प्रयागराज: सर्दियों में सुरक्षित रेल सफर के लिए उत्तर मध्य रेलवे अलर्ट, पटरियों पर होगी विशेष गश्त
कोहरे और गिरते तापमान से निपटने की तैयारी तेज, जीपीएस से गश्ती दलों की निगरानी और रेल पटरियों की अल्ट्रासाउंड जांच पर जोर
प्रयागराज, 22 अक्टूबर । सर्दियों में यात्रियों की सुरक्षा और ट्रेनों का संचालन सुचारु बनाए रखने के लिए उत्तर मध्य रेलवे ने व्यापक तैयारियां शुरू कर दी हैं। महाप्रबंधक नरेश पाल सिंह के मार्गदर्शन में प्रयागराज, झांसी और आगरा मंडलों सहित पूरे जोन में शीतकालीन संरक्षा योजना लागू की जा रही है। इसके तहत रेलवे ट्रैक की नियमित जांच, ठंड के दौरान विशेष गश्त, कर्मचारियों की निगरानी और कोहरे में ट्रेनों के सुरक्षित संचालन के लिए आवश्यक इंतजाम किए जा रहे हैं।
रेलवे के जनसंपर्क अधिकारी अमित मालवीय ने बताया कि रेलवे बोर्ड और मुख्यालय के निर्देशों के क्रम में इंजीनियरिंग और परिचालन विभागों को सतर्कता बरतने के निर्देश दिए गए हैं। सर्दियों में तापमान गिरने से रेल पटरियों और उनके जोड़ पर पड़ने वाले प्रभाव को देखते हुए विशेष निगरानी की जा रही है, ताकि किसी संभावित खराबी का समय रहते पता लगाकर दुर्घटनाओं को रोका जा सके।
पटरियों और वेल्ड की नियमित जांच
रेलवे की मुख्य लाइनों पर पटरियों, वेल्ड, स्विच एक्सपेंशन जॉइंट और पॉइंट्स एवं क्रॉसिंग की नियमित जांच की जा रही है। अल्ट्रासाउंड तकनीक से रेल पटरियों में संभावित आंतरिक दरारों का पता लगाने वाले परीक्षणों की भी निगरानी की जा रही है। जिन परीक्षणों की निर्धारित समय-सीमा पूरी हो चुकी है, उन्हें प्राथमिकता के आधार पर पूरा कराने पर जोर दिया जा रहा है।
ठंड बढ़ने पर विशेष गश्त
रेल का तापमान निर्धारित सीमा से नीचे जाने पर विशेष शीतकालीन गश्त शुरू की जाएगी। गश्ती कर्मचारियों को जीपीएस उपकरण, सुरक्षा सामग्री, तिरंगी हाथ संकेत लैंप, डेटोनेटर और सुरक्षा परिधान उपलब्ध कराए जाएंगे। ये कर्मचारी निर्धारित रेलखंडों पर गश्त कर पटरियों या वेल्ड में दरार, टूट-फूट और अन्य असामान्य स्थितियों का पता लगाएंगे, ताकि समय रहते आवश्यक कार्रवाई की जा सके।
गश्ती कर्मचारियों की निगरानी के लिए जीपीएस आधारित व्यवस्था भी की गई है। सहायक मंडल इंजीनियर कार्यालयों, मंडलीय इंजीनियरिंग नियंत्रण कक्षों और मुख्यालय में तैनात अधिकारी गश्त की रिपोर्ट पर नजर रखेंगे। इसके साथ ही औचक जांच कर कर्मचारियों की वास्तविक स्थिति और गश्त की प्रगति का सत्यापन किया जाएगा।
आपात स्थिति से निपटने के लिए सामग्री तैयार
रेल पटरियों में खराबी या किसी अन्य आपात स्थिति में जल्द मरम्मत सुनिश्चित करने के लिए आवश्यक सामग्री का भंडारण किया गया है। गैंग हट, समपार फाटकों और स्टेशनों पर निर्धारित स्थानों पर सफेद रंग से चिह्नित जॉगल फिश प्लेट, क्लैंप, लकड़ी के ब्लॉक और अतिरिक्त रेल जैसी सामग्री उपलब्ध रखी जा रही है। इससे जरूरत पड़ने पर मरम्मत कार्य तेजी से शुरू किया जा सकेगा। शीतकालीन संरक्षा को मजबूत बनाने के लिए रेल कर्मचारियों को प्रशिक्षण देकर तैयार किया जा रहा है।