योगी कैबिनेट के बड़े फैसले: प्रयागराज में 845 आवास और महिला छात्रावास, यूपी में ₹17,542 करोड़ से बनेंगे 4 लिंक एक्सप्रेसवे
योगी कैबिनेट के बड़े फैसले: प्रयागराज में 845 आवास और महिला छात्रावास, यूपी में ₹17,542 करोड़ से बनेंगे 4 लिंक एक्सप्रेसवे
लखनऊ, 27 अक्टूबर। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की अध्यक्षता में मंगलवार को कैबिनेट बैठक में कई महत्वपूर्ण फैसले लिये गये हैं। इनमें प्रयागराज में हाईकोर्ट के अधिकारियों के लिए 845 नए आवास बनाने, छोटे किसानों और उद्यमियों के लिए राज्य पशुधन मिशन को मंजूरी, लखनऊ-हरदोई में 1,000 एकड़ में विकसित होने वाले 'पीएम मित्र मेगा टेक्सटाइल पार्क' के मास्टर डेवलपर चयन को मंजूरी, ग्रेटर नोएडा में देश का अत्याधुनिक प्रगति रोबोटिक्स पार्क बनाने, प्रदेश में 17,542 करोड़ रुपये से चार नए लिंक एक्सप्रेसवे का निर्माण और सैनिक स्कूल मैनपुरी के विकास के लिए 9.524 हेक्टेयर भूमि नि:शुल्क देने के प्रस्ताव काे मंजूरी देने सहित 22 महत्वपूर्ण प्रस्ताव मंजूर किये गये हैं।
प्रयागराज में हाईकोर्ट के अधिकारियों के लिए बनेंगे 845 नए आवास
कैबिनेट बैठक में प्रयागराज स्थित इलाहाबाद हाईकोर्ट के अधिकारियों के लिए 845 नए सरकारी आवासों के निर्माण से जुड़े प्रस्ताव को मंजूरी दी गई है। वित्त व संसदीय कार्यमंत्री सुरेश कुमार खन्ना ने कहा कि इसके तहत हाईकोर्ट के क्लास-1 और क्लास-2 श्रेणी के अधिकारियों के लिए टाइप-3 के 533 और टाइप-4 के 312 आवास बनाए जाएंगे। इन आवासों के निर्माण पर 543.4075 करोड़ रुपये खर्च होने का अनुमान है। इसके लिए 50 करोड़ रुपये की धनराशि अवमुक्त करने के प्रस्ताव पर भी कैबिनेट की मंजूरी प्राप्त करने का प्रस्ताव है।
सैनिक स्कूल मैनपुरी को 9.524 हेक्टेयर भूमि आवंटित
सैनिक स्कूल मैनपुरी को विभिन्न निर्माण कार्यों के लिए ग्राम सभा नौनेर की 9.524 हेक्टेयर भूमि नि:शुल्क पुनर्ग्रहित कर सैनिक स्कूल सोसाइटी, रक्षा मंत्रालय, भारत सरकार को निशुल्क हस्तांतरित की जाएगी। इस निर्णय से स्कूल में जरूरी बुनियादी सुविधाओं के विकास का रास्ता साफ होगा।
प्रयागराज में बनेगा कामकाजी महिला का छात्रावास
बैठक में प्रयागराज के सिविल स्टेशन स्थित नजूल भूखंड संख्या-यूईए-3 (किताब घर) की 7,912 वर्गमीटर भूमि नगर निगम, प्रयागराज को नि:शुल्क आवंटित करने के प्रस्ताव को भी मंजूरी दी गई। इस भूमि पर ऑडिटोरियम और कामकाजी महिलाओं के छात्रावास का निर्माण किया जाएगा।
राज्य पशुधन मिशन को दी गयी मंजूरी
कैबिनेट ने राज्य पशुधन मिशन (एसएलएम) को मंजूरी दी। इसका उद्देश्य पशुधन अर्थव्यवस्था को संगठित कर आधुनिक तकनीक, उद्यमिता और वैश्विक व्यापार से जोड़ने के प्रस्ताव काे मंजूरी दी है। मिशन में विशेष रूप से लघु एवं सीमांत किसानों और उद्यमियों पर ध्यान दिया जाएगा। यह राज्य वित्तपोषित योजना है। निर्धारित माइलस्टोन पूरे होने, स्क्रीनिंग समिति की प्रक्रिया और पीएसी की स्वीकृति के बाद चयनित परियोजनाओं का अनुदान सीधे लाभार्थियों के खातों में जाएगा।
'पीएम मित्र मेगा टेक्सटाइल पार्क' के मास्टर डेवलपर चयन को मंजूरी
