यूपी लोक सेवा आयोग की एपीओ 2025 भर्ती में आरक्षण का मामला पहुंचा हाईकोर्ट
--हाईकोर्ट ने आयोग के अधिवक्ता से मांगा जवाब --18 जून को होगी मामले की सुनवाई
प्रयागराज, 16 जून । इलाहाबाद उच्च न्यायालय ने यूपी लोक सेवा आयोग की एपीओ 2025 की प्रारंभिक परीक्षा के रिजल्ट को चुनौती देने वाली याचिका पर मंगलवार काे हुई सुनवाई के बाद यूपी लोक सेवा आयोग के अधिवक्ता से कोर्ट को जरूरी जानकारी उपलब्ध कराने का निर्देश दिया है।
कोर्ट ने आरक्षण नियमों का उल्लंघन करने पर प्रारंभिक परिणाम को चुनौती देने वाली याचिका पर सुनवाई करते हुए यूपी लोक सेवा आयोग के अधिवक्ता से विशेष रूप से यह जानना चाहा कि याचिका दायर करने वाले तीनों याचिकाकर्ताओं ने संबंधित भर्ती प्रक्रिया में फॉर्म भरते वक्त आयु-सीमा में छूट अथवा कोई अन्य लाभ लिया है कि नहीं। वहीं याचिकाकर्ताओं की ओर से कोर्ट में मौजूद अधिवक्ता ने अदालत को बताया कि तीनों याचिकाकर्ताओं ने भर्ती प्रक्रिया में किसी प्रकार का आयु सीमा सम्बन्धी छूट का लाभ प्राप्त नहीं किया है। कोर्ट ने दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद लोक सेवा आयोग के अधिवक्ता से इस संबंध में स्पष्ट इंस्ट्रक्शन लेने को कहा है। जिस पर आयोग की ओर से कोर्ट में उपस्थित अधिवक्ता ने अदालत से समय मांगी। कोर्ट ने इंस्ट्रक्शन प्राप्त करने के लिए मोहलत देते हुए मामले की सुनवाई के लिए अगली तारीख 18 जून नियत की है।
यह आदेश जस्टिस कुणाल रवि सिंह ने पंकज वर्मा व 2 अन्य की ओर से दायर याचिका पर पारित किया है।
मालूम हो कि याची पंकज वर्मा और दो अन्य ने यूपी लोक सेवा आयोग के 09 जनवरी 2020 को जारी ऑफिस मेमोरेंडम और यूपी एपीओ 2025 की प्रारंभिक परीक्षा के रिजल्ट को याचिका दायर कर चुनौती दी है। याचियों का कहना है कि मेरिटोरियस रिजर्व्ड कैटेगरी कैंडिडेट्स को प्रीलिम्स परीक्षा में ओपन केटेगरी में स्थान नहीं दिया गया है और उन्हें उनकी ही केटेगरी में रखा गया है। इसलिए आरक्षण का लाभ नहीं दिया गया है। जिससे याचियों का चयन प्रारंभिक परीक्षा में नहीं हो सका है।
कहा गया है कि ऑफिस मेमोरेंडम और प्रीलिम्स रिजल्ट को निरस्त किया जाए और मेंस परीक्षा को स्थगित किया जाए। मेरिटोरियस रिजर्व्ड कैटेगरी के अभ्यर्थियों को प्रीलिम्स परीक्षा में ओपन केटेगरी में स्थान देते हुए प्रारंभिक परीक्षा का रिजल्ट फिर से बनाने का आदेश दिया जाए। क्योंकि लोक सेवा आयोग का ऑफिस मेमोरेंडम ये कहता है कि आरक्षण का लाभ चयन के अंतिम चरण में दिया जाएगा। जो कि यूपी रिजर्वेशन एक्ट, 1994 की धारा 3(6) और सुप्रीम कोर्ट द्वारा दीपेंद्र यादव और सौरव यादव में दिए गए निर्णयों के विपरीत है।
बता दें कि उत्तर प्रदेश सहायक अभियोजन अधिकारी 2025 प्रारंभिक परीक्षा का रिजल्ट 30 अप्रैल 2026 को यूपी लोक सेवा आयोग द्वारा घोषित किया गया था। जिसकी मुख्य परीक्षा 28 जून से 30 जून के बीच होनी है।