एग्रोटेक कंपनी के फ्राड की विवेचना की प्रगति रिपोर्ट एक माह में पेश करने का निर्देश

एग्रोटेक कंपनी के फ्राड की विवेचना की प्रगति रिपोर्ट एक माह में पेश करने का निर्देश

एग्रोटेक कंपनी के फ्राड की विवेचना की प्रगति रिपोर्ट एक माह में पेश करने का निर्देश

 इलाहाबाद उच्च न्यायालय ने मातृ पितृ सहयोग एग्रोटेक कंपनी के निवेशकों के साथ धोखाधड़ी मामले में पुलिस विवेचना अधिकारी सौरभ पांडेय को निर्देश दिया है कि पीड़ितों का बयान दर्ज कर एक माह में प्रगति रिपोर्ट पेश करें। साथ ही सहायक पुलिस कमिश्नर सोरांव को इस मामले में लापरवाही के दोषी पुलिस अधिकारियों के खिलाफ विभागीय जांच की कार्यवाही रिपोर्ट मांगी है।

कोर्ट ने कंपनी के एजेंट मोहम्मद वसीम को मिली अंतरिम जमानत अगली सुनवाई की तिथि तक बढ़ा दी है। अर्जी की सुनवाई 25 मार्च को होगी। यह आदेश न्यायमूर्ति अरुण कुमार सिंह देशवाल ने शुक्रवार काे मोहम्मद वसीम की जमानत अर्जी की सुनवाई करते हुए दिया है। कोर्ट के निर्देश पर 27 फरवरी को विवेचना अधिकारी सौरभ पांडेय व ए सी पी सोरांव, श्यामजीत प्रमिला सिंह ने कोर्ट में हाजिर होकर मामले में उठाए गए कदमों की जानकारी दी।

विवेचना अधिकारी ने बताया कि कंपनी रजिस्ट्रार से कंपनी का डाटा प्राप्त हुआ है। अतुल कुमार शर्मा, श्याम जी विश्वकर्मा व राजेश कुमार सिंह कंपनी के डायरेक्टर थे। जिन्होंने 31 नवंबर 2008 को अपना डिन नंबर समर्पित कर दिया है। मातृ पितृ सहयोग एग्रोटेक कंपनी का गठन 24 जून 14 को किया गया था। एक डायरेक्टर श्यामजी विश्वकर्मा को गिरफ्तार किया गया है। उन्हाेंने बताया कि इस मामले की विवेचना एक माह में पूरी कर ली जाएगी।

सहायक पुलिस कमिश्नर सोरांव ने बताया कि एक माह में लापरवाही बरतने के दोषी पुलिस कर्मियों के खिलाफ विभागीय कार्यवाही की जाएगी। जिस पर कोर्ट ने विवेचना अधिकारी को अन्य पीडितों का बयान दर्ज करने का आदेश दिया और विवेचना की प्रगति रिपोर्ट मांगी है।