरॉव क्षेत्र में खाद की कालाबाजारी और ओवररेटिंग की शिकायतों पर प्रशासन ने रविवार को बड़ी कार्रवाई की। उप जिलाधिकारी सोरॉव हीरालाल सैनी और अपर जिला कृषि अधिकारी विकास मिश्रा की संयुक्त टीम ने खाद की कालाबाजारी पर अनियमितता मिलने पर दो स्थानों पर लाइसेंस निलम्बित कर दिया।

रविवार को सोरांव क्षेत्र के माधोपुर उर्फ सघनगंज स्थित उर्वरक विक्रेता मनोज कुमार गुप्ता के खाद भंडारण स्थल पर आकस्मिक निरीक्षण किया। इस दौरान दुकान पर दुकानदार मौजूद नहीं थे, बल्कि उनका नाबालिग पुत्र गौरव कुमार गुप्ता बिक्री करता पाया गया। उर्वरक निरीक्षक ने पीओएस मशीन और भौतिक स्टॉक का मिलान किया तो बड़ा अंतर सामने आया। पीओएस में 33 एमटी एनपीके (20ः20ः0ः13), 5 एमटी यूरिया और 8 एमटी डीएपी दर्ज था, जबकि भौतिक स्टॉक में लगभग 70 बोरी यूरिया, 210 बोरी डीएपी, 900 बोरी एनपीके और 260 बोरी एमओपी पाई गई। ओवर रेटिंग और स्टॉक में भारी गड़बड़ी मिलने पर उप जिलाधिकारी के निर्देश पर उर्वरक निरीक्षक विकास मिश्रा ने उर्वरक नियंत्रण आदेश-1985 और आवश्यक वस्तु अधिनियम-1955 के तहत विक्रेता का लाइसेंस तत्काल प्रभाव से निलम्बित कर दिया। खाद की गुणवत्ता जांच हेतु दो नमूने भी लिए गए।

इसी तरह सोरॉव स्थित ज्ञान चंद्र केसरवानी खाद भंडार का भी औचक निरीक्षण किया गया। वहां भी अनियमितताएं पाई गईं। जिस पर कारण बताओ नोटिस जारी किया गया। साथ ही शिवगढ़ बाजार में भी बिक्री प्रतिष्ठानों का औचक निरीक्षण उपजिलाधिकारी एवं अपर जिला कृषि अधिकारी ने किया। अपर जिला कृषि अधिकारी ने विक्रेताओं को सख्त हिदायत दी की किसी भी दशा में कालाबाजारी ओवर रेटिंग बर्दाश्त नहीं की जाएंगी। पहली प्राथमिकता किसानों को गुणवत्तापूर्ण उर्वरक एवं निर्धारित रेंट पर उर्वरक प्राप्त हो सके उसके लिए सतत निगरानी जारी रहेगी।