यूपी एसटीएफ भगोड़े शार्प शूटर सोहराब की देशव्यापी तलाश में जुटी, पैरोल पर रिहा होकर फरार
यूपी एसटीएफ भगोड़े शार्प शूटर सोहराब की देशव्यापी तलाश में जुटी, पैरोल पर रिहा होकर फरार
लखनऊ, 06 जुलाई )। उत्तर प्रदेश स्पेशल टास्क फोर्स (एसटीएफ) लखनऊ से फरार हुए कुख्यात शार्प शूटर सोहराब की तलाश में एक गहन अभियान छेड़े हुए है। जानकारी के अनुसार, सोहराब बीते सप्ताह नई दिल्ली की उच्च सुरक्षा वाली तिहाड़ जेल से पैरोल पर रिहा हुआ था। उसे अपनी पत्नी से मिलने के लिए लखनऊ आने की अनुमति मिली थी, लेकिन निर्धारित अवधि समाप्त होने के बाद वह वापस तिहाड़ जेल नहीं लौटा, जिससे कानून प्रवर्तन एजेंसियों के समक्ष एक बड़ी चुनौती खड़ी हो गई है।
इस गंभीर मामले की जानकारी मिलते ही दिल्ली पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए तत्काल लखनऊ कमिश्नरेट पुलिस और यूपी एसटीएफ को इसकी सूचना दी, जिसके बाद सोहराब की गिरफ्तारी के लिए व्यापक स्तर पर कार्रवाई शुरू की गई।
लखनऊ के पुलिस कमिश्नर अमरेंद्र कुमार सेंगर ने इस विषय पर बयान देते हुए बताया कि शार्प शूटर सोहराब की गिरफ्तारी के लिए पुलिस की विशेष टीम के साथ-साथ एसटीएफ की एक समर्पित टीम को भी मोर्चे पर लगाया गया है। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि जल्द ही सोहराब को पकड़ लिया जाएगा और कानूनी प्रक्रिया के तहत उसे दिल्ली पुलिस को सौंप दिया जाएगा ताकि आगे की कार्यवाही की जा सके।
यह उल्लेखनीय है कि सोहराब अपने भाईयों सलीम और रुस्तम के साथ मिलकर 'सलीम-रुस्तम-सोहराब' गिरोह का एक अभिन्न अंग है, जो उत्तर प्रदेश और दिल्ली में आपराधिक गतिविधियों का एक प्रमुख नाम रहा है। लखनऊ में तो इन्हें 'दहशत का दूसरा नाम' बताया जाता है। ये तीनों भाई पेशेवर शार्प शूटरों के रूप में कुख्यात हैं, जिनकी आपराधिक फेहरिस्त बेहद लंबी है। इनके खिलाफ न केवल उत्तर प्रदेश के लखनऊ, कानपुर, प्रयागराज और वाराणसी जैसे प्रमुख शहरों में, बल्कि राष्ट्रीय राजधानी नई दिल्ली में भी हत्या, रंगदारी, हत्या का प्रयास, लूटपाट, धमकी देने और सरकारी जमीनों पर अवैध कब्जे व उनकी बिक्री जैसे कई संगीन आपराधिक मामले दर्ज हैं।
इन तीनों कुख्यात अपराधियों को काफी मशक्कत के बाद पहले ही गिरफ्तार कर लिया गया था और उन्हें नई दिल्ली की तिहाड़ जेल में उच्च सुरक्षा के बीच रखा गया था। इसी जेल से सोहराब को कुछ दिनों के लिए पैरोल मिली थी, जिसका उसने दुरुपयोग किया और वापस न लौटकर फरार हो गया। उसकी इस फरारी ने पुलिस और प्रशासन के लिए एक नई चुनौती पेश कर दी है, क्योंकि एक खूंखार अपराधी का खुले घूमना सार्वजनिक सुरक्षा के लिए खतरा है। एसटीएफ और पुलिस टीमें अब उसकी संभावित ठिकानों पर छापेमारी कर रही हैं और उसे जल्द से जल्द दोबारा सलाखों के पीछे पहुंचाने का प्रयास कर रही हैं।