नोएडा के परिषदीय विद्यालयों में पढ़ने वाले 30 हजार विद्यार्थियों को मिलेगी डीबीटी से राशि
नोएडा के परिषदीय विद्यालयों में पढ़ने वाले 30 हजार विद्यार्थियों को मिलेगी डीबीटी से राशि
नोएडा, 10 जुलाई । जनपद गौतमबुद्ध नगर के परिषदीय विद्यालयों में पढ़ने वाले करीब 30 हजार विद्यार्थियों को यूनिफॉर्म, जूते-मोजे, स्वेटर, स्कूल बैग और स्टेशनरी खरीदने के लिए मिलने वाली 1200 रुपये की डीबीटी राशि अगले महीने तक उनके अभिभावकों के बैंक खातों में भेजी जाएगी। फिलहाल इन विद्यार्थियों के बैंक खाते और आधार संबंधी विवरण का सत्यापन लंबित होने के कारण भुगतान नहीं हो सका है। बेसिक शिक्षा विभाग के अनुसार, सरकार की डीबीटी योजना के तहत परिषदीय प्राथमिक और उच्च प्राथमिक विद्यालयों के विद्यार्थियों को प्रतिवर्ष 1200 रुपये की सहायता सीधे अभिभावकों के बैंक खाते में भेजी जाती है। इस वर्ष पहले चरण में जिले के 58 हजार से अधिक विद्यार्थियों के अभिभावकों को सफलतापूर्वक यह राशि भेजी जा चुकी है, जबकि करीब 30 हजार विद्यार्थियों का भुगतान अभी शेष है।
बेसिक शिक्षा अधिकारी राहुल पवार ने बताया कि अधिकांश मामलों में बैंक खाते, आधार संख्या, नाम की स्पेलिंग, आईएफएससी कोड और अन्य विवरणों में त्रुटियों के कारण सत्यापन प्रक्रिया पूरी नहीं हो सकी है। कई अभिभावकों ने आवश्यक दस्तावेज भी अभी तक अपडेट नहीं कराए हैं। इसे देखते हुए शिक्षकों और प्रधानाध्यापकों को अभिभावकों से संपर्क कर दस्तावेजों का सत्यापन कराने के निर्देश दिए गए हैं। विभाग की ओर से पोर्टल पर बैंक खाते और आधार संबंधी जानकारी तेजी से अपडेट की जा रही है, ताकि कोई भी पात्र विद्यार्थी योजना के लाभ से वंचित न रहे। अधिकारियों का कहना है कि सत्यापन अंतिम चरण में है और प्रक्रिया पूरी होते ही सभी लंबित विद्यार्थियों के अभिभावकों के खातों में एक साथ डीबीटी की राशि भेज दी जाएगी।
उन्होंने बताया कि पहले चरण में 58 हजार से अधिक विद्यार्थियों को डीबीटी का लाभ मिल चुका है। शेष 30 हजार विद्यार्थियों के खातों का सत्यापन पूरा होते ही अगले महीने राशि उनके अभिभावकों के खातों में भेज दी जाएगी।
रामपुर के जिलाधिकारी अजय कुमार द्विवेदी ने बताया कि सीएम डैशबोर्ड की रिपोर्ट उन जिलों के प्रदर्शन का मूल्यांकन करती है, जिन्होंने प्रशासनिक दक्षता, विकास कार्यों और राजस्व प्रबंधन में उल्लेखनीय कार्य किए हैं। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की मंशा के अनुरूप रामपुर में विकास कार्यों को गुणवत्तापूर्ण समयबद्ध तरीके से पूरा किया जा रहा है। इसके साथ ही सीएम डैशबोर्ड के जरिये मिलने वाली शिकायतों का गुणवत्तापूर्ण तरीके से त्वरित निस्तारण किया जा रहा है। उन्होंने बताया कि सीएम डैशबोर्ड की जून माह की रैंकिंग में रामपुर को 10 में से 9.41 अंक प्राप्त हुए। इसी के साथ रामपुर ने प्रदेशभर में दूसरा स्थान प्राप्त किया है। इसके अलावा रामपुर पिछले कई माह से सीएम डैशबोर्ड की रैंकिंग में टॉप टेन में जिलों में बना हुआ है। बरेली के जिलाधिकारी अविनाश सिंह ने बताया कि मुख्यमंत्री की मंशा के अनुरूप शासन की योजनाओं को धरातल पर प्राथमिकता के आधार पर उतारा जा रहा है। इसकी लगातार मॉनीटरिंग और समीक्षा की जाती है। यही वजह है कि जून माह की रैंकिंग में बरेली ने 9.30 अंक हासिल कर प्रदेश में तीसरा स्थान प्राप्त किया है।
टॉप टेन जिलों में महराजगंज, आजमगढ़, मैनपुरी ने स्थान प्राप्त किया
सीएम डैशबोर्ड की जून माह की रैंकिंग में कई जिलों ने अच्छा प्रदर्शन करते हुए शीर्ष 10 में स्थान बनाया है। इसमें महराजगंज ने 9.25 अंक हासिल कर चौथा, आजमगढ़ और मैनपुरी ने 9.24 बराबर बराबर अंक हासिल कर पांचवा स्थान प्राप्त किया। इसी तरह सोनभद्र और हमीरपुर ने 9.23 बराबर बराबर अंक, बागपत ने 9.20 अंक और लखीमपुर खीरी ने 9.19 अंक हासिल कर टॉप टेन में जगह बनाई है। इन सभी जिलों ने जनशिकायतों के समाधान, प्रशासनिक कार्यों में पारदर्शिता और योजनाओं के बेहतर क्रियान्वयन के जरिए अपनी स्थिति मजबूत की है। इससे यह भी स्पष्ट होता है कि प्रदेश के जिलों के बीच बेहतर कार्य करने की स्वस्थ प्रतिस्पर्धा लगातार बढ़ रही है।
मुख्यमंत्री डैशबोर्ड योगी सरकार का एक महत्वपूर्ण मॉनिटरिंग प्लेटफॉर्म है, जिसके माध्यम से विभिन्न योजनाओं और प्रशासनिक कार्यों की नियमित समीक्षा की जाती है। इस डैशबोर्ड को राष्ट्रीय सूचना विज्ञान केंद्र (एनआईसी) के सहयोग से विकसित किया गया है। इसके माध्यम से योगी सरकार को जिलों के प्रदर्शन की वास्तविक समय में जानकारी मिलती है। साथ ही अधिकारियों की जवाबदेही भी तय होती है। जिन जिलों का प्रदर्शन कमजोर होता है, वहां प्रशासन को सुधार के निर्देश दिए जाते हैं।