कैबिनेट की बैठक में भारत सरकार की 'पीएम मित्र योजना' के तहत लखनऊ-हरदोई सीमा पर 1,000 एकड़ (404.69 हेक्टेयर) भूमि पर विकसित किए जा रहे 'पीएम मित्र मेगा एकीकृत वस्त्र क्षेत्र एवं परिधान पार्क' (पीएम मित्र मेगा टेक्सटाइल पार्क) के मास्टर डेवलपर चयन हेतु प्राप्त एकल बिड को स्वीकार करते हुए 'मैसर्स रामकी इन्फ्रास्ट्रक्चर लिमिटेड' को 'प्रेफर्ड बिडर' के रूप में चयनित करने के प्रस्ताव पर अपनी औपचारिक मुहर लगा दी है। 1,947 करोड़ रूपये की अनुमानित लागत से तैयार होने वाली इस विश्वस्तरीय परियोजना में भारत सरकार द्वारा 30 प्रतिशत (अधिकतम 500 करोड़ रुपए) तक की वित्तीय सहायता प्रदान की जा रही है।
ग्रेटर नोएडा में बनेगा देश का अत्याधुनिक प्रगति रोबोटिक्स पार्क
बैठक में ग्रेटर नोएडा में ‘प्लेटफॉर्म फॉर रोबोटिक्स एंड एआई ग्रोथ थ्रू टेक्नोलॉजी एंड इनोवेशन’ (PRAGATI) रोबोटिक्स पार्क की स्थापना के प्रस्ताव को मंजूरी प्रदान की गई। लगभग 69.52 एकड़ भूमि पर विकसित होने वाला यह पार्क रोबोटिक्स कंपनियों, तकनीकी स्टार्टअप, अनुसंधान संस्थानों और उद्योगों को एकीकृत सुविधाएं उपलब्ध कराने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा। परियोजना का उद्देश्य प्रदेश में स्वदेशी रोबोटिक्स विनिर्माण को प्रोत्साहित करना, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) आधारित तकनीकों के विकास को गति देना और रोबोटिक्स क्षेत्र में निवेश एवं अनुसंधान के लिए अनुकूल इकोसिस्टम तैयार करना है।
17,542 करोड़ रुपये से बनेंगे चार नए लिंक एक्सप्रेसवे
बैठक में प्रदेश के एक्सप्रेसवे नेटवर्क को और मजबूत बनाने के लिए चार महत्वपूर्ण लिंक एक्सप्रेसवे परियोजनाओं के विकासकर्ताओं के चयन को मंजूरी प्रदान की गई। उत्तर प्रदेश एक्सप्रेसवेज औद्योगिक विकास प्राधिकरण (यूपीडा) द्वारा इंजीनियरिंग, प्रोक्योरमेंट एंड कंस्ट्रक्शन (ईपीसी) पद्धति पर विकसित की जाने वाली इन परियोजनाओं पर लगभग 17,542.06 करोड़ रुपये का संभावित व्यय भार आएगा। इन परियोजनाओं के निर्माण से प्रदेश के पश्चिमांचल, मध्यांचल और पूर्वांचल क्षेत्रों के बीच संपर्क बेहतर होगा तथा राजधानी लखनऊ और राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र से आवागमन अधिक सुगम और सुरक्षित बनाने में मदद मिलेगी।
कैबिनेट ने जिन चार परियोजनाओं के विकासकर्ताओं के चयन को मंजूरी दी है, उनमें फर्रुखाबाद लिंक एक्सप्रेसवे के पैकेज-1 एवं पैकेज-2, आगरा-लखनऊ एक्सप्रेसवे को पूर्वांचल एक्सप्रेसवे से जोड़ने वाला लिंक एक्सप्रेसवे, झांसी लिंक एक्सप्रेसवे के पैकेज-1 एवं पैकेज-2 तथा जेवर लिंक एक्सप्रेसवे के पैकेज-1 एवं पैकेज-2 शामिल हैं।
760 लाख मानव दिवस के रोजगार सृजन का अनुमान
चारों परियोजनाओं के क्रियान्वयन से प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रूप से लगभग 760 लाख मानव दिवस के रोजगार सृजित होने का अनुमान है। निर्माण गतिविधियों से श्रमिकों, परिवहन, निर्माण सामग्री की आपूर्ति और अन्य संबंधित क्षेत्रों में रोजगार के अवसर पैदा होने की संभावना है।