आज़मगढ़ में जाली नोट छापने वाले गिरोह का भंडाफोड़, आठ सदस्य गिरफ्तार

आज़मगढ़ में जाली नोट छापने वाले गिरोह का भंडाफोड़, आठ सदस्य गिरफ्तार

आज़मगढ़ में जाली नोट छापने वाले गिरोह का भंडाफोड़, आठ सदस्य गिरफ्तार

आज़मगढ़, 06 मार्च। उत्तर प्रदेश के आजमगढ जिले के रौनापार थाना क्षेत्र में पुलिस ने जाली करेंसी बनाने वाले गिरोह का भंडाफोड़ करते हुए गिरोह के आठ आरोपितों को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने इनके पास से करीब 1.19 लाख रुपये की जाली मुद्रा, नोट छापने के उपकरण, लैपटॉप, प्रिंटर, सात मोबाइल फोन और एक कार बरामद की है।

पुलिस लाइन सभागार में शुक्रवार को खुलासा करते हुए पुलिस अधीक्षक ग्रामीण चिराग जैन ने बताया कि रौनापार थानाध्यक्ष मंतोष सिंह अपनी टीम के साथ क्षेत्र में चेकिंग कर रहे थे। इस दौरान पुलिस को सूचना मिली कि टेकनपुर पुलिया के पास एक सफेद कार में कुछ लोग जाली नोटों का लेनदेन कर रहे हैं। सूचना के आधार पर पुलिस ने तीन टीमें बनाकर टेकनपुर पुलिया के पास घेराबंदी की और करीब साढ़े बारह बजे छह आरोपितों को मौके से गिरफ्तार कर लिया।

गिरफ्तार आरोपितों में नितिन सिंह उर्फ भोला, ऋषिकेश सिंह उर्फ शनि, अभिषेक सिंह उर्फ कान्हा, आदित्य सिंह उर्फ चंकी, शिवम सिंह उर्फ विदुर निवासीगण बरडीहा थाना रौनापार तथा मुन्ना पांडेय निवासी बड़हलगंज गोरखपुर शामिल हैं। पुलिस अधीक्षक ग्रामीण ने बताया कि आरोपितों से पूछताछ और निशानदेही पर ग्राम जगदीशपुर थाना जीयनपुर से मनोज कुमार और रुद्र पांडेय को भी जाली नोट बनाने में प्रयुक्त उपकरणों के साथ गिरफ्तार किया गया।

पूछताछ में आरोपितों ने बताया कि इस गिरोह का सरगना मनीष मिश्रा है, जो अपने साथियों के साथ लैपटॉप और प्रिंटर की मदद से ए-4 साइज के पेपर पर जाली नोट छापता था। इसके बाद पेपर कटर से काटकर उन्हें असली नोटों के आकार में तैयार किया जाता था। गिरोह के सदस्य जाली नोटों को असली नोटों की गड्डियों के बीच रखकर बाजारों और दुकानों में चलाते थे, जिससे लोग आसानी से पहचान नहीं कर पाते थे।

पुलिस ने आरोपितों के पास से 1.19 लाख रुपये की जाली मुद्रा, ए-4 पेपर पर छपे जाली नोट, लैपटॉप, प्रिंटर, इंक बोतलें, पेपर कटर, की-बोर्ड, डिस्क ड्राइव, सात मोबाइल फोन और एक कार बरामद की है। गिरोह के अन्य सदस्यों के बारे में जानकारी जुटाई जा रही है।