दिल्ली में अंतरराष्ट्रीय ड्रग्स सिंडिकेट का भंडाफोड़, नेपाल बॉर्डर से आती थी चरस
दिल्ली में अंतरराष्ट्रीय ड्रग्स सिंडिकेट का भंडाफोड़, नेपाल बॉर्डर से आती थी चरस
नई दिल्ली, 03 जुलाई । दक्षिण जिला पुलिस की स्पेशल स्टाफ ने राजधानी में सक्रिय एक अंतरराष्ट्रीय मादक पदार्थ तस्करी गिरोह का भंडाफोड़ करते हुए तीन नेपाली नागरिकों को गिरफ्तार किया है। आरोपितों के कब्जे से 8.598 किलोग्राम उच्च गुणवत्ता की चरस बरामद हुई है, जिसकी अंतरराष्ट्रीय अवैध बाजार में कीमत करीब नौ करोड़ रुपये आंकी गई है। पुलिस का दावा है कि यह गिरोह भारत-नेपाल सीमा के रास्ते चरस दिल्ली लाकर राजधानी और एनसीआर के विभिन्न इलाकों में सप्लाई करता था। तस्करी का पूरा नेटवर्क व्हाट्सएप, डिजिटल बैंकिंग और ऑनलाइन भुगतान के जरिए संचालित किया जा रहा था। इस मामले में कोटला मुबारकपुर थाने में एफआईआर संख्या 129/2026 के तहत एनडीपीएस एक्ट की धारा 20, 25 और 29 में मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी गई है। पुलिस अब इस गिरोह से जुड़े अन्य सदस्यों, नेपाल में बैठे सप्लायर और दिल्ली-एनसीआर में सक्रिय खरीदारों की पहचान करने में जुटी है। आरोपितों की पहचान ज्योति पुन मगर, भारत थापा और गोविंद बुद्धागुप्त के रूप में हुई है।
दक्षिण जिले के पुलिस उपायुक्त अनंत मित्तल ने शुक्रवार को पुलिस मुख्यालय में प्रेस वार्ता कर बताया कि स्पेशल स्टाफ को कुछ दिन पहले सूचना मिली थी कि कोटला मुबारकपुर इलाके में रहने वाले तीन नेपाली नागरिक बड़े स्तर पर चरस की तस्करी कर रहे हैं। यह भी जानकारी मिली कि आरोपितों के पास भारी मात्रा में मादक पदार्थ मौजूद है और जल्द ही इसकी सप्लाई दिल्ली के अलग-अलग इलाकों में की जानी है।
सूचना मिलने के बाद स्पेशल स्टाफ ने कई दिनों तक आरोपितों की गतिविधियों पर नजर रखी। उनके आने-जाने, मिलने-जुलने वालों और संदिग्ध गतिविधियों की निगरानी की गई। सूचना पूरी तरह पुख्ता होने के बाद 29 जून को पुलिस टीम ने आरोपितों के ठिकाने पर योजनाबद्ध तरीके से छापा मारा।
छापेमारी के दौरान तीनों आरोपित मौके पर ही पकड़ लिए गए। तलाशी लेने पर उनके पास से कुल 8.598 किलोग्राम उच्च गुणवत्ता की चरस बरामद हुई। बरामदगी के बाद पुलिस ने मौके पर ही सभी कानूनी औपचारिकताएं पूरी करते हुए चरस को जब्त कर लिया और आरोपितों को गिरफ्तार किया।
मुख्य सप्लायर था ज्योति पुन मगर
पूछताछ में पुलिस को पता चला कि गिरफ्तार आरोपित ज्योति पुन मगर पूरे नेटवर्क का मुख्य संचालक था। वही नेपाल में बैठे सप्लायर से संपर्क करता था और भारत-नेपाल सीमा के सोनौली बॉर्डर के रास्ते चरस दिल्ली तक मंगवाता था। दिल्ली पहुंचने के बाद गिरोह का दूसरा सदस्य भारत थापा और तीसरा सदस्य गोविंद बुद्धा राजधानी और एनसीआर के विभिन्न इलाकों में ग्राहकों तक चरस पहुंचाने का काम करते थे। तीनों पिछले काफी समय से इस धंधे में सक्रिय थे और बड़ी मात्रा में मादक पदार्थ की सप्लाई कर रहे थे।
व्हाट्सएप पर बुकिंग, डिजिटल पेमेंट से लेन-देन
जांच में सामने आया है कि आरोपी पूरी तरह आधुनिक तकनीक का इस्तेमाल कर रहे थे। ग्राहक व्हाट्सएप के जरिए उनसे संपर्क करते थे और वहीं ऑर्डर दिया जाता था। भुगतान यूपीआई और अन्य डिजिटल बैंकिंग माध्यमों से लिया जाता था। पुलिस के अनुसार, आरोपी बेहद शातिर तरीके से काम करते थे। हर डील पूरी होने के बाद वे व्हाट्सएप चैट, कॉल हिस्ट्री और अन्य डिजिटल रिकॉर्ड तुरंत डिलीट कर देते थे, ताकि पुलिस को उनके नेटवर्क का कोई सुराग न मिल सके।
ऑटो और बाइक टैक्सी से होती थी डिलीवरी
पुलिस जांच में यह भी सामने आया है कि आरोपी किसी एक वाहन का लगातार इस्तेमाल नहीं करते थे। वे पुलिस की नजर से बचने के लिए ऑटो-रिक्शा और बाइक टैक्सी से अलग-अलग इलाकों में जाकर ग्राहकों को चरस की डिलीवरी देते थे। इससे उनकी गतिविधियों पर नजर रखना मुश्किल हो जाता था।
नेपाल बॉर्डर से जुड़ा है पूरा नेटवर्क
पुलिस अधिकारियों का कहना है कि प्रारंभिक जांच में इस गिरोह के तार भारत-नेपाल सीमा से जुड़े हैं। चरस की खेप नेपाल से सोनौली बॉर्डर के रास्ते भारत लाई जाती थी और फिर दिल्ली पहुंचाई जाती थी। अब पुलिस नेपाल में बैठे सप्लायर और इस नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों की पहचान करने में जुटी है। इसके लिए डिजिटल साक्ष्यों और बैंक खातों की भी जांच की जा रही है। पकड़े गए तीनों आरोपित मूल रूप से नेपाल के रहने वाले हैं और फिलहाल दक्षिण दिल्ली के कोटला मुबारकपुर स्थित श्याम गली, नानक चंद बस्ती में रह रहे थे। पुलिस के मुताबिक शुरुआती जांच में तीनों के खिलाफ पहले किसी आपराधिक मामले का रिकॉर्ड नहीं मिला है। हालांकि यह पता लगाया जा रहा है कि वे कब से इस नेटवर्क से जुड़े हुए थे और पहले कितनी खेप दिल्ली ला चुके हैं।
किसके पास से कितनी चरस मिली
- ज्योति पुन मगर के कब्जे से 5.566 किलोग्राम चरस।
- भारत थापा के कब्जे से 1.552 किलोग्राम चरस।
- गोविंद बुद्धा के कब्जे से 1.480 किलोग्राम चरस।