एसआरएन अस्पताल में अब मिलेगा अधिक सुरक्षित रक्त, उन्नत 'न्यूक्लिक अम्ल परीक्षण' से शुरू हुई जांच
एसआरएन अस्पताल में अब मिलेगा अधिक सुरक्षित रक्त, उन्नत 'न्यूक्लिक अम्ल परीक्षण' से शुरू हुई जांच
प्रयागराज, 13 जुलाई । उत्तर प्रदेश के प्रयागराज जनपद में स्वरूप रानी नेहरू चिकित्सालय (एसआरएन) के रक्त केंद्र ने रक्त सुरक्षा की दिशा में एक महत्वपूर्ण उपलब्धि प्राप्त की है। ट्रांसफ्यूजन मेडिसिन विभाग ने उन्नत न्यूक्लिक अम्ल परीक्षण (एनएटी-आईडी) पद्धति से रक्त की जांच प्रारंभ कर दी है। इसके माध्यम से अब प्रयागराज मंडल के मरीजों को अधिक सुरक्षित, गुणवत्तापूर्ण एवं अंतरराष्ट्रीय मानकों के अनुरूप रक्त उपलब्ध कराया जा सकेगा। यह जानकारी सोमवार को ट्रांसफ्यूजन मेडिसिन विभाग की विभागाध्यक्ष प्रो. (डॉ.) वत्सला मिश्रा ने दी।
उन्होंने बताया कि एनएटी-आईडी तकनीक रक्त सुरक्षा के क्षेत्र में एक महत्वपूर्ण और आधुनिक पहल है। यह पद्धति संक्रमण फैलाने वाले विषाणुओं (वायरस) के डीएनए तथा आरएनए की प्रारंभिक अवस्था में ही पहचान कर लेती है। इससे संक्रमण की उस अवधि (विंडो पीरियड) में भी संक्रमित रक्त की पहचान संभव हो जाती है, जब पारंपरिक जांच विधियों से संक्रमण का पता लगाना कठिन होता है।
उन्होंने बताया कि अब रक्त केंद्र से जारी होने वाली प्रत्येक रक्त इकाई की एनएटी-आईडी जांच के उपरांत ही उसे रोगियों के उपयोग के लिए उपलब्ध कराया जाएगा। यह सुविधा पूर्णतः निःशुल्क है, जिससे मरीजों को बिना किसी अतिरिक्त आर्थिक भार के अधिक सुरक्षित एवं गुणवत्तापूर्ण रक्त प्राप्त होगा। विभाग का उद्देश्य प्रत्येक रोगी को सर्वोच्च गुणवत्ता का सुरक्षित रक्त उपलब्ध कराना है।
अब तक रक्त की जांच एलाइजा (ईएलआईएसए) तथा क्लिया (सीएलआईए) पद्धतियों से की जाती थी, जबकि नई एनएटी-आईडी तकनीक विषाणुओं के डीएनए एवं आरएनए स्तर पर संक्रमण की पहचान करती है। इससे एचआईवी, हेपेटाइटिस-बी तथा हेपेटाइटिस-सी जैसे संक्रमणों का पता विंडो पीरियड के दौरान भी पहले लगाया जा सकेगा, जिससे संक्रमित रक्त चढ़ने की संभावना और कम हो जाएगी।
इस व्यवस्था के संचालन के लिए स्वरूप रानी नेहरू चिकित्सालय के रक्त केंद्र का अनुबंध डॉ. राम मनोहर लोहिया आयुर्विज्ञान संस्थान, लखनऊ से किया गया है। एक जुलाई 2026 से लागू इस व्यवस्था के अंतर्गत प्रत्येक रक्त इकाई की एनएटी-आईडी जांच के बाद ही उसे रोगियों के लिए जारी किया जाएगा।
अस्पताल प्रशासन के अनुसार यह पहल रक्त केंद्र की गुणवत्ता आश्वासन प्रणाली को और अधिक सुदृढ़ करेगी तथा सुरक्षित, आधुनिक और उच्च गुणवत्ता वाली रक्ताधान सेवाएं उपलब्ध कराने की दिशा में मील का पत्थर सिद्ध होगी। विशेष बात यह है कि यह सुविधा पूरी तरह निःशुल्क है, जिससे मरीजों को बिना किसी अतिरिक्त व्यय के अधिक सुरक्षित रक्त उपलब्ध हो सकेगा।