राज्यपाल आनंदीबेन पटेल ने सम्पूर्णानन्द संस्कृत विश्वविद्यालय में जीर्णोद्धार पुरातत्व संग्रहालय का किया लोकार्पण

—दुर्लभ पाण्डुलिपियों, पुरातात्विक धरोहरों और निर्माणाधीन विकास कार्यों का किया निरीक्षण, संरक्षण कार्यों की सराहना

राज्यपाल आनंदीबेन पटेल ने सम्पूर्णानन्द संस्कृत विश्वविद्यालय में जीर्णोद्धार पुरातत्व संग्रहालय का किया लोकार्पण

वाराणसी, 29 जुलाई । उत्तर प्रदेश की राज्यपाल एवं सम्पूर्णानन्द संस्कृत विश्वविद्यालय की कुलाधिपति आनंदीबेन पटेल ने बुधवार को विश्वविद्यालय के 44वें दीक्षांत समारोह में सहभागिता के दौरान परिसर में संचालित विभिन्न विकास एवं संरक्षण कार्यों का निरीक्षण किया। इस अवसर पर उन्होंने लगभग 4 करोड़ 50 लाख रुपये की लागत से जीर्णोद्धार एवं आधुनिकीकरण किए गए विश्वविद्यालय के ऐतिहासिक लाल भवन, पुरातत्व संग्रहालय तथा शताब्दी भवन अतिथि गृह का लोकार्पण किया।

—ऐतिहासिक धरोहरों को मूल स्वरूप में संरक्षित रखने की सराहना

राज्यपाल ने वर्ष 1917 में अंग्रेजों द्वारा निर्मित ऐतिहासिक लाल भवन तथा 15 नवंबर 1998 को लोकार्पित शताब्दी भवन अतिथि गृह के नवीनीकरण के बाद उनका उद्घाटन किया। उन्होंने भवनों के मूल स्वरूप को सुरक्षित रखते हुए किए गए संरक्षण एवं आधुनिकीकरण कार्यों की प्रशंसा करते हुए इसे विश्वविद्यालय की सांस्कृतिक विरासत को सहेजने की महत्वपूर्ण पहल बताया।

—कुषाणकालीन मानव मस्तक ने खींचा राज्यपाल का ध्यान

विश्वविद्यालय के वर्ष 1950 में स्थापित पुरातत्व संग्रहालय का अवलोकन करते हुए राज्यपाल ने यहां संरक्षित 7,000 से अधिक दुर्लभ पुरावस्तुओं, प्राचीन मुद्राओं, मूर्तियों और ऐतिहासिक धरोहरों का निरीक्षण किया। संग्रहालय में सुरक्षित कुषाणकालीन मानव मस्तक को देखकर वे विशेष रूप से प्रभावित हुईं। उन्होंने कहा कि आधुनिक सुविधाओं से सुसज्जित यह संग्रहालय भविष्य में शोधार्थियों, विद्यार्थियों तथा देश-विदेश से आने वाले पर्यटकों के लिए अध्ययन और आकर्षण का महत्वपूर्ण केंद्र बनेगा।

—सवा लाख से अधिक दुर्लभ पाण्डुलिपियों के संरक्षण कार्य की सराहना

राज्यपाल ने सरस्वती भवन पुस्तकालय में 'ज्ञान भारतम्' (राष्ट्रीय पाण्डुलिपि मिशन) के अंतर्गत संचालित दुर्लभ पाण्डुलिपि संरक्षण केंद्र का भी सूक्ष्म निरीक्षण किया। उन्होंने यहां संरक्षित सवा लाख से अधिक दुर्लभ पाण्डुलिपियों के संरक्षण, दस्तावेजीकरण एवं डिजिटलीकरण के कार्यों की मुक्तकंठ से सराहना करते हुए कहा कि भारतीय ज्ञान-परंपरा के संरक्षण और संवर्धन की दिशा में यह अत्यंत महत्वपूर्ण प्रयास है।

—निर्माणाधीन परियोजनाओं की गुणवत्ता पर जताया संतोष

राज्यपाल ने एयरपोर्ट अथॉरिटी ऑफ इंडिया के सीएसआर फंड से निर्माणाधीन श्रमण विद्या संकाय के जीर्णोद्धार एवं आधुनिकीकरण कार्यों का भी निरीक्षण किया। निर्माण कार्य की गुणवत्ता और आधुनिक स्वरूप पर संतोष व्यक्त करते हुए उन्होंने इसे विश्वविद्यालय की आधारभूत संरचना को सुदृढ़ बनाने की महत्वपूर्ण पहल बताया। इसके अलावा उन्होंने दलाई लामा भवन सहित परिसर में संचालित अन्य विकास एवं संरक्षण कार्यों का भी अवलोकन किया।

—भारतीय ज्ञान-परंपरा को वैश्विक पहचान दिलाने में मिलेगी मदद : राज्यपाल

इस अवसर पर राज्यपाल आनंदीबेन पटेल ने कहा कि सम्पूर्णानन्द संस्कृत विश्वविद्यालय अपनी ऐतिहासिक धरोहरों के संरक्षण के साथ आधुनिक अधोसंरचना के विकास का अनुकरणीय कार्य कर रहा है। यह प्रयास भारतीय ज्ञान-परम्परा को सुरक्षित रखते हुए भावी पीढ़ियों तक उसके प्रभावी संवहन तथा विश्वविद्यालय को राष्ट्रीय एवं वैश्विक स्तर पर नई पहचान दिलाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।

—ये रहे उपस्थित

निरीक्षण कार्यक्रम में प्रदेश के उच्च शिक्षा मंत्री योगेन्द्र उपाध्याय, कुलपति प्रो. बिहारी लाल शर्मा, कुलसचिव राकेश कुमार, प्रो. जितेन्द्र कुमार, प्रो. राजनाथ, प्रो. दिनेश कुमार गर्ग, डॉ. विशाखा शुक्ला, अभियंता रामविजय सिंह, डॉ. विमल कुमार त्रिपाठी आदि भी मौजूद रहे।