रुद्रप्रयाग में बाईपास टनल और सिल्ली भूस्खलन क्षेत्र का जिलाधिकारी ने किया निरीक्षण, सुरक्षा उपायों के निर्देश

रुद्रप्रयाग में बाईपास टनल और सिल्ली भूस्खलन क्षेत्र का जिलाधिकारी ने किया निरीक्षण, सुरक्षा उपायों के निर्देश

रुद्रप्रयाग में बाईपास टनल और सिल्ली भूस्खलन क्षेत्र का जिलाधिकारी ने किया निरीक्षण, सुरक्षा उपायों के निर्देश

रुद्रप्रयाग, 29 जुलाई। लगातार हो रही बारिश के बीच जिलाधिकारी विशाल मिश्रा ने बुधवार को रुद्रप्रयाग बाईपास टनल और केदारनाथ राष्ट्रीय राजमार्ग-107 पर सिल्ली के समीप भूस्खलन प्रभावित क्षेत्र का स्थलीय निरीक्षण किया। उन्होंने अधिकारियों को मार्गों की सुरक्षा सुनिश्चित करने और दीर्घकालिक समाधान के लिए तकनीकी रिपोर्ट तैयार करने के निर्देश दिए।

जिलाधिकारी ने केदारनाथ हाईवे को बद्रीनाथ हाईवे से जोड़ने वाली 910 मीटर लंबी रुद्रप्रयाग बाईपास टनल का निरीक्षण करते हुए बताया कि बारिश के कारण टनल के बाहरी स्लोप ट्रीटमेंट क्षेत्र में भूस्खलन हुआ है, जिससे जनरेटर रूम की छत को आंशिक क्षति पहुंची है। उन्होंने स्पष्ट किया कि टनल की मुख्य संरचना पूरी तरह सुरक्षित है और इसके भीतर यातायात सामान्य रूप से संचालित हो रहा है।

उन्होंने तकनीकी विशेषज्ञों और भू-वैज्ञानिकों को प्रभावित स्थल का विस्तृत सर्वेक्षण कर ढलान की स्थिरता का वैज्ञानिक आकलन करने के निर्देश दिए। जिलाधिकारी ने कहा कि परियोजना अभी डिफेक्ट लाइबिलिटी पीरियड में है, इसलिए संबंधित कार्यदायी संस्था द्वारा आवश्यक मरम्मत और स्लोप ट्रीटमेंट का कार्य कराया जाएगा।

इसके बाद जिलाधिकारी ने केदारनाथ राष्ट्रीय राजमार्ग पर सिल्ली के समीप भूस्खलन प्रभावित क्षेत्र का निरीक्षण किया। उन्होंने बताया कि लगातार बारिश के कारण पहाड़ी से पत्थर और मलबा सड़क पर आने तथा सुरक्षा दीवार क्षतिग्रस्त होने की सूचना मिली थी। प्रशासन ने तत्काल कार्रवाई करते हुए मार्ग को सुचारू कराया है।

उन्होंने बताया कि वर्तमान में यातायात नियंत्रित रूप से संचालित किया जा रहा है और सुरक्षा के मद्देनजर प्रभावित स्थल पर एक समय में एक ही वाहन को गुजरने दिया जा रहा है। सड़क पर आए छोटे पत्थरों और मलबे को जेसीबी की मदद से हटाया जा रहा है, जबकि बड़े बोल्डरों को सुरक्षित तरीके से हटाने के लिए तकनीकी टीम को मौके पर लगाया गया है।

जिलाधिकारी ने लोक निर्माण विभाग को टीएचडीसी के तकनीकी सहयोग से प्रभावित स्लोप के स्थायी संरक्षण और क्षतिग्रस्त सुरक्षा दीवार के सुदृढ़ीकरण के लिए विस्तृत तकनीकी रिपोर्ट तैयार करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि रिपोर्ट में स्लोप प्रोटेक्शन और आवश्यक निर्माण कार्यों की स्थायी कार्ययोजना शामिल की जाए।

उन्होंने कहा कि केदारनाथ यात्रा मार्ग अत्यंत महत्वपूर्ण और संवेदनशील है। यात्रियों की सुरक्षा जिला प्रशासन की सर्वोच्च प्राथमिकता है और यात्रा मार्ग को सुरक्षित एवं सुचारू बनाए रखने के लिए प्रशासन पूरी तरह अलर्ट मोड पर कार्य कर रहा है।

निरीक्षण के दौरान कार्यदायी संस्था के डीजीएम करन, राष्ट्रीय राजमार्ग खंड के सहायक अभियंता सौरभ ढौंडियाल सहित संबंधित विभागों के अधिकारी एवं कर्मचारी मौजूद रहे।