भारतीय रेलवे ने ट्रेनों और स्टेशनों पर अग्नि सुरक्षा व्यवस्था की मजबूत, यात्रियों की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता

भारतीय रेलवे ने ट्रेनों और स्टेशनों पर अग्नि सुरक्षा व्यवस्था की मजबूत, यात्रियों की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता

भारतीय रेलवे ने ट्रेनों और स्टेशनों पर अग्नि सुरक्षा व्यवस्था की मजबूत, यात्रियों की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता

प्रयागराज, 05 अगस्त। भारतीय रेलवे यात्रियों की सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए ट्रेनों और रेलवे स्टेशनों पर आग की घटनाओं की रोकथाम तथा आपात स्थिति से निपटने के लिए बहुस्तरीय अग्नि सुरक्षा व्यवस्था को लगातार मजबूत कर रहा है। रेलवे ने सुरक्षा उपकरणों, प्रशिक्षित कर्मचारियों, आधुनिक तकनीक और त्वरित राहत प्रणाली के माध्यम से व्यापक इंतजाम किए हैं। यह जानकारी बुधवार को उमरे के जनसंपर्क अधिकारी अमित मालवीय ने दी।

उन्होंने बताया कि रेलवे स्टेशनों पर पोर्टेबल अग्निशामक यंत्र, रेत और पानी से भरी बाल्टियां, सार्वजनिक उद्घोषणा प्रणाली, ऑटोमैटिक फायर अलार्म, आपातकालीन प्रकाश व्यवस्था, स्पष्ट निकास मार्ग तथा विद्युत प्रणालियों का नियमित सुरक्षा ऑडिट कराया जाता है। बड़े स्टेशनों पर यात्रियों के सामान की स्कैनिंग भी की जाती है तथा ज्वलनशील वस्तुएं लेकर यात्रा न करने के लिए लगातार जागरूकता अभियान चलाए जाते हैं।

ट्रेनों में प्रत्येक कोच में कम से कम दो अग्निशामक यंत्र उपलब्ध कराए गए हैं। पैंट्री कार और पावर कार में फायर डिटेक्शन एंड सप्रेशन सिस्टम, वाटर मिस्ट अग्निशामक यंत्र, आग एवं धुएं का पता लगाने वाली प्रणाली, अग्निरोधी सामग्री, इमरजेंसी विंडो तथा सुरक्षित विद्युत प्रणाली जैसी आधुनिक सुविधाएं उपलब्ध हैं। वंदे भारत ट्रेनों में यात्रियों के लिए इमरजेंसी टॉक बैक यूनिट और आपातकालीन अलार्म बटन की भी व्यवस्था की गई है।

रेलवे ने आपात स्थिति में त्वरित सहायता के लिए रेल मदद' हेल्पलाइन 139 को प्रभावी बनाया है, जिससे यात्री तुरंत सहायता प्राप्त कर सकते हैं। साथ ही स्टेशन प्रबंधक, लोको पायलट, ट्रेन मैनेजर, टिकट निरीक्षक और अन्य फ्रंटलाइन कर्मचारियों को अग्निशमन, प्राथमिक उपचार और आपदा प्रबंधन का नियमित प्रशिक्षण दिया जाता है।

आपातकालीन परिस्थितियों से प्रभावी ढंग से निपटने के लिए भारतीय रेलवे के पास देशभर में 177 दुर्घटना राहत ट्रेनें (एआरटी), 100 उच्च क्षमता वाली ब्रेकडाउन क्रेन और 170 दुर्घटना राहत चिकित्सा इकाइयां (एआरएमई) उपलब्ध हैं। आवश्यकता पड़ने पर जिला प्रशासन, दमकल विभाग, पुलिस, एनडीआरएफ, एसडीआरएफ और चिकित्सा संस्थानों के साथ समन्वय स्थापित कर तत्काल राहत एवं बचाव कार्य शुरू किया जाता है।

उमरे के जनसंपर्क अधिकारी अमित मालवीय ने बताया कि भारतीय रेलवे का उद्देश्य केवल आग की घटनाओं की रोकथाम करना ही नहीं, बल्कि किसी भी आपात स्थिति में यात्रियों को त्वरित और प्रभावी सहायता उपलब्ध कराना भी है। उन्होंने कहा कि रेलवे आधुनिक तकनीक, नियमित मॉक ड्रिल, प्रशिक्षित मानव संसाधन और उन्नत सुरक्षा प्रणालियों के माध्यम से यात्रियों की सुरक्षा को और अधिक सुदृढ़ बनाने के लिए निरंतर कार्य कर रहा है। उनका कहना है कि किसी भी आपात स्थिति में रेलवे की पहली प्राथमिकता यात्रियों की जान बचाना, घायलों को तत्काल चिकित्सा सहायता उपलब्ध कराना और फंसे यात्रियों को सुरक्षित बाहर

निकालना होती है।