उप्र खाद्य प्रसंस्करण उद्योग नीति 2023 से निवेश, उद्यमिता और रोजगार को मिल रही नई गति : केशव प्रसाद मौर्य

खाद्य प्रसंस्करण क्षेत्र में रोजगार और किसानों की आय बढ़ाने का सशक्त माध्यम है आधुनिक पैकेजिंग फूड पैकेजिंग एवं लेबलिंग पर कार्यशाला का आयोजन, एफएसएसएआई मानकों और निर्यात गुणवत्ता पर विशेषज्ञों ने किया मार्गदर्शन

उप्र खाद्य प्रसंस्करण उद्योग नीति 2023 से निवेश, उद्यमिता और रोजगार को मिल रही नई गति : केशव प्रसाद मौर्य

लखनऊ, 25 जुलाई उत्तर प्रदेश के उप मुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य ने कहा कि खाद्य प्रसंस्करण के क्षेत्र में रोजगार एवं स्वरोजगार की अपार संभावनाएं हैं। प्रदेश सरकार किसानों, युवाओं एवं उद्यमियों की आय बढ़ाने के उद्देश्य से खाद्य प्रसंस्करण उद्योग को निरंतर प्रोत्साहित कर रही है।

उन्होंने कहा कि उत्तर प्रदेश खाद्य प्रसंस्करण उद्योग नीति-2023 इस दिशा में वरदान साबित हो रही है, जिसके परिणामस्वरूप प्रदेश में खाद्य प्रसंस्करण क्षेत्र में निवेश लगातार बढ़ रहा है तथा नए-नए आयाम स्थापित हो रहे हैं। उन्होंने कहा कि प्रसंस्कृत खाद्य पदार्थों की बेहतर पैकेजिंग एवं प्रभावी ब्रांडिंग से उत्पादों की गुणवत्ता, बाजार में स्वीकार्यता तथा निर्यात क्षमता में उल्लेखनीय वृद्धि होती है, इसलिए सरकार इस क्षेत्र पर विशेष ध्यान दे रही है।

उप मुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य के निर्देशों के क्रम में कृषकों, एफपीओ, खाद्य प्रसंस्करण उद्यमियों एवं छात्र-छात्राओं में खाद्य पदार्थों की पैकेजिंग एवं लेबलिंग के महत्व के प्रति जागरूकता उत्पन्न करने के उद्देश्य से क्षेत्रीय खाद्य अनुसंधान एवं विश्लेषण केन्द्र (आर-फ्रैंक), खाद्य प्रसंस्करण विभाग, उद्यान भवन परिसर, 2-सप्रू मार्ग, लखनऊ में शनिवार को "फूड पैकेजिंग एंड लेबलिंग रेगुलेशन" विषयक कार्यशाला का आयोजन किया गया।

कार्यशाला में सहायक आयुक्त, खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन, लखनऊ वी.के. पाण्डेय ने भारतीय खाद्य सुरक्षा एवं मानक प्राधिकरण (एफएसएसएआई) के विनियमों पर विस्तृत जानकारी देते हुए खाद्य उत्पादों के विनिर्माण, पैकेजिंग, लेबलिंग तथा खाद्य सुरक्षा मानकों के अनुपालन संबंधी महत्वपूर्ण प्रावधानों से प्रतिभागियों को अवगत कराया। मुख्य खाद्य सुरक्षा अधिकारी, गोण्डा एम.पी. सिंह ने खाद्य उत्पादों की लेबलिंग, अनिवार्य घोषणाओं, उपभोक्ता हितों तथा नियामकीय आवश्यकताओं पर विस्तार से प्रकाश डाला।

बी.बी.ए.यू., लखनऊ के डॉ. आशीष जाटव ने अनुसंधान आधारित खाद्य पैकेजिंग, आधुनिक पैकेजिंग तकनीकों तथा एक्सट्रूडेड खाद्य उत्पादों की वैज्ञानिक एवं तकनीकी विशेषताओं की जानकारी दी। वहीं भारतीय पैकेजिंग संस्थान, लखनऊ की डॉ. प्रज्ञा गुप्ता ने खाद्य उत्पादों के निर्यात, अंतरराष्ट्रीय गुणवत्ता मानकों, निर्यात पैकेजिंग आवश्यकताओं तथा वैश्विक बाजार में प्रतिस्पर्धात्मकता बढ़ाने के उपायों पर विस्तृत व्याख्यान दिया। डॉ. अनिरुद्ध कुमार ने खाद्य उत्पादों के वैज्ञानिक विनिर्माण, प्रसंस्करण, सुरक्षित पैकेजिंग एवं गुणवत्ता नियंत्रण के विभिन्न पहलुओं पर विशेषज्ञ जानकारी साझा की।

कार्यशाला के दौरान आर-फ्रैंक के निदेशक डॉ. हरीश कुमार ने मुख्य एवं विशिष्ट अतिथियों का पुष्पगुच्छ एवं स्मृति चिन्ह भेंट कर स्वागत एवं सम्मान किया। कार्यक्रम में गोरखपुर, वाराणसी, कानपुर, बस्ती, एटा, प्रयागराज, गाजीपुर, रायबरेली तथा लखनऊ सहित विभिन्न जनपदों से आए कृषकों, एफपीओ प्रतिनिधियों, खाद्य प्रसंस्करण उद्यमियों, अभ्यर्थियों एवं विश्वविद्यालयों के छात्र-छात्राओं ने उत्साहपूर्वक सहभागिता की।

कार्यक्रम के अंत में डॉ. हरीश कुमार ने सभी अतिथियों, विशेषज्ञ वक्ताओं एवं प्रतिभागियों के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कार्यशाला का समापन किया। कार्यशाला के सफल आयोजन में आर-फ्रैंक के अधिकारियों एवं कर्मचारियों रंजना प्रकाश, सतीश जैन, शुभम, डॉ. प्रियंका, ज्योति, कु. रूनझुन, कु. अमरीन तथा कु. पारुल सहित अन्य कर्मचारियों का महत्वपूर्ण योगदान रहा।