अधिक से अधिक पौधे लगाकर हरित और समृद्ध उत्तर प्रदेश के निर्माण में बनें सहभागी : मंत्री नंदी
अधिक से अधिक पौधे लगाकर हरित और समृद्ध उत्तर प्रदेश के निर्माण में बनें सहभागी : मंत्री नंदी
प्रयागराज, 12 जुलाई । उत्तर प्रदेश के औद्योगिक विकास मंत्री नन्द गोपाल गुप्ता 'नंदी' ने रविवार को लोगों से अधिक से अधिक पौधरोपण कर प्रकृति संरक्षण की मुहिम से जुड़ने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि आने वाली पीढ़ियों के लिए स्वच्छ, हरित और समृद्ध उत्तर प्रदेश का निर्माण हम सभी की साझा जिम्मेदारी है।
उन्होंने 'एक पेड़ मां के नाम' अभियान के तहत प्रयागराज के शहीद चंद्रशेखर आजाद पार्क में पौधरोपण कर पर्यावरण संरक्षण का संदेश दिया। मंत्री नंदी ने कहा कि प्रकृति के प्रति अपने दायित्व का निर्वहन करते हुए प्रत्येक व्यक्ति को अधिक से अधिक पौधे लगाने और उनकी देखभाल का संकल्प लेना चाहिए।
उन्होंने युवाओं सहित सभी नागरिकों से इस जनअभियान का हिस्सा बनने का आह्वान करते हुए कहा कि सामूहिक प्रयासों से ही स्वच्छ, हरित और समृद्ध प्रदेश का सपना साकार होगा। उन्होंने बताया कि हरिशंकरी के अंतर्गत बरगद, पीपल और पाकड़ के पौधे एक साथ लगाए जाते हैं। मान्यता है कि ये वृक्ष पर्यावरण संतुलन बनाए रखने और प्राणवायु उपलब्ध कराने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के आह्वान पर चलाए जा रहे 'एक पेड़ मां के नाम' अभियान के तहत रविवार को मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में प्रदेशभर में 35 करोड़ पौधे लगाए जा रहे हैं। इसी क्रम में प्रयागराज में 82 लाख 50 हजार पौधे लगाने के लक्ष्य का शुभारंभ उत्तर प्रदेश सरकार के औद्योगिक विकास मंत्री नन्द गोपाल गुप्ता 'नंदी' ने ऐतिहासिक शहीद चंद्रशेखर आजाद पार्क में पौधरोपण कर किया।
कार्यक्रम की शुरुआत मंत्री नंदी ने अमर शहीद चंद्रशेखर आजाद की प्रतिमा पर पुष्पांजलि अर्पित कर उन्हें श्रद्धांजलि देने के साथ की। इसके बाद उन्होंने 'वृक्षारोपण महायज्ञ-2026' के अंतर्गत हरिशंकरी पौधा रोपित कर पर्यावरण संरक्षण और हरित उत्तर प्रदेश के संकल्प को सशक्त किया।
इस अवसर पर फाफामऊ विधायक गुरुप्रसाद मौर्य, जिलाधिकारी मनीष वर्मा, चीफ कंजरवेटर मनोज कुमार, प्रभागीय वनाधिकारी अरविंद यादव, एडीआईओएस नीरज केसरी, मंडलीय सूचनाधिकारी इन्द्रमणि पाण्डेय, उद्यान अधीक्षक सिविल डिफेंस राकेश तिवारी, सामाजिक कार्यकर्ता रवि, कार्यक्रम संचालक डॉ. प्रभाकर त्रिपाठी, गोरखा राइफल्स के जवान, स्काउट एवं गाइड के छात्र-छात्राएँ तथा अन्य लोग उपस्थित रहे।