जानलेवा कफ सिरप का काला कारोबार: वाराणसी में कांग्रेस ने उठाई आवाज़, शासन-प्रशासन पर गंभीर आरोप
जानलेवा कफ सिरप का काला कारोबार: वाराणसी में कांग्रेस ने उठाई आवाज़, शासन-प्रशासन पर गंभीर आरोप
वाराणसी, 22 नवंबर । प्रधानमंत्री के संसदीय क्षेत्र वाराणसी की पावन भूमि पर नशीले और जानलेवा कफ सिरप का अवैध व्यापार जिस तरह खुलेआम फल-फूल रहा है, वह न केवल कानून-व्यवस्था पर सवाल खड़े करता है, बल्कि शासन-प्रशासन की कार्यप्रणाली और डबल इंजन सरकार के दावों पर भी गंभीर प्रश्नचिह्न लगाता है। इसी गंभीर चिंता को लेकर बीते शनिवार को कांग्रेस पार्टी के एक प्रतिनिधिमंडल ने वाराणसी पुलिस कमिश्नर मोहित अग्रवाल के कार्यालय का घेराव किया और इस जानलेवा कारोबार पर तत्काल रोक लगाने की मांग की।
पुलिस कमिश्नर कार्यालय में सौंपा ज्ञापन, उठाए गंभीर सवाल
पुलिस कमिश्नर की अनुपस्थिति में, कांग्रेस प्रतिनिधिमंडल ने अपनी मांगों का ज्ञापन एसीपी कैंट को सौंपा। पार्टी के महानगर अध्यक्ष राघवेंद्र चौबे के नेतृत्व में सौपे गए इस पत्रक के बाद, चौबे ने मीडिया से बात करते हुए बताया कि वाराणसी में जानलेवा कफ सिरप का अवैध व्यापार होना अपने आप में शासन-प्रशासन की नाकामी का सबसे बड़ा प्रमाण है।
चौबे ने तल्ख लहजे में कहा, "प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के संसदीय क्षेत्र वाराणसी में, वह भी पुलिस कमिश्नरेट जैसी उच्च सुरक्षा व्यवस्था के बीच, नशीली और जानलेवा कफ सिरप का अवैध कारोबार जिस तरह खुलेआम पनप रहा है, यह केवल कानून-व्यवस्था की नहीं बल्कि सीधे तौर पर सरकार की असफलता है।" उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि यह प्रकरण सत्ता संरक्षण के गंदे चेहरे को उजागर करता है।
"डबल इंजन सरकार हर मोर्चे पर फेल, काशी की छवि हो रही कलंकित"
कांग्रेस ने आरोप लगाया कि "यह सरकार हर मोर्चे पर फेल है।" प्रधानमंत्री के संसदीय क्षेत्र में नशे का यह जहरीला कारोबार फल-फूल रहा है और डबल इंजन की सरकार हाथ पर हाथ धरे बैठी है। चौबे ने यह भी याद दिलाया कि जिस शहर में मुख्यमंत्री हर हफ्ते दौरा करते हों, वहां कानून-व्यवस्था की यह बदहाली आखिर किस ओर इशारा करती है, यह जनता भली-भांति समझ रही है। उनका साफ कहना था कि कफ सिरप माफिया पर कार्रवाई नहीं होना यह बताता है कि इनके पीछे कोई बड़ा राजनीतिक संरक्षण है, जो काशी की पवित्र भूमि की छवि को कलंकित कर रहा है।
कांग्रेस प्रतिनिधिमंडल की प्रमुख मांगें:
कांग्रेस ने इस गंभीर "राज्यव्यापी स्वास्थ्य खतरा" को देखते हुए प्रशासन से तत्काल और प्रभावी कार्रवाई की मांग की है। उनकी प्रमुख मांगें इस प्रकार हैं:
- मुख्य आरोपियों और संरक्षकों की तत्काल गिरफ्तारी: इस पूरे अवैध नेटवर्क के सरगनाओं और उन्हें संरक्षण देने वालों को तुरंत गिरफ्तार किया जाए।
- अवैध संपत्तियों का अधिग्रहण व कुर्की: इस नेटवर्क से जुड़ी सभी अवैध संपत्तियों का तत्काल अधिग्रहण और कुर्की की जाए।
- भाजपा नेताओं से जुड़े नामों की निष्पक्ष जांच: यदि इस प्रकरण में भाजपा नेताओं से जुड़े किसी भी नाम का खुलासा होता है, तो उसकी निष्पक्ष और स्वतंत्र जांच कराई जाए।
- विशेष टीम द्वारा छापेमारी: कफ सिरप माफिया के गोदामों, सप्लाई चेन और वितरकों पर पुलिस की विशेष टीम बनाकर बड़े पैमाने पर छापेमारी की जाए।
- बड़ी जांच एजेंसी को जांच: यह एक गंभीर और राज्यव्यापी स्वास्थ्य खतरा है, इसलिए इस पूरे प्रकरण की जांच किसी बड़ी और स्वतंत्र एजेंसी को सौंपी जाए।
- सार्वजनिक रिपोर्ट जारी की जाए: पूरे प्रकरण की निष्पक्ष जांच के बाद एक सार्वजनिक रिपोर्ट जारी की जाए, ताकि जनता को सच्चाई का पता चल सके।
यह देखना होगा कि कांग्रेस के इन गंभीर आरोपों और मांगों पर पुलिस प्रशासन और सरकार क्या कदम उठाती है। वाराणसी जैसे महत्वपूर्ण शहर में जानलेवा नशे का यह कारोबार वाकई चिंताजनक है और इस पर त्वरित कार्रवाई समय की मांग है।