लेखपालों ने वेतन वृद्धि, पदनाम बदलने की मांग को लेकर किया प्रदर्शन

लेखपालों ने वेतन वृद्धि, पदनाम बदलने की मांग को लेकर किया प्रदर्शन

लेखपालों ने वेतन वृद्धि, पदनाम बदलने की मांग को लेकर किया प्रदर्शन

सुलतानपुर, 15 नवंबर । उत्तर प्रदेश लेखपाल संघ ने शनिवार को जिले की तहसील पर प्रदर्शन किया। उन्होंने मुख्यमंत्री को सम्बोधित एक मांग पत्र एसडीएम सदर बिपिन द्विवेदी को सौंपा। इसमें लेखपालों की प्रमुख मांगों में वेतन वृद्धि और पदनाम को 'उप राजस्व निरीक्षक' में बदलना शामिल है।

संघ ने नौ साल से लम्बित मांगों को उठाया, जिनमें लेखपाल पद की शैक्षणिक योग्यता और पदनाम में परिवर्तन, प्रारंभिक वेतनमान का उच्चीकरण और एसीपी विसंगतियां दूर करना शामिल है। इसके अतिरिक्त, मृतक आश्रित लेखपालों के लिए पुरानी पेंशन विसंगति को ठीक करने, राजस्व निरीक्षक और नायब तहसीलदार के अतिरिक्त पद सृजित करने की मांग की गई है। लेखपालों ने स्टेशनरी भत्ता सौ रुपये से बढ़ाकर एक हजार रुपये करने, नियत यात्रा भत्ते के स्थान पर वाहन भत्ता या मोटरसाइकिल भत्ता देने और विशेष वेतन भत्ता एक सौ रुपये से बढ़ाकर एक हजार रुपये प्रति माह करने की भी मांग की। संघ का कहना है कि ये मूल मांगें परिषद और शासन स्तर पर विभागीय सहमति के बावजूद लम्बित हैं।

संघ ने बताया कि लगभग तीन हजार लेखपाल अपने परिवारों से पांच सौ से एक हजार किलोमीटर दूर कार्यरत हैं। अंतरमंडलीय स्थानांतरण के लिए 23 अगस्त 2018 को जारी शासनादेश के तहत ऑनलाइन आवेदन मांगे गए थे, लेकिन स्थानांतरण सूची अभी तक जारी नहीं की गई है, जबकि अन्य विभागों में हजारों कर्मचारियों के स्थानांतरण हो चुके हैं। इसके अलावा इसी साल दो जुलाई और तीन सितंबर को दिए गए निर्देशों के बावजूद, राजस्व निरीक्षक पदों पर पदोन्नति के लिए चयन वर्ष 2025-26 की डीपीसी अभी तक नहीं हो सकी है।

जिलाध्यक्ष सुनील कुमार सिंह ने शनिवार को बताया कि 2016 से उनकी आठ सूत्रीय मांगें हैं, जिन्हें ज्ञापन के माध्यम से शासन तक पहुंचाया गया है। प्रदेश कार्यकारिणी के आह्वान पर वे फिर से यहां एकत्रित हुए हैं। उन्होंने 1994 से पहले के लेखपालों के लिए 4600 रुपये के ग्रेड पे और 1994 के बाद कार्यरत लेखपालों के लिए 4200 रुपये के ग्रेड पे (छठे वेतन आयोग के तहत) में विसंगति का उल्लेख किया, जिसके कारण बाद वाले 4200 रुपये पर ही सेवानिवृत्त हो रहे हैं।

श्री सिंह ने आगे कहा कि वर्तमान में सभी कार्य तकनीकी और ऑनलाइन हो गए हैं, और कार्यों को तुरंत पूरा करने की मांग की जाती है। इसलिए, भत्तों में वृद्धि की मांग की जा रही है, जिसमें वाहन भत्ता और मोटरसाइकिल भत्ता शामिल है। उनकी एक और प्रमुख मांग राजस्व लेखपाल का नाम बदलकर 'राजस्व उप निरीक्षक' करना है।