आकाशीय वज्रपात का कहर: जौनपुर में जामुन के पेड़ के नीचे बैठी महिला की मौत, एक अन्य गंभीर रूप से झुलसी

आकाशीय वज्रपात का कहर: जौनपुर में जामुन के पेड़ के नीचे बैठी महिला की मौत, एक अन्य गंभीर रूप से झुलसी

आकाशीय वज्रपात का कहर: जौनपुर में जामुन के पेड़ के नीचे बैठी महिला की मौत, एक अन्य गंभीर रूप से झुलसी

जौनपुर, 11 जुलाई । जौनपुर जिले में आकाशीय बिजली का कहर शुक्रवार दोपहर उस समय टूट पड़ा जब जफराबाद थाना क्षेत्र के गोंडा खास गांव में एक जामुन के पेड़ के नीचे बैठी महिला वज्रपात की चपेट में आ गई, जिससे उसकी मौके पर ही दर्दनाक मौत हो गई। इस भीषण घटना में पास बैठी एक अन्य महिला भी गंभीर रूप से झुलस गई, जिसे उपचार के लिए अस्पताल में भर्ती कराया गया है। सूचना मिलते ही स्थानीय पुलिस और राजस्व विभाग के अधिकारी मौके पर पहुंच गए और आवश्यक कानूनी कार्रवाई शुरू कर दी।

पुलिस से मिली जानकारी के अनुसार, यह हृदयविदारक घटना शुक्रवार दोपहर करीब 2 बजे उस वक्त हुई जब गोंडा खास गांव निवासी अनुराधा गौड़ (पत्नी दिलीप गौड़), घर का निजी कार्य निपटाने के बाद, अपने घर से थोड़ी दूर स्थित एक विशाल जामुन के पेड़ के नीचे बैठी हुई थी। अचानक मौसम ने करवट ली और काले बादलों के साथ तेज गर्जना हुई। इसी दौरान एक प्रचंड आकाशीय बिजली सीधे उसी जामुन के पेड़ पर गिरी। बिजली का प्रहार इतना तीव्र था कि अनुराधा गौड़ ने मौके पर ही दम तोड़ दिया। उनके कुछ ही दूरी पर बैठी गांव की ही एक अन्य महिला, सावित्री देवी भी इस वज्रपात की चपेट में आकर बुरी तरह झुलस गईं।

घटना के चश्मदीदों और ग्रामीणों ने बताया कि आकाशीय बिजली का प्रभाव इतना जबरदस्त था कि आसपास के लोग सहम गए। घटनास्थल के पास से गुजर रहा 33 हजार वोल्ट का विद्युत तार भी चिंगारी के साथ सांप की तरह लहरा उठा, जिससे पूरे इलाके में दहशत फैल गई। जिस जामुन के पेड़ पर बिजली गिरी थी, उसकी डालियां और तना इस कदर क्षतिग्रस्त हुए कि उनके चीथड़े उड़कर करीब 50 मीटर दूर तक जा गिरे। यह भयावह मंजर बिजली की प्रचंड शक्ति का गवाह था।

सूचना मिलते ही जाफराबाद पुलिस चौकी इंचार्ज राधेश्याम तुरंत दल-बल के साथ मौके पर पहुंचे। उन्होंने ग्रामीणों की मदद से मृतक अनुराधा गौड़ के शव का पंचनामा तैयार कर उसे पोस्टमार्टम के लिए जिला अस्पताल भेज दिया। वहीं, गंभीर रूप से झुलसी सावित्री देवी को तत्काल उपचार के लिए एक निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां उनकी हालत गंभीर बनी हुई है।

घटना की गंभीरता को देखते हुए नायब तहसीलदार और लेखपाल भी शीघ्र ही घटनास्थल पर पहुंचे। उन्होंने पीड़ित परिवार को आपदा राहत कोष के अंतर्गत मिलने वाले सरकारी सहायता के लिए आवश्यक औपचारिकताएं पूरी कीं और जल्द से जल्द सहायता उपलब्ध कराने का आश्वासन दिया। इस दुखद घटना से पूरे गांव में मातम पसर गया है और लोग स्तब्ध हैं। यह घटना क्षेत्र में आकाशीय बिजली से बचाव को लेकर जागरूकता की आवश्यकता पर बल देती है। स्थानीय प्रशासन ने लोगों से खराब मौसम के दौरान पेड़ों और बिजली के खंभों से दूर रहने की अपील की है।