भ्रष्टाचार के दोषी चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी को चकबंदी आयुक्त ने किया बर्खास्त
भ्रष्टाचार के दोषी चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी को चकबंदी आयुक्त ने किया बर्खास्त
लखनऊ, 18 फ़रवरी । चकबंदी आयुक्त डॉ. हृषिकेश भास्कर यशोद ने भ्रष्टाचार के मामले में न्यायालय द्वारा सजा सुनाए जाने के पश्चात, चकबंदी मुख्यालय के चपरासी राजकुमार सिंह को सरकारी सेवा से बर्खास्त कर दिया है।
राजकुमार सिंह, चपरासी, चकबंदी मुख्यालय को भ्रष्टाचार निवारण संगठन (लखनऊ इकाई) की ट्रैप टीम द्वारा 13 जून 2018 को 10 हजार रुपये की रिश्वत लेते हुए रंगे हाथों गिरफ्तार किया गया था। इस संबंध में थाना तालकटोरा, लखनऊ में सुसंगत धाराओं के तहत मुकदमा पंजीकृत कराया गया था। न्यायालय अपर जनपद एवं सत्र न्यायाधीश/विशेष न्यायाधीश (पी.सी.-1), लखनऊ द्वारा राजकुमार सिंह को संबंधित अपराध में दोषी पाते हुए 04 वर्ष के कठोर कारावास तथा 10 हजार रुपये के अर्थदंड की सजा से दंडित किया गया है।
न्यायालय के उक्त आदेश के अनुपालन में, चकबंदी आयुक्त ने 'उत्तर प्रदेश सरकारी सेवक (अनुशासन एवं अपील) नियमावली-1999' के प्रावधानों के अंतर्गत कठोर कदम उठाते हुए दोषी कर्मचारी को दंडादेश की तिथि 23 दिसंबर 2025 से सेवा से पदच्युत कर दिया है। नियमों के अनुसार, सेवा से इस प्रकार बर्खास्त किए जाने के उपरांत राजकुमार सिंह भविष्य में किसी भी प्रकार के सरकारी नियोजन या पद के लिए पात्र नहीं होंगे।