गंगा में हजारों मछलियों की मौत से हड़कंप, प्रदूषण और केमिकलयुक्त पानी पर उठे सवाल

गंगा में हजारों मछलियों की मौत से हड़कंप, प्रदूषण और केमिकलयुक्त पानी पर उठे सवाल

गंगा में हजारों मछलियों की मौत से हड़कंप, प्रदूषण और केमिकलयुक्त पानी पर उठे सवाल

कानपुर, 13 जून। जाजमऊ क्षेत्र में गंगा नदी में शनिवार को बड़ी संख्या में मछलियों के मृत मिलने से इलाके में चिंता और नाराजगी का माहौल है। नदी के किनारे दूर-दूर तक मरी हुई मछलियां दिखाई देने के बाद स्थानीय लोगों ने इसकी सूचना प्रशासन को दी। देखते ही देखते मौके पर लोगों की भीड़ जुट गई और मामले की जांच की मांग उठने लगी।

प्रत्यक्षदर्शी विकास के अनुसार नदी किनारे पहुंचने पर हजारों की संख्या में मछलियां पानी में तैरती और किनारों पर पड़ी मिलीं। कुछ लोगों ने मृत मछलियों को बोरे में भरकर प्रशासन का ध्यान आकर्षित करने का प्रयास भी किया। घटना के बाद लोगों ने आशंका जताई कि नदी में किसी प्रकार का दूषित या रासायनिक युक्त पानी छोड़े जाने से यह स्थिति पैदा हुई है।

सूचना मिलने पर डायल 112 और जाजमऊ थाना पुलिस मौके पर पहुंची। पुलिस ने लोगों से बातचीत कर पूरे मामले की जानकारी जुटाई और संबंधित विभागों को भी अवगत कराया। क्षेत्रीय लोगों का कहना है कि समय-समय पर गंगा में प्रदूषण की शिकायतें सामने आती रही हैं, लेकिन प्रभावी कार्रवाई न होने से समस्या लगातार बनी हुई है।

स्थानीय निवासियों ने आरोप लगाया कि जाजमऊ क्षेत्र के नालों और कुछ औद्योगिक इकाइयों से निकलने वाला दूषित पानी गंगा में पहुंच रहा है, जिससे जलीय जीवों पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ रहा है। लोगों का कहना है कि यदि समय रहते निगरानी और जांच की जाती तो इतनी बड़ी संख्या में मछलियों की मौत नहीं होती।

घटना के बाद प्रशासनिक अधिकारियों ने मौके का जायजा लिया और जांच शुरू कराई। जल एवं अन्य संबंधित विभागों की टीमों को नमूने एकत्र कर परीक्षण कराने के निर्देश दिए गए हैं। रिपोर्ट आने के बाद ही मछलियों की मौत के वास्तविक कारणों का पता चल सकेगा।

जिलाधिकारी जितेंद्र प्रताप सिंह ने बताया कि गंगा में मछलियों के मरने की सूचना मिलने के बाद संबंधित विभागों को तत्काल मौके पर भेजा गया है। यदि किसी संस्था, इकाई या व्यक्ति की लापरवाही अथवा प्रदूषण फैलाने की भूमिका सामने आती है तो उसके खिलाफ नियमानुसार सख्त कार्रवाई की जाएगी।