मीरजापुर : मायके से डोली में सवार होकर आएंगी मां भंडारी, जयकारों से गूंजेगा अहरौरा

मीरजापुर : मायके से डोली में सवार होकर आएंगी मां भंडारी, जयकारों से गूंजेगा अहरौरा

मीरजापुर : मायके से डोली में सवार होकर आएंगी मां भंडारी, जयकारों से गूंजेगा अहरौरा

मीरजापुर, 10 अगस्त । सावन के दूसरे मंगलवार को अहरौरा में आस्था और परंपरा का अनूठा संगम देखने को मिलेगा। क्षेत्र की अधिष्ठात्री मां भंडारी देवी अपने मायके सीयूर स्थित राजा कर्णपाल सिंह की पहाड़ी से डोली में सवार होकर अहरौरा डीह स्थित अपने मंदिर पहुंचेंगी। मां को मायके से विदा कराने की तैयारियां लगभग पूरी हो गई हैं।

मां भंडारी देवी विकास समिति से जुड़े शिशिर पांडेय ने बताया कि प्राचीन परंपरा के अनुसार हर तीसरे वर्ष मां भंडारी को उनके मायके स्थित मंदिर से विधिवत पूजा-अर्चना के बाद डोली में विराजमान कराया जाता है। मंगलवार को अहरौरा डीह के सैकड़ों श्रद्धालु, मंदिर विकास समिति के पदाधिकारी, बाजे-गाजे, दर्शनिया और कहारों के साथ बाढ़ू बाबा मंदिर से सीयूर स्थित पहाड़ी के लिए रवाना होंगे।

वहां विधि-विधान से पूजा के बाद दर्शनिया मां की अर्चना करेंगे। इसके बाद कहार डोली को कंधे पर उठाकर मां के जयकारों के बीच परंपरागत मार्ग से अहरौरा डीह की पहाड़ी पर स्थित मंदिर के लिए रवाना होंगे। मां की डोली जहां-जहां से गुजरेगी, वहां ग्रामीण श्रद्धा से पूजा-अर्चना करेंगे। देर रात तक चलने वाली इस यात्रा में हजारों श्रद्धालुओं के शामिल होने की संभावना है। मां के जयकारों और ढोल-नगाड़ों से पूरा क्षेत्र भक्तिमय हो उठेगा। आखिर में मां भंडारी को उनके मंदिर में विधिवत प्रतिष्ठापित किया जाएगा।