मुख्यमंत्री युवा योजना के तहत किसान 05 लाख रुपये तक का ब्याज मुक्त ऋण से शुरू कर सकते हैं मशरूम उत्पादन
मशरूम उत्पादन तकनीक प्रशिक्षण का दूसरा दिन संपन्न, 100 प्रशिक्षार्थियों ने लिया प्रशिक्षण
प्रयागराज, 12 मार्च । मुख्यमंत्री युवा योजना के तहत किसान भाई एवं बहन पांच लाख रुपये तक का ब्याज मुक्त ऋण लेकर मशरूम उत्पादन का कार्य शुरू कर सकते हैं। इससे कम लगभग दो लाख रुपये की लागत से एक मिनी मशरूम उत्पादन यूनिट स्थापित कर किसान छोटी झोपड़ी से भी मशरूम उत्पादन प्रारंभ कर सकते हैं, जिससे प्रति माह 20 से 25 हजार रुपये तक आय प्राप्त की जा सकती है। यह जानकारी मशरूम प्रशिक्षण के दूसरे दिन मुख्य उद्यान विशेषज्ञ डॉ. वीरेंद्र सिंह ने दी।
उन्होंने बताया कि मशरूम में प्रोटीन, विटामिन-डी और फाइबर प्रचुर मात्रा में पाया जाता है, जो डायबिटीज, हृदय रोग और उच्च रक्तचाप के रोगियों के लिए लाभदायक है। मशरूम उत्पादन की आधुनिक तकनीकों के साथ-साथ विभाग की विभिन्न योजनाओं की जानकारी दी।
तकनीकी सत्र में डॉ. एस. आर. बघेल ने व्यावहारिक प्रदर्शन करते हुए बताया कि भूसे को भिगोने के बाद उसमें उचित नमी बनाए रखते हुए स्पॉन डालकर मशरूम बैग तैयार किए जाते हैं। उन्होंने बताया कि बैग को कमरे में किस प्रकार रखना है, कितने दिनों में उत्पादन शुरू होता है तथा मशरूम को सुखाने और पैकिंग कर बाजार में बिक्री करने की प्रक्रिया क्या है। उन्होंने बताया कि सही तकनीक से मशरूम उत्पादन कर किसान अच्छा लाभ प्राप्त कर सकते हैं। प्रशिक्षण के व्यावहारिक सत्र में सभी प्रतिभागियों को एक-एक मशरूम बैग निःशुल्क दिया गया, जिससे वे घर पर उत्पादन का अभ्यास कर सकें। इस दौरान 10 किसानों ने लगभग दो लाख रुपये की लागत से मशरूम उत्पादन यूनिट स्थापित करने की इच्छा भी व्यक्त की।28 दिन में तैयार होती है कंपोस्ट खाद मशरूम विशेषज्ञ कुंवारी ईशा ने बताया कि बटन मशरूम उत्पादन के लिए कंपोस्ट तैयार करनी पड़ती है, जिसमें करीब 28 दिन का समय लगता है और सात बार पलटाई करनी होती है। कंपोस्ट तैयार करने में चोकर, मुर्गे की खाद, यूरिया, पोटाश और जिप्सम का उपयोग किया जाता है। उन्होंने बताया कि बटन मशरूम का उत्पादन अक्टूबर से फरवरी के बीच बेहतर होता है। उन्होंने यह भी बताया कि ऑटोमैटिक मशरूम प्लांट स्थापित करने में लगभग 30 लाख रुपये का खर्च आता है, जिसमें सरकार द्वारा करीब 12 लाख रुपये की सब्सिडी दी जाती है।
खुसरो बाग स्थित औद्यानिक प्रयोग एवं प्रशिक्षण केंद्र में एकीकृत बागवानी विकास मिशन योजना के अंतर्गत आयोजित तीन दिवसीय मशरूम उत्पादन तकनीक प्रशिक्षण कार्यक्रम का दूसरा दिन गुरुवार को संपन्न हुआ। इस दौरान लगभग 100 किसानों और प्रशिक्षार्थियों को मशरूम उत्पादन की आधुनिक तकनीकों की जानकारी दी गई।
प्रशिक्षण में फतेहपुर, कौशांबी, प्रतापगढ़ और प्रयागराज जनपदों से आए किसानों ने भाग लिया।
कार्यक्रम के अंत में खुसरोबाग प्रभारी डॉ. वी. के. सिंह ने सभी प्रशिक्षार्थियों को नर्सरी का भ्रमण कराया और आम तथा अमरूद की फसलों में कीट एवं रोग से बचाव तथा फल गिरने से रोकने की वैज्ञानिक विधियों की जानकारी दी।