दीपोत्सव से पहले पुलिस, PAC, RAF, SDRF और ATS कमांडो की तैनाती; उपराष्ट्रपति सी.पी. राधाकृष्णन के काफिले का एयरपोर्ट से रामकथा पार्क तक हुआ रिहर्सल

दीपोत्सव से पहले पुलिस, PAC, RAF, SDRF और ATS कमांडो की तैनाती; उपराष्ट्रपति सी.पी. राधाकृष्णन के काफिले का एयरपोर्ट से रामकथा पार्क तक हुआ रिहर्सल

दीपोत्सव से पहले पुलिस, PAC, RAF, SDRF और ATS कमांडो की तैनाती; उपराष्ट्रपति सी.पी. राधाकृष्णन के काफिले का एयरपोर्ट से रामकथा पार्क तक हुआ रिहर्सल

दीपोत्सव पर अयोध्या में सुरक्षा चाक-चौबंद, उपराष्ट्रपति की फ्लीट का रिहर्सल

- दीपोत्सव पर अयोध्या धाम क्षेत्र को 20 जोन और 53 सेक्टर में बांटा गया

-पुलिस के साथ पीएसी, आरएएफ और एटीएस कमांडो की तैनाती, दो पालियों में लगाई गई ड्यूटी

अयोध्या, 06 नवंबर (हि.स.)। अयोध्या में दीपोत्सव के लिए सुरक्षा के व्यापक इंतजाम किए गए हैं। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के आने से पहले ही सुरक्षा व्यवस्था चाक चौबंद कर दी गई है। इसके साथ महर्षि वाल्मीकि अंतरराष्ट्रीय हवाईअड्डे से लेकर राम कथा पार्क तक उपराष्ट्रपति सीपी राधाकृष्णन की फ्लीट का रिहर्सल किया गया।

अयोध्याधाम क्षेत्र को 20 जोन और 53 सेक्टर में बांटा गया है। अयोध्या के वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक डॉ. गौरव ग्रोवर ने बताया कि प्रमुख कार्यक्रम स्थलों, मंदिरों और रामलीला स्थल पर पुलिस की ड्यूटी लगाई गई है। सुरक्षा व्यवस्था में पुलिस के साथ पीएसी, आरएएफ, एसडीआरएफ और एटीएस कमांडो भी शामिल रहेंगे।

सात नवंबर को छोटी दीपावली पर दीपोत्सव और आठ नवंबर को दीपावली है। इसे देखते हुए कार्यक्रम स्थलों पर दो पालियों में पुलिस की ड्यूटी लगाई गई है। हर जोन की जिम्मेदारी अपर पुलिस अधीक्षक या पुलिस उपाधीक्षक स्तर के अधिकारी को दी गई है।

सेक्टरों में पुलिस उपाधीक्षक और निरीक्षक स्तर के अधिकारी तैनात किए गए हैं। मुख्य कार्यक्रम स्थलों पर तैयारियां समय से पूरी कराने के लिए नोडल अधिकारी भी नामित किए गए हैं।

सुरक्षा के लिए निर्धारित पुलिस बल में 20 अपर पुलिस अधीक्षक, 45 पुलिस उपाधीक्षक, 120 निरीक्षक, 450 उपनिरीक्षक और 60 महिला उपनिरीक्षक शामिल हैं। इनके अलावा 1,750 मुख्य आरक्षी व आरक्षी और 400 महिला आरक्षियों की ड्यूटी तय की गई है। यातायात व्यवस्था संभालने के लिए 10 यातायात निरीक्षक, 50 उपनिरीक्षक यातायात और 300 मुख्य आरक्षी व आरक्षी लगाए जाएंगे। पीएसी की नौ सामान्य कंपनियों और एक बाढ़ राहत कंपनी के साथ आरएएफ की तीन कंपनियां भी तैनात की गई हैं।

एसडीआरएफ और एटीएस कमांडो की एक-एक टीम सुरक्षा व्यवस्था में शामिल रहेगी। खुफिया निगरानी के लिए तीन निरीक्षक, 25 उपनिरीक्षक, 50 मुख्य आरक्षी व आरक्षी तथा 15 महिला मुख्य आरक्षी व आरक्षी लगाए गए हैं।

कार्यक्रम स्थलों की जांच के लिए एंटी माइंस की एक टीम, बम जांच एवं निरोधक दस्ते की तीन टीमें और एएस चेक की नौ टीमें निर्धारित की गई हैं। जरूरत पड़ने पर तत्काल कार्रवाई के लिए अतिरिक्त त्वरित प्रतिक्रिया दल यानी क्यूआरटी और रिजर्व पुलिस दल का भी गठन किया गया है।